Friday, 13 April 2012

कणकां दी मुक गई राखी...wheat, season, late, start

-सरकारी तारीख से नहीं परंपरागत तिथि से शुरु होगा सीजन
-मंडियों में गेहूं आने में लग सकते हैं 10-12 दिन: मंडी अधिकारी
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब के जाने माने कवि धनी राम चात्रिक की लोकप्रिय पंक्तियां 'कणकां दी मुक गई राखी जट्टा आई बसाखीÓ इस बार सही मायनों में चरितार्थ होने जा रही है। प्रदेश में रबी की फसल के लिए रहे उपयुक्त तापमान के चलते इस सीजन में गेहूं की फसल सरकारी खरीद की तारीख से शुरु ना होकर परंपरागत रूप से शुरु होने वाले तिथियों के सीजन पर ही शुरु होने जा रही है।
हाल के वर्षो में सामान्य रूप से एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरु होती है। औपचारिक रूप से समय इस बार भी यही है जब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर राच्य की छह सरकारी खरीद एजेंसियां और केंद्र सरकार के एक संस्थान भारतीय खाद्य निगम की ओर से गेहूं की खरीद एक अप्रैल से ही शुरु हो रही है, लेकिन फसल के अब तक हरा होने व कहीं कहीं तो पानी लगा होने के चलते मंडियों में आने की संभावना अभी नजदीक नहीं है।
दक्षिणी पंजाब में गेहूं की मंडियों में आवक के सवाल पर पटियाला के जिला मंडी अधिकारी जीएस औलख बताते हैं कि इस बार सीजन देरी से ही शुरु होगा, चाहे सरकारी खरीद के आदेशों के चलते एक अप्रैल के हिसाब से ही तैयारियां की गई हैं, लेकिन मंडियों में गेहूं के आने की फिलहाल संभावना नहीं है। फसल पकने में कम से कम 10 से 12 दिन अभी और ले सकती हैं।
वहीं भवानीगढ़ रोड पर स्थित संसारपुर गांव के प्रोग्रेसिव किसान हरजिंदर बदेशां कहते हैं कि ये सही है कि फसल को पूरी तरह से पकने में अभी कुछ दिन लगेंगे लेकिन मौसम में किसी तरह की विपरीत परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं तो हालात बदल भी सकते हैं। आसमान में बादल होने और बारिश की संभावना हुई तो किसान कंबाईन खेत में लेजाने से गुरेज नहीं करेगा बशर्ते खेत की जमीन सूखी हो और कंबाईन चल सकती हो।
दूसरी ओर मंडी बोर्ड के अधिकारी बताते हैं कि गेहूं के एमएसपी 1285 रूपये प्रति क्विंटल पर खरीद करने मंडियों में सभी तरह के प्रबंध किए जा चुके हैं। इनमें बिजली पानी के प्रबंध के टेंडर लगाए जाने के अलाव ग्रामीण स्तर पर मंडियों की सफाई का काम चल रहा है जिसे अगले दो दिनों में निपटा लिया जाएगा।

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