Friday, 16 November 2012

अगले साल फिर आएंगे एरियर वाले बिजली बिल!


-अगले साल के राजस्व व खर्च का अनुमान पावरकाम नहीं लगा पाया
-30 नवंबर तक पीएसईआरसी के पास दायर करनी होती है एआरआर
भूपेश चट्ठा, पटियाला
कृषि क्षेत्र को छोड़ प्रदेश का हर बिजली उपभोक्ता इस साल बिजली बिलों की मार तले आया है। सात शहरों में एक साफ्टवेयर में गड़बड़ी के चलते जहां तीन से चार महीनों के बिल एक साथ आए वहीं सितंबर के बाद से आने वाला बिजली बिल एरियर के साथ आया है। दिलचस्प है कि बजट गड़बड़ देने वाले इन एरियर वाले बिजली बिलों से आम आदमी को छुटकारा अगले साल भी नहीं मिलने वाला।
कारण है कि अगले वित्तिय वर्ष के लिए राजस्व व खर्च का अनुमान पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड अभी तक नहीं लगा पाया है। पावरकाम की ओर से हर साल 30 नवंबर तक वार्षिक राजस्व रिपोर्ट तैयार कर पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन, पीएसईआरसी के पास दायर करनी होती है, लेकिन इस साल अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है और पावरकाम के चेयरमैन इंजी. केडी चौधरी दो सप्ताह के विदेश दौरे पर चले गए हैं।
 पीएसईआरसी के पास दायर की जाने वाली वार्षिक राजस्व रिपोर्ट एआरआर के साथ ही शुल्क संशोधन याचिका भी पावरकाम की ओर से दायर की जाती है। राजस्व के अलावा थर्मल प्लांटों में ईंधन, बिजली खरीदने के मुख्य खर्च के अलावा कर्मियों के वेतन व पेंशन पर होने वाले  खर्च के बाद हुए घाटे अथवा लाभ को सामने रख कर अगले साल के लिए बिजली शुल्क का संशोधन मांगा जाता है।
एआरआर दायर करने के बाद 120 दिनों का समय पीएसईआरसी की ओर से एतराज व फीडबैक लेने के लिए रखा गया है। उपभोक्ता, सरकार व पावरकाम के बीच कड़ी का काम करने वाला पीएसईआरसी इसके बाद बिजली दरों की घोषणा कर देता है।
वहीं पावरकाम के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि इस बार अभी तक एआरआर तैयार करने की गति खासी धीमी है। संभव है कि अगले एक महीने तक यह तैयार ही ना हो पाए। इसके बाद होने वाली पावरकाम प्रबंधन की बैठक में इसे पारित करवाने के अलावा ऊर्जा मंत्रालय के समक्ष रख कर स्वीकृति ली जाती है। इस प्रक्रिया में लगने वाले समय से अभ्यस्त पावरकाम के ही एक अधिकारी बताते हैं कि इस बार एआरआर अगले साल जनवरी में ही दायर हो पाएगी। ऐसे में एक अप्रैल से लागू होने वाली बिजली दरें एक बार फिर देरी से लेकिन पिछली तारीखों से ही लागू होंगी। ऐसे में एरियर के साथ आने वाले भारी भरकम बिजली बिल फिर परेशान करने तय हैं।
डायरेक्टर फाइनेंस सुभाष अरोड़ा ने इस संबंध में प्रतिक्रिया देने में अस्मर्थता व्यक्त की है।

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