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Sunday, 20 November 2011

मुख्यमंत्री-मंत्रियों का शहर में आखिरी जमावड़ा, akali, politics, SAD,


-श्री आनंदपुर साहिब में सिख हैरिटेज व चपड़ चिड़ी स्मारक, कबड्डी फाइनल लुधियाना, मोहाली में एयरपोर्ट, शहीदी जोड़ मेला फतेहगढ़ साहिब व संगरूर में होंगे कार्यक्रम

उपमुख्य संवाददाता, पटियाला

प्रदेश में विधान सभा चुनावों से पहले एतिहासिक शहर पटियाला में मौजूदा शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन सरकार का आखिरी शो शनिवार को होने जा रहा है। सरकार के इस जमावड़े में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल दिन भर शहर में ही रहेंगे और उनके साथ प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा अकाली-भाजपाई मंत्रियों, विभिन्न बोर्डों, निगमों के चेयरमैन, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के वर्तमान व पूर्व प्रधान एक साथ दिखाई देने जा रहे हैं। संभव है कि शहर में ये वर्तमान सरकार का आखिरी जमावड़ा हो।

याद रहे कि अगले साल मार्च में नई विधान सभा का गठन होना है और संभव है कि फरवरी में चुनाव हों। इसके लिए दिसंबर में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जानी है। वर्तमान सरकार के पास बचे डेढ़ महीने में राच्य व राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों की लंबी फेहरिस्त है इसमें श्री आनंदपुर साहिब में सिख हैरिटेज व फतेहगढ़ साहिब के निकट चपड़ चिड़ी स्मारक, विश्व कबड्डी कप का फाइनल लुधियाना में, मोहाली में एयरपोर्ट का उदघाटन, शहीदी जोड़ मेला फतेहगढ़ साहिब व संगरूर में घल्लूघारा स्मारक के कार्यक्रम शामिल हैं।

ऐसे में स्व. करतार सिंह धालीवाल की बरसी पर पांच से सात अकाली-भाजपा के मंत्री, एसजीपीसी के प्रधान व धार्मिक नेताओं की उपस्थिति होगी दर्ज होना शहर का अंतिम बड़ा कार्यक्रम होगा। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढ़ींडसा, कृषि मंत्री सुचा सिंह लंगाह, सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों, पूर्व मंत्री व पार्टी महासचिव बलविंदर सिंह भूंदड़, एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर, प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर, विक्रमजीत सिंह मजीठिया, भाजपा की ओर से अविनाश राय खन्ना, सतपाल गोसांई, मास्टर मोहन लाल जैसे नाम शामिल है। इसके साथ ही मुलाजिम भलाई विभाग, पनसीड, पनग्रेन इत्यादि सहित कई चेयरमैन शामिल होंगे।

वहीं जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन और पार्टी के एनआरआई विंग के प्रधान सुरजीत सिंह रखड़ा कहते हैं कि उन्होंने सभी लोगों को आमंत्रित जरूर किया है पर पुष्टि सिर्फ मुख्यमंत्री की ही कर सकते हैं। हालांकि शेष गणमान्य व्यक्ति पूर्व में उनके मेहमान बनते रहे हैं। रखड़ा बताते हैं कि मुख्यमंत्री सुबह उनके यहां आएंगे और दोपहर के कार्यक्रम के बाद यहीं आराम करेंगे और शाम को पांच बजे हरपाल टिवाणा कला केंद्र का उदघाटन करेंगे।

