Saturday, 28 April 2012

तीन दिन का नोटिस, फिर कोई सुनवाई नहीं , municipal corporation, roads, construction, notice



  फ्लैग: पांच शैडयूल सड़कों का मामला
-निगम ने कहा अवैध निर्माण गिराओ, नहीं तो हम तोड़ेंगे
- बाद में हर्जाना नहीं देने का जिक्र भी नोटिस में

उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
  शहर की पांच शैडयूल सड़कों के आठ सौ दुकानदारों पर लटक रही अतिक्रमण की तलवार जहां की तहां है, हालांकि राहत का एक पखवाड़ा भी अभी नहीं गुजरा है कि नगर निगम प्रशासन ने दुकानदारों को तीन दिन का नोटिस जारी कर दिया है और साथ ही चेतावनी जारी की है कि इसके बाद फिर कोई सुनवाई नहीं होने वाली।
निगम की ओर से जारी किए गए नोटिस में दुकानदारों से कहा गया है कि मार्किंग के तहत तय किए गए अवैध निर्माण को वे खुद तीन दिनों के भीतर गिराएं अन्यथा निगम की ओर से यही कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं निगम ने नोटिस में यह चेतावनी भी जारी कर दी है कि तीन दिन बाद में किसी तरह का हर्जाना नहीं दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि शहर की पांच शैडयूल सड़कों के किनारे बनी कई सौ दुकानों पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद कहर बरपना लगभग तय माना जा रहा है। नगर निगम ने संभावित रूप से कार्रवाई करने वाली इन दुकानों की निशानदेही कर चुका है। हर तोड़ी जाने वाली दुकान पर निगम के कर्मी लाल क्रास का निशान लगा हैं।
वहीं आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद 1076 दुकानों पर कार्रवाई होनी थी। इसमें से करीब  छह सौ दुकानदारों ने इसी महीने में दुकान का निर्माण 1996 से पहले होने के सबूत निगम के पास जमा करवा दिए हैं। इसमें बिजली पानी के बिल से लेकर, आयकर रिर्टन व अन्य लाइसेंस शामिल हैं। जबकि दो सौ के करीब दुकानें ऐसी हैं जो लंबे समय से बंद पड़ी हैं जिन्हें नोटिस नहीं दिया जा सका है। ऐसे में कार्रवाई की हद में आने वाली दुकानों का आंकड़ा तीन सौ के पास रह सकता है।

शेष दुकानों का पीडब्ल्यूडी करेगी अधिग्रहण?

दिलचस्प है कि जिस बात के लिए लगभग सभी दुकानदार जदोजहद कर रहे हैं उस पर मामले से जुड़े जानकार बताते हैं कि अंतत: शेष बची दुकानों का अधिग्रहण लोक निर्माण विभाग को करना पड़ेगा तभी सड़क को पूरी तरह से खोलने का काम सिरे चढ़ पाएगा। दुकानदार व सड़क किनारे पर आए होटल मालिक भी यही चाहते हैं कि उन्हें उचित मुआवजा मिल जाए। कहते हैं कि जब ये दुकानें गलत जगह पर थी तो बनने क्यों दी गई?, इसमें दुकानदारों का भला क्या कसूर है?

 88 फुट चौड़ी सड़क को 15-15 फुट और चौड़ा करनी है

शहर में ट्रैफिक को बेहतर बनाने और प्रवेश व बाहर जाने वाले प्रमुख रास्तों को और चौड़ा करने के मद्ेनजर सरहिंद रोड, राजपुरा रोड, संगरूर रोड, नाभा रोड व राजपुरा-सरहिंद बाईपास पर कार्रवाई होनी है। इन सड़कों की औसतन चौड़ाई लगभग 88 फु ट है और इन्हें दोनों तरफ 15-15 फुट चौड़ा किया जाना है। आलम ये है कि किसी सड़क पर दुकान पूरी ही खत्म हो जाती है तो कहीं पर पांच-सात फुट शेष बचती है, जबकि कुछ जगहों पर पांच-सात फुट ही तोड़ी जाएगी।

निगम से पास हैं नक्शे

शहर की लोक निर्माण विभाग की ओर पूर्व समय में बनाई गई जिन सड़कों पर से दुकानों को हटाया जाना है। उनमें से च्यादातर के नक्शे पास हैं और ये नक्शे नगर निगम ने विभिन्न प्रकार की औपचारिकताएं पूरी करने और सरकारी स्तर शुल्क ले, रसीद काट कर जारी किए हैं। ऐसे में इन्हें सीधे तौर पर अवैध नहीं कहा जा सकता, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश हैं ऐसे में इनका बचना भी मुश्किल है।

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