लोगो: गेहूं की खरीद
प्रशासन ने संसाधन झोंके, ओवर लोड मंडियों में डाइवर्ट किए अतिरिक्त साधन
लिफ्टिंग बनी मुसीबत
भूपेश चट्ठा, पटियाला
गेहूं की सांझ संभाल का करीब करीब आधा काम किसान के पाले में से निकल कर अब सरकारी खरीद एजेंसियों के कर्मियों के पाले में आ गई है, लेकिन करवट बदलते मौसम में गेहूं की लिफ्टिंग मुसीबत बन पड़ी है और अधिकतर मंडियों में गेहूं परिसर से बाहर निकल कर सड़कों पर आ गई है।
पटियाला की मंडियों में जहां गेहूं की आवक हर दिन नए रिकार्ड बना रही है वहीं खरीद की गति भी खासी तेज है। ऐसे में मंडियों में गेहूं के अंबार लग रहे हैं और दिन भर सूर्य देवता की आंख मिचौली के बीच चढ़े पारे ने कर्मियों की भी सांसे सुखा रखी हैं।
प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि जिले की 104 मंडियों में अब तक पांच लाख 10 हजार टन गेहूं की आवक हुई है और अब ये आंकड़ा पिछले साल के पांच लाख 54 हजार के करीब आ चुका है। इतना ही नहीं शुक्रवार को जहां गेहूं की आवक रिकार्ड के ठीक करीब एक लाख 16 हजार टन रही वहीं एक दिन की खरीद में पटियाला ने रिकार्ड बना दिया है। 20 अप्रैल के दिन एक लाख 24 हजार टन से च्यादा की खरीद की गई है।
जबकि लिफ्टिंग के मामले में आंकड़े बताते हैं कि 19 अप्रैल तक मंडियों में दो लाख 69 टन खरीदा गया गेहूं पड़ा था और इसमें आज हुई एक लाख 24 हजार टन खरीदी गई गेहूं और जुड़ गई। जिला प्रशासन यदि अपने सारे संसाधन लिफ्टिंग में लगाता है तो आंकड़ा एक दिन में 35 हजार पर ही आ पाता है। ऐसे में हालात आने वाले दिनों में सुधरने की संभावना ना के बराबर ही है।
जिला खादय एंव आपूर्ति विभाग की कंट्रोलर अंजुमन भास्कर का मंडियों में से खरीदी गई फसल की लिफ्टिंग पर कहना है कि खरीदी गई उपज की साथ की साथ ही ढुलाई करवाई जा रही है लेकिन साधनों की उपलब्धता सीमित है और बीते दो दिनों में गेहूं की रिकार्ड आवक हुई है, ऐसे में कुछ समय अवश्य लग सकता है। हालांकि जहां पर सड़क पर गेहूं आई है और मंडियों में रखने की जगह नहीं बची है वहां अतिरिक्त साधन भेजे जा रहे हैं जिससे दिक्कत ना हो।
वहीं जिला प्रशासन की ओर से ट्रक यूनियन को अधिक से अधिक ट्रक भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं जिससे गेहूं की सीधी डिलीवरी रेलवे से करवाई जा सके। लिफ्टिंग के आंकड़ों में लगातार दर्ज हो रही गिरावट पर अब प्रशासन ये भी विचार कर रहा है कि जिले से चावल की ढुलाई कुछ समय के लिए रोक कर सिर्फ गेहूं को ही बाहर भेजने का काम किया जाए। कारण सिर्फ एक है कि गेहूं खुले में आ गया है और चावल अभी गोदामों में ही है।
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