Friday, 11 May 2012

इंटरलॉक सड़कों में लॉक हुई पानी ड्रेनेज की लाइनें, Drainage-water pipes got struck under interlocking roads.


वार्ड नंबर 29 का रिपोर्ट कार्ड
फोटो:
भूपेश चट्ठा, पटियाला
शहर के करीब करीब दक्षिणी-पश्चिमी छोर पर आने वाले वार्ड नंबर 29 की प्रमुख समस्या वही है जिसके लिए खुद पटियाला शहर जाना जाता है। यहां एतिहासिक नाला आज भी कहीं कहीं दिखाई देता है। माई जी की सरां के रूप में एक छोर पर विरासती धरोहर दिखाई देती है तो हर बरसात में बाढ़ का डर यहां आसमान में बिजली कड़कने के साथ ही बढ़ जाता है।
कभी महाराजा काल में ज्योतिष शिक्षा के केंद्र रही बगीचियां व डेरे, सीवरेज का नाला बन चुकी नदी किनारे रहे घाटों पर अब भी दिखाई पड़ते हैं। पानी व सीवरेज की सप्लाई लाइन खासी पुरानी है जो आए दिन चोक हुई रहती है। बढ़ी आबादी का बोझ नहीं झेल पर रही। नाले में पानी का स्तर बढऩे पर सीवरेज बैक मारता है।
विकास के नाम पर चंद कालोनियों में बनी सीसी फलोरिंग की सड़कें और तीन प्रमुख सड़कों पर लगी इंटर लाकिंग टाइल्स। ढिल्लों कालोनी के एक पार्क को भी दुरुस्त किया गया है पर दूसरे को चारदिवारी का इंतजार है। दिलचस्प है कि यहां पर एक दो जगह ऐसी भी हैं जहां विकास के नाम पर खुद लोग ही अड़ंगा बने हैं। दो दशकों से कच्ची सड़कों पर चल रही महिंदरा कालोनी की 15 गलियां बनी पर ढिल्लों कालोनी में दो गलियां सिर्फ इस लिए नहीं बन पा रही कि गली के आधे बाशिंदे नहीं चाहते कि उनके मकान नीचे रह जाएं। दो फुटबाल के मैदानों जितनी खाली जगह पर लोग बच्चों का पार्क या खेल का मैदान नहीं फ्लैट चाहते हैं जिससे उनकी जायदाद की कीमत बढ़ जाए और आबादी बढऩे से दुकानदारों की आय बढ़े।
वहीं क्षेत्र के बाशिंदे श्री हनुमान मंदिर चौंक के गुरमुख सिंह कहते हैं कि नाले की बदबू में जीना मजबूरी हो गई है पर ये कवर होना चाहिए। समानिया गेट के बलविंदर सिंह बेहतर साफ सफाई चाहते हैं तो राज कालोनी के बलजीत सिंह कहते हैं कि बारिश में हर तरफ पानी जमा होता है और सड़क पर से पानी निकलता नहीं और इंसान का निकलना मुश्किल हो जाता है। गोविंदपुरा मुहल्ला के अजमेर सिंह और महिंदरा कालेज के सोनू पीने के पानी की किल्लत बताते हैं। जबकि ढिल्लों कालोनी के यूके मंगला कहते हैं कि पार्कों को दुरुस्त किया जाना चाहिए।



वार्ड अधीन आते क्षेत्र

राज कालोनी, ढिल्लों कालोनी, महिंदरा कालोनी, कुम्हारां वाला मुहल्ला, ज्योति एनक्लेव, समानिया गेट, ओल्ड पुलिस लाइन स्कूल, श्री महावीर मंदिर, नौहरियां मंदिर, निमवाली गली, सब्जीमंडी का कुछ क्षेत्र, एकता मुहल्ला, रामलीला ग्राउंड के सामने का क्षेत्र, मौरांवाली गली, रागीवाला मुहल्ला, डोगरा स्ट्रीट इत्यादि प्रमुख क्षेत्र।

क्या कहते हैं पार्षद
फोटो: 1
शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन से पार्षद बने इंद्रप्रीत सिंह बब्बी मान इंटरलाकिंग टाइल्स से बनाई गई सड़कों को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धी मानते हैं और कहते हैं कि थोड़ी सी बारिश से जहां हर तरफ कीचड़ हो जाता था वो अब नहीं है, सारी प्रमुख सड़कें बन गई है। लेकिन पानी व ड्रेन का सिस्टम खासा पुराना होने के चलते दुरुस्त नहीं हो पाया है, हालांकि दो टयूबवेल लगवा कर पानी की व्यवस्था ठीक करने का प्रयास किया है। फिर भी कई काम करने वाले अभी हैं।  

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