...बिजली
-दिसंबर में सर्दी तेज होने के साथ ही कट
-अभी आर्क इंडक्शन फर्नेस पर दो दिन और अन्य इंडस्ट्री पर एक दिन का साप्ताहिक कट चालू
भूपेश चट्ठा पटियाला
बिजली पानी पर सरकारें बदलने वाले पंजाब में विधान सभा के चुनाव होने में चंद महीने शेष हैं जबकि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने में चंद दिन शेष रहते पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन को अपने बिजली उत्पादन की लाइफ लाइन समझे जाने वाले थर्मल प्लांटों को अनिवार्य वार्षिक मरम्मत के चलते एक के बाद एक सभी को बंद करना पड़ेगा। पावरकाम की ओर से मरम्मत शुरू करते ही बिजली ने झटके देने शुरू कर दिए हैं।
पावरकाम के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि 900 लाख यूनिट की मांग पर 825 की आपूर्ति है। दोनों में 75 लाख यूनिट का अंतर चल रहा है। हालांकि इसकी वजह पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बताया जा रहा है, जिसके आदेश के बाद बठिंडा के श्री गुरू नानक देव थर्मल प्लांट के एक यूनिट को बंद कर दिया गया है। यूनिट के आयु पूरी करने के बाद से यह सीमा से अधिक प्रदूषण फैला रहा था।
कट फ्री धान का सीजन देने वाले पावरकाम को सर्दी की चिंता कुछ च्यादा बताई जा रही है। जिसके चलते इस साल तुलनात्मक रूप से प्लांटों की वार्षिक मरम्मत का कार्य जल्दी आरंभ भी कर दिया है। दिलचस्प है कि गेहूं की बिजाई के बाद दिसंबर अंत से शुरू होने वाला ये सिलसिला अक्सर मई अंत तक लटकता रहता है, लेकिन इस साल अब तक रोपड़ का एक यूनिट बंद कर मरम्मत की जा रही है। यह नवंबर अंत तक पुन: चालू हो जाएगा।
इसके अलावा पिछले डेढ़ साल से बंद चल रहा बठिंडा का पूर्ण जीर्णोद्धार पर गया एक अन्य यूनिट भी दिसंबर अंत तक अपनी बढ़ी क्षमता के साथ उत्पादन चालू कर देगा। सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन की ओर से काम को दु्रत गति से निपटाने की हिदायत जारी हुए बताए जा रहे हैं। आम तौर पर 21 दिन चलने वाली मरम्मत को 18-19 दिनों में कर दिया जाए।
पंजाब में सर्दी के दिनों में बिजली उत्पादन की लाइफ लाइन कहे जाने वाले थर्मल प्लांटों के मरम्मत पर जाने के साथ ही पंजाब सर्दियों में अन्य पहाड़ी राच्यों को बैंकिंग की बिजली भी जमा करवाता है। अभी यह आंकड़ा 125 लाख यूनिट है। दोनों तरफ से पड़े वजन के बाद आर्क इंडक्शन फर्नेस पर दो दिन का और साधारण इंडस्ट्री पर एक दिन का अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश लगा दिया गया है।
पावरकाम प्रवक्ता कहते हैं कि आम उपभोक्ता व कामर्शियल पर कोई कट नहीं है। कृषि क्षेत्र को पहले एक दिन के अंतर पर आठ घंटे बिजली दी जा रही थी अब गेहूं के सीजन में हर रोज चार घंटे कर दी गई है। इंडस्ट्री की ओर से अब तक 'ओपनÓ के माध्यम से खरीदी जा रही सीधी बिजली अब पावरकाम के माध्यम से ली जा रही है। वे स्वीकार करते हैं कि सर्दी तेज होने के बाद मांग और बढ़ सकती है।
वहीं पावरकाम के डायरेक्टर उत्पादन जीएस छाबड़ा कहते हैं कि इस साल अच्छे मानसून के बाद सर्दी में देरी हुई है। जिसके चलते मांग में धान के सीजन के बाद तेज बढ़ोतरी नहीं हुई। यही वजह है कि किसी तरह का मांग आपूर्ति का अंतर च्यादा नहीं है। साथ ही वे प्रबंधन को चुनावों से च्यादा तरजीह देते हैं।
