-विरोधियों की फोन काल डिटेल्स निकलवा कर रहे घेरा बंदी
-अपना फोन आफिस में रखा, 'अपनोंÓ व 'आकाओंÓ के लिए अलग-अलग नंबर
-शिकायत आई तो कार्रवाई होगी: एसएसपी
भूपेश चट्ठा, पटियाला
स्थानीय निकाय के चुनावों में चाहे फोटो पहचान पत्र व मतदाता सूची जैसी इस साल की आधुनिकतम तकनीकों का प्रयोग ना किया जा रहा हो लेकिन नगर निगम के लिए हो रहे इन चुनावों में भाग्य अजमा रहे उम्मीदवार (पहले टिकट के दावेदार) पूरी तरह से हाईटेक हो राजनीति की बिसात पर जोर अजमायश कर रहे हैं।
चुनाव लड़ रहे सशक्त व अनुभवी उम्मीवारों के पास जुगाड़ ज्यादा हैं। ऐसे ही एक उम्मीदवार बताते हैं कि उनके विरोधी को काफी दिनों से उनके हर संपर्क सूत्र की खबर हो रही थी तो किसी ने उन्हें भी सलाह दी की पता करो ये खुद किस-किस से बात करता है? थोड़ा प्रयास और थोड़ी रकम खर्च करने पर उन्हें भी अपने विपक्षी की मोबाइल काल डिटेल मिल गई। जब नंबर मिलाने शुरु किए तो लगभग हर उस नंबर पर भी कई कई काल की हुई थी जो उसके 'दोस्तोंÓ के थे, जिनके बारे में वे कसम खा सकते हैं कि वे हमेशा ही उनके साथ रहेंगे और कुछ तो पार्टी के भी पदाधिकारी हैं और प्रदेश स्तर तक पहुंच रखते हैं। इन्हीं लोगों से जब बात की गई तो सारी कहानी खुल आई कि माजरा क्या है?
विपक्षी के खेमे में अपने बंदे फिट करवा कर पकड़े जाने का डर अथवा विरोधी के घर या आफिस के आसपास मोर्चाबंदी करने का रिस्क यहां खत्म हो जाता है। मात्र विरोधियों की फोन काल डिटेल्स निकलवा कर घेरा बंदी करने के साथ अब इन उम्मीदवारों ने निजी कंपनियों के फोन के अलावा अब बीएसएनएल के मोबाइल लेने के अलावा चंडीगढ़ अथवा हरियाणा के अपने रिश्तेदारों के नाम से लिया गया फोन चुनावों के लिए प्रयोग करना शुरु किया है। कहते हैं कि रोमिंग का खर्च अब खर्च नहीं है। राजनीतिक भविष्य जरूरी है।
इतना ही नही अपना फोन आफिस में रख कर हर किसी के संपर्क में हैं तो 'अपनोंÓ व 'आकाओंÓ के लिए अलग-अलग नंबरों का प्रयोग किया जाने लगा है। सावधानी इतनी ज्यादा बरती जा रही है कि एक फोन तो रात को नौ बजे से पहले आन ही नहीं किया जाता।
वहीं इसी संबंध में एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल से संपर्क किए जाने पर वे कहते हैं कि प्राइवेट डाटा अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे का निकलवाता है तो ये गलत है। कुछ स्थितियों में सुरक्षा एजेंसियां ऐसा जरूर करती है लेकिन कानून के दायरे में रहते हुए। एसएसपी कहते हैं कि उनके पास अगर कोई शिकायत आती है तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
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