-बैंकिंग के माध्यम से दी जाने वाली बिजली दो दिनों के लिए सस्पेंड
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब इस साल करीब चार सौ मेगावाट बिजली से दीवाली की रात रोशन होने जा रही है। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से दीवाली की रात किए गए बिजली प्रबंध अनुसार बिजली की मांग में साढ़े तीन सौ से चार सौ मेगावाट की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि राज्य में इन दिनों कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग खासी कम होने के चलते राज्य को दीवाली की रात के लिए बाहर से बिजली खरीद के ज्यादा प्रबंध नहीं करने पड़ रहे हैं।
पावरकाम के अधिकारी बताते हैं कि धान का सीजन समाप्त होने के बाद अन्य राज्यों को बैंकिंग के माध्यम से देनी शुरु की गई दो सौ मेगावाट बिजली को दो दिनों के लिए सस्पेंड किया जा रहा है। इसके अलावा 100 से 150 मेगावाट बिजली का प्रबंध केंद्रीय पूल से आवश्यक्ता पडऩे पर किया जाएगा। राज्य में बीते सालों में दीवाली के दिन बिजली की मांग दो से तीन सौ मेगावाट की बढ़ोतरी देखी गई है। इस साल दीवाली थोड़ी देरी से आ रही है और गेहूं की बिजाई कई क्षेत्रों में शुरु हो चुकी है इसीलिए चार सौ मेगावाट के प्रबंध किए गए है। इतना ही नहीं राज्य में 900 लाख यूनिट के पास चल रही बिजली की मांग के चलते इंडस्ट्री अथवा किसी अन्य वर्ग पर कोई कट नहीं लगाया जा रहा है।
पीपीसीबी मापेगा कहां, कितने चले पटाखे?
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पीपीसीबी दीवाली पर कहां पर कितने चले पटाखे? की मानीटरिंग करने जा रहा है। दीवाली से एक दिन पहले, दीवाली की रात व अगली सुबह की जाने वाली मानीटरिंग में हमेशा की तरह अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मंडी गोबिंद गढ़ के अलावा दो साल पहले सूची में शामिल किए गए बठिंडा, संगरूर, होशियारपुर, मोहाली, फरीदकोट के अलावा सबसे कम प्रदूषण वाला नंगल शहर का नाम शामिल है।
पीपीसीबी के डिप्टी डायरेक्टर लोक संपर्क डा.चरणजीत सिंह नाभा बताते हैं कि इनमें से पहले पांच शहरों में आवासीय, संवेदनशील, कामर्शियल व औद्योगिक क्षेत्रों में मानीटरिंग की जाएगी जबकि शेष में एक-एक स्थान पर पीपीसीबी के उपकरण लगा कर वायु व ध्वनि प्रदूषण की मात्रा नापने नमूने लिए जाएंगे। वायु में जहरीली गैसों सल्फर डाई आक्साइड, नाइट्रोजन डाईआक्साइड के अलावा रेस्पीरेटरी सस्पैंडिड पार्टीक्यूलेट मैटेरियल की मात्रा व आवाज से होने वाला शोर रिकार्ड किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में अस्पताल, धार्मिक स्थल और शैक्षणिक संस्थानों को रखा गया है।
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