-दिसंबर में सर्दी तेज होने के साथ ही कट
-अभी आर्क इंडक्शन फर्नेस पर दो दिन और अन्य इंडस्ट्री पर एक दिन का साप्ताहिक कट चालू
भूपेश चट्ठा पटियाला
बिजली पानी पर सरकारें बदलने वाले पंजाब में विधान सभा के चुनाव होने में चंद महीने शेष हैं जबकि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने में चंद दिन शेष रहते पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन को अपने बिजली उत्पादन की लाइफ लाइन समझे जाने वाले थर्मल प्लांटों को अनिवार्य वार्षिक मरम्मत के चलते एक के बाद एक सभी को बंद करना पड़ेगा। पावरकाम की ओर से मरम्मत शुरू करते ही बिजली ने झटके देने शुरू कर दिए हैं।
पावरकाम के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि 900 लाख यूनिट की मांग पर 825 की आपूर्ति है। दोनों में 75 लाख यूनिट का अंतर चल रहा है। हालांकि इसकी वजह पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बताया जा रहा है, जिसके आदेश के बाद बठिंडा के श्री गुरू नानक देव थर्मल प्लांट के एक यूनिट को बंद कर दिया गया है। यूनिट के आयु पूरी करने के बाद से यह सीमा से अधिक प्रदूषण फैला रहा था।
कट फ्री धान का सीजन देने वाले पावरकाम को सर्दी की चिंता कुछ च्यादा बताई जा रही है। जिसके चलते इस साल तुलनात्मक रूप से प्लांटों की वार्षिक मरम्मत का कार्य जल्दी आरंभ भी कर दिया है। दिलचस्प है कि गेहूं की बिजाई के बाद दिसंबर अंत से शुरू होने वाला ये सिलसिला अक्सर मई अंत तक लटकता रहता है, लेकिन इस साल अब तक रोपड़ का एक यूनिट बंद कर मरम्मत की जा रही है। यह नवंबर अंत तक पुन: चालू हो जाएगा।
इसके अलावा पिछले डेढ़ साल से बंद चल रहा बठिंडा का पूर्ण जीर्णोद्धार पर गया एक अन्य यूनिट भी दिसंबर अंत तक अपनी बढ़ी क्षमता के साथ उत्पादन चालू कर देगा। सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन की ओर से काम को दु्रत गति से निपटाने की हिदायत जारी हुए बताए जा रहे हैं। आम तौर पर 21 दिन चलने वाली मरम्मत को 18-19 दिनों में कर दिया जाए।
पंजाब में सर्दी के दिनों में बिजली उत्पादन की लाइफ लाइन कहे जाने वाले थर्मल प्लांटों के मरम्मत पर जाने के साथ ही पंजाब सर्दियों में अन्य पहाड़ी राच्यों को बैंकिंग की बिजली भी जमा करवाता है। अभी यह आंकड़ा 125 लाख यूनिट है। दोनों तरफ से पड़े वजन के बाद आर्क इंडक्शन फर्नेस पर दो दिन का और साधारण इंडस्ट्री पर एक दिन का अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश लगा दिया गया है।
पावरकाम प्रवक्ता कहते हैं कि आम उपभोक्ता व कामर्शियल पर कोई कट नहीं है। कृषि क्षेत्र को पहले एक दिन के अंतर पर आठ घंटे बिजली दी जा रही थी अब गेहूं के सीजन में हर रोज चार घंटे कर दी गई है। इंडस्ट्री की ओर से अब तक 'ओपनÓ के माध्यम से खरीदी जा रही सीधी बिजली अब पावरकाम के माध्यम से ली जा रही है। वे स्वीकार करते हैं कि सर्दी तेज होने के बाद मांग और बढ़ सकती है।
वहीं पावरकाम के डायरेक्टर उत्पादन जीएस छाबड़ा कहते हैं कि इस साल अच्छे मानसून के बाद सर्दी में देरी हुई है। जिसके चलते मांग में धान के सीजन के बाद तेज बढ़ोतरी नहीं हुई। यही वजह है कि किसी तरह का मांग आपूर्ति का अंतर च्यादा नहीं है। साथ ही वे प्रबंधन को चुनावों से च्यादा तरजीह देते हैं।