Monday, 28 May 2012

'अच्छी खबर', नहीं है कोई 'बुरी खबर', 'good news' there is no 'bad news'


भूपेश चट्ठा, पटियाला
'सुख शांति है...सब तरफ शांति है...अमन चैन है...कुछ नहीं है...अभी तक ठंडा है...संडे मना रहे हैं...ना कोई खबर नहीं हैÓ शहर के पुलिस थानों में खबर की तलाश करते पत्रकारों को आज कुछ ऐसे ही जवाब से दो चार होना पड़ा। इसे आप 'अच्छी खबरÓ कहेंगे कि अपराध नहीं हुआ है और कोई 'बुरी खबरÓ नहीं है, लेकिन खबर का ना होना अखबार अथवा पत्रकार के लिए यह स्थिति 'अच्छी खबरÓ वाली नहीं होती। शहर के पांच थानों कोतवाली, सिविल लाइन, त्रिपड़ी, अर्बन एस्टेट व लाहौर गेट में बीते 24 घंटों में कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया है।
दिलचस्प है कि पटियाला में कापी राइट एक्ट उल्लंघन के मामलों के बाद दड़ा सट्टा के खिलाफ हाल ही में अभियान चलाए गए हैं। इसी क्रम में शराब तस्करों के विरुध भी कार्रवाई की गई हैं। कारों पर लगी काली फिल्मों को उतारने के अभियान भी चले और प्रचारित हुए हैं पर पुलिस की क्राइम रिपोर्ट बताती है कि आज का दिन वास्तव में संडे का ही और साप्ताहिक अवकाश पुलिस थानों व अपराधियों पर भी लागू रहा है।

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