Monday, 9 May 2011

संगत दर्शन में 'थापी' तय करेगी उम्मीदवारी, akali, politics, election, candidate


-पहले हल्का इंचार्ज बन 'राज'  किया अब 'सेवा'  करेंगे

-बड़े बादल की नीति आज भी कामयाब, कहते है कि नाम घोषित कर दिया तो बिल बढ़ जाएंगे

भूपेश चट्ठा, पटियाला

'प्रधान जी...अज कल कित्थे...की बनूं...टिकट दा की...हल्का ओई...जां...' पंजाब की सत्ता पर काबिज अकाली दल के हर संभावित उम्मीदवार के इर्द गिर्द रहने वाले, चाटूकारों, दोस्तों, रिश्तेदारों और चुनावों में खजाने की सेवा लगाने वालों के बीच आजकल ये ही जुमला आम हो रखा है। हर विधान सभा क्षेत्र में पार्टी टिकट की उम्मीद लगाए बैठे नेताओं को अब शुरू होने वाले संगत दर्शनों के सिलसिले में ही पार्टी टिकट के रूप में बड़े या छोटे बादल की 'थापी' का इंतजार है, ये थापी के रूप में मिला आर्शीवाद ही अगले चुनावों में पार्टी का टिकट होगा। प्रदेश की राजनीति से जुड़े विश्लेषक बताते है कि कांग्रेस अथवा भारतीय जनता पार्टी या फिर बहुजन समाज पार्टी जैसे राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से ठीक विपरीत शिरोमणि अकाली दल अक्सर विधान सभा या लोक सभा के चुनावों से काफी पहले अनौपचारिक रूप से ही सही पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा करता रहा है। इस बार भी च्यादा कुछ अलग नहीं होने वाला। अंतर सिर्फ इतना ही है कि पार्टी हाईकमान समानांतर धाराओं में बह रहा है। पहले ये घर के अंदर का मामला हुआ करता था पर अब थोड़ा बाहर आ गया है। संगत दर्शन पिछली बार अकाली भाजपा कार्यकाल के अंतिम वर्ष में भी हुए थे और इस बार भी 12 मई से हो रहे है। हर नेता पहले ही अपनी ओर से रैलियां कर बसों के आंकड़ों का दमखम दिखा चुका है। यह कसरत संगत दर्शनों से पहले निर्णायक रूप हासिल कर लेगी।

जानकार कहते है कि तत्कालीन पार्टी प्रधान और 2007 में चौथी बार मुख्यमंत्री बने प्रकाश सिंह बादल की नीति तब भी कामयाब थी और आज भी है। पहले उन्होंने हारे उम्मीदवारों को भी हल्का इंचार्ज बन 'राज'  करने का पूरा मौका दिया और अब 'सेवा' लगाएंगे। ऐसे मान सम्मान वफादारों को मिलता रहा है और मिलेगा भी पर इस बार के चुनाव में कमान युवा शक्ति के पास है ऐसे में जीत की संभावना भी 'बायोडाटा' में जरूरी है। हालांकि बड़े बादल की नीति पर एक वयोवृद्ध अकाली नेता कहते है कि वे आज भी कामयाब है कि नाम घोषित कर दिया तो बिल बढ़ जाएंगे। ऐसे में 'थापी' से ही काम चला लो, जरूरत पड़े तो अंत में बदलाव भी किया जाए तो किरकिरी ना हो और अपना बंदा तैयारी भी पूरी कर ले और बागियों ने भी जहां कहीं जाना हो तो वो काम भी निपट जाए।

Wednesday, 6 April 2011

भोग समारोहों से लग रहे 'सियासी' निशाने, politics, bhog, congres, akali, trends,

-अब राजला कर रहे हैं प्रचार कि अमरिंदर करेंगे समाना की टिकट की घोषणा
-स्व. जसदेव संधू व पंथ रत्न जत्थेदार टोहरा की बरसी पर चली है राजनीति
भूपेश चट्ठा, पटियाला,
 लोकसभा चुनाव से पहले अकाली दल को अलविदा कह कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व विधायक जगतार ङ्क्षसह राजला के पिता स्व. हरदयाल ङ्क्षसह राजला वीरवार सात अप्रैल को मनाई जा रही बरसी कई सियासी निशाने लगने तय हो गए है। कांग्रेस के किसी नेता के यहां भोग समारोह पर होने वाली राजनीति से पहले इसी पखवाड़े में जिले में शिरोमणि अकाली दल के दो टिकट दावेदारों के यहां आयोजित हुए ऐसे ही श्रद्धांजलि समारोह में हो चुका है।

 वैसे तो जगतार ङ्क्षसह राजला प्रत्येक वर्ष ही अपने स्व. पिता की बरसी मनाते हैं परंतु इस बार बरसी समारोह को 2012 में होने वाले विधान सभा चुनावों के साथ जोड़ कर देखा जा रहा है।  समाना में होने वाले इस समारोह में भीड़ जुटाने जहां पूर्व विधायक राजला खुद जुटे हैं, वहीं पूर्व वित्त मंत्री व डकाला के विधायक लाल ङ्क्षसह ने समारोह को सफल बनाने पूरी कमान खुद संभाली है। जानकारी के मुताबिक लाल ङ्क्षसह की कोठी से जिले भर के कांग्रेसियों को फोन किए जा रहे हैं कि इस बरसी समारोह में कैप्टन अमरिंदर ङ्क्षसह पहुंच रहे हैं इसलिए वे इसमें जरूर शामिल हों। दूसरी तरफ पिछले 15 दिनों से जगतार राजला खुद गांव-गांव बैठकें कर लोगों से समारोह में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। वे यहां तक कहते हैं कि कैप्टन अमरिंदर ङ्क्षसह इस कार्यक्रम दौरान समाना से उनकी टिकट की घोषणा करेंगे।

