Wednesday, 31 August 2011

..तो बठिंडा जैसे दो थर्मल प्लांट के बराबर मिलेगी बिजली,save electricity, biomass, parali, paddy, straw, pollution,

भूपेश चट्ठा, पटियाला
 सितंबर चढ़ते ही पंजाब-हरियाणा में पराली का जिन्न बाहर निकलने को होता है। धान की फसल आई नहीं होती है पर पराली के धुएं से होने वाली परेशानी हर किसी को याद आने लगती है। अब आने वाले सालों में पंजाब का दामन पराली के दुष्प्रभाव से छूटना तय है। दमे से बेदम करने वाली यह पराली किसी प्लांट में जलेगी तो बठिंडा के थर्मल प्लांट जितने बड़े दो प्लांटों के बराबर बिजली पैदा होगी और वह भी बिना किसी प्रदूषण के।
 पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से राज्य में गैरपरंपरागत स्रोतों से बिजली पैदा करने को उत्साहित करने के मद्देनजर बायोमास प्लांटों से बिजली का उत्पादन करने का लक्ष्य 815 मेगावाट कर दिया गया है। पावरकाम के अधिकारी बताते हैं अब तक राज्य में 190.45 मेगावाट बिजली इसी पराली से बनने लगी है। जिन बायोमास प्लांटों पर काम चल रहा है उनसे अगले साल मार्च तक 108 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता और बढ़ जाएगी। याद रहे कि बठिंडा थर्मल प्लांट में उत्पादन की क्षमता 440 मेगावाट है। 
इनके अलावा को-जनरेशन में लगने वाले प्लांटों, जिनमें पराली के साथ-साथ कपास-नरमे की छट्टियां, सरकंडे, सरसों, इत्यादि फसलों का कचरा व गोबर को भी ईधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, से 67 मेगावाट और बिजली पैदा करने अथवा फसलों के कचरे को ठिकाने लगाने की दिशा में काम चल रहा है। पावरकाम के सदस्य प्रबंधन गुरबचन सिंह बची कहते हैं कि इसी क्रम में सोलर उर्जा से नौ मेगावाट का उत्पादन हो रहा है और साढ़े चौदह मेगावाट पाइप लाइन में है। 2012 में गैर परंपरागत स्रोतों से कुल 300 मेगावाट ऐसी ही बिजली का उत्पादन और शुरू हो जाएगा।
कमर्शियल रेट के बराबर होते हैं रेट
 निजी क्षेत्र में गैर परंपरागत स्रोतों से बिजली पैदा करने को बढ़ावा देने और वातावरण को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से इन प्लांटों से बनने वाली बिजली के लिए पावरकाम काफी उंची दरें चुकाता है। दरें तय करने का काम तो पंजाब स्टेट इलेक्टि्रसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन ही करता है लेकिन अब तक तय की गई दरें कमर्शियल रेट के बराबर ही रही हैं। पावरकाम के अधिकारी कहते हैं कि फिर भी ये दरें शार्ट टर्म में केंद्रीय पूल से खरीदी जाने वाली दस रूपये प्रति यूनिट की बिजली से कम ही रहती है।

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