Thursday, 8 September 2011

नहर से नहीं है मतलब, बाढ़ नहीं आनी चाहिए, hansi-butana, dhermehri, flood protection, farmer's agitation,

-क्षेत्र के हर किसान के पास है बाढ़ रोकने योजना
-नहर बनने से रोकना सरकार का काम, हमे साइफन व घग्गर की समुचित व्यवस्था चाहिए: पंजाब व हरियाणा के किसानों की एक आवाज
भूपेश चट्ठा, धर्मेहड़ी (पटियाला)
'मारकंडा का पानी घग्गर में ना डाला जाए, इसे एक पुरानी प्राकृतिक ड्रेन को जिंदा करते हुए निकाला जाए और सिंचाई के काम में लिया जाए...Ó। 'चीका से होकर निकलने वाली घग्गर नदी की ब्रांच को फिर से चलाया जाए ताकि पानी का बंटवारा हो और एक जगह पर बाढ़ ना आए...Ó। साइफन चौड़े हों..., 'हांसी बुटाना नहर को चार किलोमीटर तक भूमिगत कर दिया जाए...Ó, घग्गर नदी को एक हजार फुट चौड़ा करने के साथ गहराई तीस फुट की जाए...इत्यादि। 
 पंजाब हरियाणा की सीमा पर पटियाला-चीका रोड पर रहने वाले हर किसान के पास क्षेत्र में बाढ़ रोकने की योजना है। उसने ड्रेनेज सिस्टम पर ये महारथ पीढिय़ों से आती रही बाढ़ से जूझने के बाद सीखी है। उसका अनुभव उसे कहता है कि बाढ़ रोकने के यही कारगर तरीके हैं। इनके विपरीत यदि कुछ किया जाता है तो बाढ़ ज्यादा आएगी और नुकसान कम होने की बजाए बढ़ जाएगा।
दिलचस्प है कि नहर के साथ बन रही दीवार के विरोध में उतरे किसानों से 'दैनिक जागरणÓ की बातचीत में सामने आया कि किसानों को नहर से कोई 'एतराजÓ नही हंै, लेकिन उनके क्षेत्र में बाढ़ नही आनी चाहिए। 


'बाढ़ रोकने के कई उपाय हैं लेकिन सरकारें हैं कि अपनी-अपनी अड़ी पर ही अड़ी हैं हमारी सुनी ही नहीं जा रहीÓ
हरभजन सिंह चट्ठा गांव धर्मेहड़ी, पंजाब


'सरकारें आती हैं, फोटो खिंचवा कर चली जाती हैं, सदियों से संताप झेल रहे हैं, बाढ़ का उपाय तो किया नहीं अब एक और जिन्न ला कर खड़ा कर दिया है, अब उसके भी पंख लगाए जा रहे हैंÓ
गुरनाम सिंह गांव धर्मेहड़ी, पंजाब



'नहर तो बन गई है, उसे हटाना या रखना सरकार का काम है, पर बाढ़ रुकनी ही चाहिए, ये दोनों से ज्यादा जरूरी हैÓ
मुख्तयार सिंह गांव खमेहड़ा हरियाणा




'हम नहर के विरोधी नहीं है पर हट जाए तो अच्छा। सबसे ज्यादा जरूरी है कि पानी की निकासी प्राकृतिक तरीके से ही होनी चाहिए। ये सरकारें चाहे हरियाणा की है या केंद्र की प्राकृति से लड़ रही हैं ओर हमें दांव पर लगा रखाÓ
महल सिंह पूर्व सरपंच




'घग्गर नदी को चौड़ा और गहरा करने के अलावा मानसून के दिनों में आने वाले फ्लैश फ्लड के हिसाब से हांसी बुटाना नहर पर साइफन बनाए जाएं और ये सब हर उस जगह पर हों जहां पिछले सीजनों में नहर टूटी हैÓ
सोहन सिंह गांव राम नगर, पंजाब

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