 कांग्रेसी राजनीति को करीब से जानने वाले कहते हैं कि मंत्री लाल ङ्क्षसह एक तीर से कई निशाने साधना चाहते हैं। आगामी विधान सभा चुनावों में लाल ङ्क्षसह अपने पुत्र व पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मैंबर काका रजिंदर सिंह  को पार्टी की टिकट दिलवाना चाहते हैं। घर परिवार से भी उन पर दबाव है कि इस चुनाव में बेटे को चुनाव लड़ाएं बेशक खुद मैदान से हट जाएं परंतु लाल ङ्क्षसह खुद चुनावी राजनीति से हटने को राजी नहीं हैं।  कारण भी तर्क संगत है कि लाल ङ्क्षसह  विधायक बनते हैं तो कांग्रेस की सरकार बनने पर वे सबसे सीनियर विधायक होने के चलते केबिनेट मंत्री बनेंगे जबकि बेटा पहली बार विधायक बनने के चलते मंत्री नहीं बन पाएगा। लिहाजा गोटियां फिट हो रही हैं कि वे खुद पुराने क्षेत्र से  चुनाव लड़ें जबकि बेटे को समाना से टिकट दिलवाई जाए। उनके पुराने विधान सभा क्षेत्र के  52 गांव अब समाना विधान सभा क्षेत्र में आ गए हैं। लिहाजा दावा ठोका जा रहा हैं। 

दूसरी ओर अब डकाला से सन्नौर हो विधान सभा क्षेत्र से पिछला चुनाव निर्दलीय के रूप में अपने पुत्र को लड़ा 20 हजार से ज्यादा वोट दिलवाने वाले आबकारी विभाग के पूर्व कमिश्नर गुरबंस ङ्क्षसह पूनिया भी अकाली दल को अलविदा कह कांग्रेस में हैं। पूनिया का सनौर के साथ समाना में काफी आधार है। जो 52 गांव समाना में शामिल हुए हैं उनमें पूनिया की गहरी पैठ है।

हालांकि स्व. राजला के पिछले बरसी समारोह में कैप्टन अमरिंदर ङ्क्षसह नहीं गए लेकिन अब लाल ङ्क्षसह ने राजला को कैप्टन का समय लेकर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि समय आने पर राजला उनके साथ खड़े हों। एक तीर से दो शिकार वाली स्थिति अब यहां भी होगी। स्व. जसदेव संधू और अकाली दल के ही पंथ रत्न स्व. जत्थेदार टोहरा  के श्रद्धांजलि समारोह की तरह यहां भी भोग की राजनीति जारी रहेगी।

Thursday, 24 March 2011

सीएम-डिप्टी सीएम को तेजिंदर संधू ने दिखाए बागी तेवर politics, SAD, akali



-पिता पांच तो मां तीन बार रही है विधायक
-कहा सोए पंजाब को जगाने उतरेंगे चुनाव मैदान में
-सीएम व पार्टी प्रधान ने नहीं दिया कोई आश्वासन
भूपेश चट्ठा, कौली, पटियाला
पिता स्व. जसदेव सिंह संधू की 11 वीं बरसी पर रखे गए श्रद्धांजलि कार्यक्रम में एसएस बोर्ड के पूर्व चेयरमैन तेजिंदर पाल सिंह संधू ने खुल कर बागी तेवर दिखाते हुए ना केवल शिरोमणि अकाली दल से घनौर विधान सभा क्षेत्र से पार्टी टिकट की मांग रखी है अपितु यह भी कह दिया है कि यदि इस बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वे भी वे चुनाव जरूर लड़ेंगे और यह फतवा क्षेत्र के लोगों ने उन्हें दे दिया है।
ज्ञात हो कि तेजिंदर पाल सिंह संधू के पिता अकाली दल से पांच बार तो उनकी मां तीन बार विधायक रही है। प्रकाश सिंह बादल खुद स्वीकार करते है कि ज्ञानी करतार सिंह की शार्मिंदगी में उन्होंने जसदेव संधू के साथ राजनीतिक जीवन शुरू किया था। दिलचस्प है कि बादल चार बार मुख्यमंत्री बने और कभी चुनाव ना हारने वाले संधू कभी मंत्री भी नहीं बने।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की मौजूदगी में मंच से तेजिंदर पाल सिंह संधू ने जहां टिकट की मांग करते हुए लोगों की सेवा करने का मौका दिए जाने को कहा। इसके तुरंत बाद हुए मुख्यमंत्री के संवाददाता सम्मेलन में प्रकाश सिंह बादल ने साफ तौर पर पल्ला झाड़ते हुए कहा कि टिकट मांगने वालों की कमी नहीं है पर सभी को नहीं दी जा सकती, अगर कुछ लोग पार्टी में सिर्फ टिकट के लिए है तो सही नहीं है। साथ ही उन्होंने इसे अभी बहुत जल्दबाजी बता यह भी कह डाला कि वे पार्टी प्रधान नहीं है।
उधर मंच से ही इसके बाद पार्टी छोडऩे और चुनाव लडऩे के सभी विकल्प खुले रखने की बात कह अपने धन्यवाद प्रस्ताव में तेजिंदर संधू की पत्नि अनूपिंद्र कौर  ने कहा कि सोए पंजाब को जगाने वे इस बार निश्चित रूप से चुनाव मैदान में उतरेंगे। दशकों तक पंथ और पार्टी की सेवा के बावजूद आज सरकार के पास 11 मिनट भी नहीं है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों की भावनाओं  का ख्याल रख वे चुनाव जरूर लड़ेंगे।  
इस पर भी डिप्टी सीएम व अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने नहीं कोई आश्वासन
ना देते हुए कहा कि पार्टी उम्मीदवारों का चुनाव मैरिट के आधार पर करेगी। समाना की रैली में सुरजीत सिंह रखड़ा को वजीर तक बनाने की याद दिलाने की बात पर वे कहते है कि अभी तक किसी के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। लोगों के विचार लिए जा रहे है जीतने की क्षमता रखने वाले को ही पार्टी टिकट देगी।

