महापंचायत रोकने को हरियाणा ने झोंकी मशीनरी, अफसर बना रहे हैं दबाव मुद्दा :
भूपेश चट्ठा, पटियाला हांसी-बुटाना नहर और इसके साथ बन रही कंक्रीट की दीवार पर पंजाब के साथ आमने-सामने की लड़ाई लड़ रही हरियाणा सरकार ने अब किसानों की महापंचायत रोकने के लिए अपनी सारी मशीनरी झोंक दी है। एक अगस्त तक सरकारी अफसरों के माध्यम से दबाव बनाने के बाद हरियाणा के सिंचाई मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला अब खुद लोक संपर्क करने में जुट गए हैं। आठ अगस्त की महापंचायत में शामिल होने से रोकने को हरियाणा के उन 13 गांवों को सबसे पहले दबाव में लिया गया है, जिन्होंने पंजाब के ससी ब्रंाणा गांव में हुई पहली पंचायत में भाग लिया था। आंदोलन से जुड़े लोग बताते हैं कि इन गांवों के सरपंचों को एक अगस्त को ही कैथल के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) ने बुलावा भेजा था और बताया जा रहा है कि इन्हें पंजाब में न जाने की सलाह दी गई है। इतना ही नहीं, हांसी बुटाना नहर की वजह से संभावित रूप से आने वाली बाढ़ की मार तले हरियाणा के 45 गांव आते हैं। इन सभी में एसडीएम से लेकर जिला प्रशासन के हर प्रभावित कर सकने वाले अधिकारी के दौरे हो रहे हैं। लोगों को हरियाणवी में समझाया जा रहा है कि उनका पंजाब में होने वाली किसी तरह की पंचायत में भाग लेना ठीक नहीं होगा। वहीं, महापंचायत बुलवाने में आगे बढ़कर काम कर रही भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के जिला प्रधान डा. दर्शन पाल बताते हैं कि हरियाणा के सिंचाई मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला अब इसमें प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो गए हैं। गत तीन अगस्त की शाम को उन्होंने अपने घर पर बाढ़ पीडि़तों को बुलाया और कहा कि पंजाब में सिर्फ अकालियों के बंदे ही नहर के विरोध में हैं। किसान संगठन के लोग भी जब हरियाणा में जा अपनी बात कहते हैं तो उन्हें भी अकालियों के गुर्गे बताया जाता है। डा. दर्शन पाल कहते हैं कि सुरजेवाला ने सात अगस्त को भी चीका में बैठक बुलाई है। संभव है कि इस सार्वजनिक सभा में सुरजेवाला साफ तौर पर पंजाब व हरियाणा के करीब 72 गांवों में संभावित रूप से आने वाली बाढ़ को लेकर वास्तविक मुद्दे से लोगों को दूर ले जाने का प्रयास करें। उधर, नहर व कंक्रीट दीवार के चलते आने वाली बाढ़ के कारणों पर पंजाब व हरियाणा की सीमा पर सात हजार पोस्टर बांटे गए हैं। किसानों को पंचायत के लिए संगठित करने का क्रम जारी है और पूछा भी जा रहा है कि किस तरह से आंदोलन को चलाया जाए और क्या समाधान निकाला जा सकता है
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