Wednesday, 31 August 2011

चुनाव एक तरफा! प्रचार ठंडा, sgpc, election, campaign,



उपमुख्य संवाददाता, पटियाला : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अगले महीने होने जा रहे चुनाव को लेकर पटियाला जिले में प्रचार अभी न के बराबर है। सिखों की सर्वोच्च संसद के लिए होने वाले मतदान, परिणाम और बनते बिगड़ते समीकरणों में भी किसी की दिलचस्पी नहीं बन पाई है। आम राय बन गई है कि चुनाव एकतरफा हो रहे हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार भी उम्मीदवार के कार्यालय तक ही सीमित होकर रह गया है।
18 सितंबर को होने जा रहे मतदान को लेकर शहर में जहां नाममात्र की दिलचस्पी है वहीं थोड़ा बहुत उत्साह ग्रामीण क्षेत्रों व कस्बों में जरूर पाया जा रहा है। 26 अगस्त को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि के तीन दिन बाद भी ज्यादा कुछ नहीं बदला है।
एसजीपीसी चुनाव पर करीब से नजर रखते आए पूर्व लोक संपर्क अधिकारी उजागर सिंह कहते हैं कि इस बार कांग्रेस पूरी तरह खामोश है, प्रत्यक्ष रूप से पार्टी भी किसी धड़े को समर्थन नहीं कर रही है और मुख्य अकाली दल को छोड़ अन्य दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में सत्ताधारी अकाली दल के पक्ष में मामला एक तरफ हो गया है।
इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के हरभजन सिंह धर्मेहड़ी विशलेष्णात्मक नजरीए से कहते हैं कि लोगों की जरूरतें आज भी मूलभूत हैं। आपके खेत और घर बाढ़ की चपेट में आने को हों तो आप राजनीति नहीं करेंगे, पहले आप जानमाल को बचाने ही निकलेंगे। पंजाब का काफी बड़ा हिस्सा पानी की संभावित मार से जूझ रहा है। एसजीपीसी का चुनाव जरूर जोर पकड़ेगा, लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह के बाद। फिर भी दस दिन होंगे उम्मीदवारों को अपने विचार लोगों के सामने रखने को।
वहीं, पहली बार एसजीपीसी चुनाव में वोट डालने जा रहे नवा गांव के गुरविंदर सिंह औलख कहते हैं कि उम्मीदवारों के चुनावी कार्यालयों के बाहर गाड़ियां तो देख रहे हैं, लेकिन ये सड़कों पर दौड़ती नहीं दिखती। धर्म संसद के अलावा कोई और चुनाव होते तो अब तक मेला लगा होता। हो सकता है किसी बड़ी रैली के बाद जोर पकड़े पर अभी तक तो सब कुछ ठंडा ही है।




No comments:

Post a Comment