चुनाव समय पर ही होंगे : बादल 
-अमरिंदर माने केंद्र में हो रहे है घोटाले :सुखबीर
भूपेश चट्ठा ,कौली (पटियाला)
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज समय से पहले विधान सभा चुनाव करवाने की कांग्रेसी अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे भला जल्दी चुनाव क्यों करवाएंगे। विधान सभा चुनाव समय पर ही होंगे।

स्व. जसदेव सिंह संधू की 11वीं बरसी पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा है कि पार्टी के लिए शानदार सेवा निभाने वाले नेताओं और वर्करों को आने वाले विधानसभा चुनाव के समय टिकटों की बांट समय आंखों से अदृश्य नहीं किया जायेगा। केंद्र में संयुक्त प्रगतीशील गठबंधन की सरकार पर भ्रष्टाचार के लग रहे दोषों पर बादल ने कहा कि यूपीए सरकार के मंत्रियों की तरफ से किये बहुकरोड़ी घपलों कारण इस सरकार का असली चेहरा लोगों सामने नंगा हो गया है।

वहीं इसी समागम में श्रद्धांजलि भेंट करने पहुंचे उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके समेत जो भी शिरोमणि अकाली दल का हिस्सा है, उसको पार्टी की सोच मुताबिक ही चलना पड़ेगा और जो पार्टी के सिद्धांत का उल्लंघन करेगा उसके लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है। मनप्रीत बादल को पार्टी में लाने के सवाल पर वे कहते है कि जो अकाली दल के सिद्धांतों पर जो विश्वास करता है उसका स्वागत है।

पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिन्दर सिंह पर वे कहते है कि उन्हें किसी से सर्टीफीकेट की जरूरत नहीं है। लेकिन कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में भ्रष्टाचार को भी पंजाब कांग्रेस अलग नहीं कर सकती। विकास कामों का सेहरा तो केंद्र सरकार पर बांधती है परन्तु केंंद्र में कांग्रेस का नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की तरफ से किए 1.76 लाख करोड़ वाले टू जी स्पेक्ट्रम घोटाले, आठ हजार करोड़ रुपए के कामनवेल्थ घोटाले और बहु करोड़ी आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटालों कारण देश को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ, जिसका राज्यों पर भी असर हुआ है। यह जिम्मेदारी लेने से पंजाब कांग्रेस  भाग रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस को इस सच्चाई से भागना नहीं चाहिए। बादल ने कहा कि पंजाब विधान सभा के मौजूदा बजट सत्र दौरान कांग्रेस पार्टी के पास कोई ठोस मुद्दा न होने  कारण वह बहस करने से ही भाग गई है जो कि पंजाब के इतिहास में पहली बार हुआ है।  

  इस मौके शिरोमणी अकाली दल के जनरल सचिव प्रो. प्रेम सिंह चन्दूमाजरा, पिछड़ीं श्रेणियों कमीशन पंजाब के  चेयरमैन प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर, मुख्य सांसदीय सचिव श्री राज खुराना, पूर्व मंत्री स. सुरजीत सिंह कोहली, नगर सुधार ट्रस्ट पटियाला के चेयरमैन स. इन्दरमोहन सिंह बजाज, शिरोमणी अकाली दल के सीनियर मित्र प्रधान स. हरिन्दरपाल सिंह हैरीमान, मार्केट समिति पटियाला के चेयरमैन स. हरिन्दरपाल सिंह हरपालपुर मौजूद रहे।