सर्दी गई, पर नहीं गई गेहूं की नमी
-खरीद मापदंड अनुसार 12 फीसदी हो नमी, पर मौसम ने 16 फीसदी की
-गेहूं पूरी तरह सुखा कर लाएं अन्यथा दाम में कटौती तय: खादय आपूर्ति विभाग
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब में रबी की प्रमुख फसल गेहूं को फलने फूलने, तेज ठंड की जरूरत होती है, लेकिन इसे पकने के लिए मौसम का गर्म होना जरूरी है। इस साल लंबी चली सर्दियों का असर अब तक कायम है, हालांकि सर्दी के जाने के बावजूद गेहूं की नमी कम नहीं हो रही।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद शुरु हुए पांच दिन बीत जाने के बावजूद प्रदेश भर में नाममात्र गेहूं ही मंडियों में आई है जबकि खरीद का आंकड़ा नगण्य मात्र ही है। केंद्र सरकार की ओर से तय किए गए गेहूं के खरीद मापदंड अनुसार गेहूं में नमी की मात्रा 12 फीसदी से च्यादा नहीं होनी चाहिए, जबकि प्रदेश में गेहूं में ये आंकड़ा 16 फीसदी के आसपास बना हुआ है। दिलचस्प है कि खाली पड़ी मंडी को देख कुछ उतावले किसान गेहूं की जल्द कटाई कर मंडी में ला जरूर रहे हैं लेकिन बिकने के नाम पर केवल इंतजार ही हाथ लग रहा है। हालांकि इन किसानों को फड़ की उपलब्धता आसानी से होने के चलते सुखाने को जगह मिल रही है।
गेहूं में नमी के सवाल पर कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डा. बीएस सोहल बताते हैं कि पारे के 23 डिग्री सेल्सियस से उपर जाने के साथ ही पौधे पर से सीलन की बीमारियां झड़ जाती हैं और पश्चिम से चली हवाएं फसल को पका देती है। इस साल पार दो-तीन दिन पहले ही 35 डिग्री के पार गया है। देरी से दूर हुई सर्दी की वजह से नमी अब भी बनी हुई है। संभव है कि अगले कुछ दिनों में गर्म मौसम से गेहूं की नमी देर हो और दाना सोने में तबदील हो।
वहीं खादय एंव आपूर्ति विभाग के सचिव डीएस ग्रेवाल कहते हैं कि अभी मंडियों में गेहूं की आवक नगण्य सी ही है। ऐसे में किसानों को चाहिए की खुले फड़ का इस्तेमाल करें और गेहूं को सुखा लें अन्यथा अधिक नमी आने की सूरत में दाम में कटौती तय है।
राच्य में खरीद के जोर ना पकडऩे क सवाल पर वे कहते हैं कि इस बार वैसाखी के पास ही च्यादा गेहूं आना शुरु होगा, अभी सीजन शुरु ही हुआ है और इसी सप्ताह पारा चढ़ा है। ऐसे में फसल पकने की गति अब बढ़ेगी। अनुमान है कि पिछले साल की तुलना में सीजन अच्छा जाए।
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