Saturday, 3 November 2012

अब टयूबवेलों पर लगेंगे बिजली मीटर


-कितनी बिजली गई कृषि क्षेत्र को? और कृषि के नाम पर खपी? पता करेगा पावरकाम
-11.60 लाख टयूबवेलों में से पहले चरण पर दस फीसद पर लगेंगे
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब में कृषि क्षेत्र को बिजली चाहे मुफ्त में दी जा रही हो लेकिन इस अनुदान पर कितना खर्च हो रहा है इसकी जानकारी जुटाने का सिलसिला अब शुरु होने जा रहा है। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने निर्णय लिया है कि कृषि क्षेत्र को दी जा रही बिजली का आंकलन किया जाए,। इसके लिए अब खेतों में लगे टयूबवेलों पर बिजली मीटर लगाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि बिजली अधिनियम 2003 के तहत किसी भी क्षेत्र को दी जाने वाली बिजली चाहे वह मुफ्त ही क्यों ना हो, उस बिना गणना के नहीं दिया जा सकता पंजाब में उक्त अधिनियम लागू हुए दो साल हो गए हैं। अब पावरकाम की ओर से आटोमेटिड मीटरिंग सिस्टम के तहत देखा जाएगा कि कृषि क्षेत्र को कितनी बिजली दी जा रही है? और कृषि क्षेत्र के नाम पर कितनी बिजली खपाई जा रही है। पावरकाम के अधिकारिक सूत्र बताते हैं कि राच्य के खेतों में लगे 11.60 लाख टयूबवेलों पर मीटर लगाए जाएंगे  इनमें से पहले चरण में दस फीसद कनेक्शनों पर मीटर लगाए जाएंगे।
दिलचस्प है कि पावरकाम के इंजीनियरों पर आरोप लगते रहे हैं कि ट्रांसमिशन एंव डिस्ट्रीब्यूशन लासेज के नाम पर होने वाली बिजली की चोरी को कृषि क्षेत्र के नाम पर डाल दिया जाता है। राच्य में गिरते भूमिगत जल स्तर के चलते हर चार-पांच साल पर मोटर बड़ी लगानी पड़ रही है। जिसके चलते बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है।

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