भूपेश चट्ठा, पटियाला दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने धान की फसल को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। फसल कितने फीसदी खराब हुई है इसका आंकलन तो धूप निकलने के बाद ही हो पाएगा, लेकिन बारिश ने धान की गुणवत्ता पर सीधा असर डाल दिया है।
पंजाब कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर बीज डा. बीएस सोहल बताते हैं कि इन दिनों में होने वाली बारिश को ठीक कहा ही नहीं जा सकता। इसके बाद आने वाली बारिश और खतरनाक साबित होगी। धान के पौधे पर सीधे पड़ी पानी की बौछारें और हवा से बालियों से दाने झड़ जाते हैं और जहां पर दाने नहीं हुए हैं वहां पानी लगने से थोथे रह जाते हैं। अन्य फसलों पर तो विशेष असर नहीं होता पर प्रदेश की खरीफ की मुख्य फसल धान के मामले में पॉलीनेशन नहीं होने से दाने बालियों में पूरे नहीं पड़ते हैं। पौधे गिरने से दाने का छिलका बदरंग हो जाता है। इसका चावल भी बदरंग अथवा मटमेला भूरा होता है। जिसे मंडी में बेचने में भी खासी परेशानी आती है।
धर्मेहड़ी गांव के किसान हरभजन सिंह बताते हैं कि जिन किसानों ने धान की बिजाई और रोपाई देरी से की थी उन्हें इस बारिश में भी नुकसान नहीं हुआ है। पंजाब हरियाणा सीमा पर बाढ़ की मार तले आने वाले ज्यादातर क्षेत्र में कुछ ऐसा ही माहौल है।
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