जागरण विशेष
भूपेश चट्ठा, पटियाला
प्रदेश में सत्ता के दूसरे बड़े केंद्र के रूप में जाने जाते पटियाला जिले का समाना विधान सभा ऐसा चुनावी क्षेत्र रहा है जहां के विधायक को 'सत्ता का सुखÓ नहीं मिल पाता लेकिन डी-लीमिटेशन के बाद इस क्षेत्र को तोड़ कर बने पटियाला ग्रामीण की स्थिति भी अब कुछ ऐसी हो गई है कि कांग्रेस के उम्मीदवार ने चुनाव तो जीता पर तमाम अनुमानों-अटकलों व 'परंपराओंÓ के बावजूद कांग्रेस प्रदेश की सत्ता पर काबिज नहीं हो सकी है। ऐसे में पहली प्रतिक्रिया यही आ रही है कि जिस तरह से समाना विधान सभा क्षेत्र पर विपक्ष में बैठने का 'श्रापÓ लगा था अब वो पटियाला ग्रामीण शिफ्ट हो गया है।
समाना से इस बार 2012 में सुरजीत सिंह रखड़ा चुनाव जीते हैं और पहली ही विकास रैली में पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने उन्हें चुनाव जीतने पर कैबिनेट मंत्री बनाने की घोषणा कर दी थी, जबकि पिछली बार 2007 में वे इसी सीट पर चुनाव हारे पर पार्टी राज्य की सत्ता में आ गई। ठीक इसी तरह 2002 में वे चुनाव जीते और कांग्रेस के ब्रहम महिंदरा चुनाव हरे तो प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता बनी। इस बार समाना से पटियाला ग्रामीण आए कांग्रेस के ब्रहम महिंदरा भारी मतों से चुनाव जीते हैं पर राज्य में कांग्रेस आ गई है। यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा है। बस एक बार अपवाद 1997 में हुआ लेकिन तब शिरोमणि अकाली दल की लहर में इसी पार्टी के उम्मीदवार जगतार सिंह राजला चुनाव जीते पार्टी सत्ता में आई तो राजला जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा के साथ सर्व हिंद शिरोमणि अकाली दल में जा विपक्ष में बैठ गए।
मुखमैलपुर ने जलालपुर को 'भाजीÓ लौटाई
घनौर सीट से 2007 में निर्दलीय के रूप में 732 वोटों से चुनाव जीते मदन लाल जलालपुर को मुखमैलपुर ने 'भाजीÓ लौटा दी है। हालांकि इस बार अजैब सिंह मुखमैलपुर के स्थान पर उनकी पत्नि हरप्रीत कौर मुखमैलपुर 1778 वोटों के अंतर से जीत पाई हैं। याद रहे कि पिछला चुनाव जीतने के बाद जलालपुर पहले अकाली हुए और फिर कांग्रेस का टिकट लेने में कामयाब रहे।
किराए के मकान से निकल राजपुरा के 'मूल निवासीÓ हुए कंबोज
राजपुरा सीट पर भारी बहुमत से जीतने वाले हरदयाल कंबोज पर 2007 में राजखुराना की 'बिरादरीÓ से 'बाहरीÓ उम्मीदवार के रूप में जूझे पर हार गए। पांच साल राजपुरा अपडाउन करते रहे अंत में किराए पर मकान लेने वाले कांग्रेस के हरदयाल कंबोज ने मतदान के बाद और चुनाव परिणाम आने से पहले ही राजपुरा में मकान खरीद लिया है। अब उन्हें यहां की जनता ने 'मूल निवासीÓ होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।
लाल सिंह ने बताया 'अनुभवÓ क्या चीज है?
सनौर में कांटे की टक्कर बताई जा रही थी हुआ भी कुछ ऐसा ही लेकिन अंत में घाघ सियासतदान लाल सिंह ने बता ही दिया कि पढ़ाई लिखाई अपनी जगह है पर 'अनुभवÓ बड़ी चीज है।
पटियाला ने फिर चुकाया कैप्टन का 'कर्जÓ, पर परनीत कौर को झटका
पटियाला शहर के वोटरों ने पूर्व रियासत के महाराजा कैप्टन अमरिंदर सिंह का 'कर्जÓ एक बार फिर से चुका दिया है, हालांकि तमाम प्रयासों के बाद पुत्र रणइंद्र सिंह के हार जाने से विदेश राज्यमंत्री परनीत कौर को झटका जरूर लगा है।
बनिंदर कौर लूंबा को मिली 765 वोटों की 'सहानुभूतिÓ
सर्वाधिक ग्रामीण व पिछड़ा क्षेत्र कहे जाने वाले शुतराणा सीट पर अकाली दल की बनिंदर कौर लूंबा के हिस्से में इस बार 765 वोटों की 'सहानुभूतिÓ आई है। याद रहे कि यहां से पहले अकाली और फिर कांग्रेसी के रूप में चुनाव जीतते रहे निर्मल सिंह शुतराणा 'धक्का हुआÓ के नारे पर लड़ते रहे हैं पर इस बार लूंबा 'साडी मदद करोÓ ज्यादा भारी पड़ा।
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