-एसबीओपी की माल रोड स्थित कृषि विकास शाखा में रात के अंधेरे में वारदात को अंजाम दिया
फोटो:उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
स्टेट बैंक आफ पटियाला की माल रोड स्थित कृषि विकास शाखा में बीती रात चोरों ने सेंधमारी कर करीब नौ लाख 46 हजार रूपये उड़ा लिए हैं। अभी तक पुलिस किसी तरह का सुराग ना होने की बात कह रही है। वहीं एसएसपी पटियाला गुरप्रीत सिंह गिल ने नौ लाख रूपये से कुछ अधिक की राशि चोरी किए जाने की जानकारी दी है।
एसबीओपी मुख्यालय से चंद कदमों की दूरी पर रात के अंधेरे में कुछ अज्ञात लोगों ने पहले ब्रांच की चारदिवारी फांद कर एक खिड़की को तोड़ा और फिर ब्रांच के अनदरूनी हिस्से में आए। यह भी संभव है कि वे सीढिय़ों से अंदर नीचे उतरे हों और जिस कमरे में स्ट्रांग रूम बना था वहां तक पहुंचने के लिए 13 इंच की कंकरीट की लोहे की सरिए डली दीवार को में जगह बनाई। इसके साथ ही स्ट्रांग रूम पर लगी लोहे की दो संखीचों को काट कर मोड़ा फिर वारदात को अंजाम दिया। इतना ही नहीं सीसीटीवी कैमरे के सामने लगे शीशे का अखबार से टेप चिपकाते हुए ढ़क दिया।
उधर लाहौरी गेट पुलिस ने आईपीसी की धारा 380, 457 दर्ज कर खोजी कुत्तों व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद से सुराग तलाशने शुरू कर दिए हैं।
बैंक मैनेजर का था पहला दिन और हैड कैशियर छुट्टी पर
सेंधमारों ने जिस बैंक में अपने मंसूबों को सिरे चढ़ाया वहां पर संभव है कि साप्ताहिक अवकाश के साथ मिलने वाली दो रातों के साथ ही निर्वतमान बैंक मैनेजर के तबादले का भी 'ख्यालÓ रखा हो। बैंक मैनेजर यशपाल सूद ने इस शाखा में आज सोमवार को ही कार्यभार संभालना था। इतना ही नहीं बैंक की इस शाखा का हैड कैशियर भी आज सोमवार को इत्तेफाक से अवकाश पर था। ऐसे में कितने पैसे उड़ाए गए इसका अभी तक सिर्फ नजदीकी अनुमान ही लगाए जा रहे हैं।
चंद दिन पहले वारदात होती तो नुकसान करोड़ों में होता
बैंक की इस शाखा में अधिकतर लेन देन किसानों के साथ होता है और साल में दो महीने ऐसे होते हैं जब लेनदेन चरम पर होता है। इनमें अप्रैल और अक्टूबर के महीनों में किसानों को गेहूं और धान की फसल के भुगतान को आई राशि करोड़ों में होती है, हालांकि इसके बाद के दिनों में थोड़ा बहुत लोन आदी का लेन देन ही चलता रहता है। बैंक के ही एक अधिकारी बताते हैं कि यदि चंद दिन पहले गेहूं के भुगतान के दिनों में बैंक में यही घटना होती तो नुकसान लाखों में ना रह कर करोड़ों में पहुंचा होता।
पुरानी बिल्डिंग में कैसा स्ट्रांग रूम
जिस भवन में बैंक की शाखा काम कर रही है उसे देखने भर से ही अनुमान लगाया जा सकता है कि बिल्डिंग कितनी मजबूत रही होगी? साधारणतय बैंक तीन तरफ से मोटी दीवारों से घिरे होते हैं लेकिन इस बैंक में तीन तरफ खाली जगह है, और यहां बने खिड़की दरवाजे इसे चोरों के लिए 'मेहमाननवाजीÓ ही प्रस्तुत करते हैं, इतना ही नहीं एक बार पास ही उजाड़ में से निकलती रेलवे लाइन की तरफ से आ पांच-सात फुट की दीवार पार कर ली तो चोकीदार के अलावा, रात भर कोई पूछने वाला नहीं है। ऐसे में जर्जर बिल्डिंग में स्ट्रांग रूम कितना स्ट्रांग रह सकता है ये चोरों ने बता दिया।
होटलों में कौन ठहरा था?
बैंक शाखा के आसपास के होटलों में पिछले दिनों कौन ठहरा था? किसने रैकी की? कुछ ऐसे ही अनुमानों के साथ पुलिस ने अपने हाथ पांव मारने शुरु कर दिए है। होटलों में ठहरने वालों के पहचान पत्रों व रजिस्टर आदि को खंगाला जा रहा है। होटलों में लगाए गए सीसीटीवी के रिकार्ड की भी मदद ली जा रही है।
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