-सरकार की ओर से आए आबकारी टेक्स के हिस्से से जारी किए 70 लाख के चैक
-एक महीने की बकाया थी सेलरी, तीन महीने से पीएफ व इतने ही समय से नहीं जमा हुआ पैंशन फंड
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उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
राच्य की सत्ता खाली पड़ी हो और चुनाव आयोग के आदेशों के चलते मतदान के बाद भी आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो ऐसे में कोई भी व्यक्ति कर्मचारी आंदोलन के बारे में नहीं सोच सकता, लेकिन सोमवार को नगर निगम के कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। कारण सिर्फ और सिर्फ कर्मियों को वेतन नहीं मिलने का था।
आधिकारिक तिथि के गुजर जाने के दो सप्ताह बाद भी जब वेतन मिलने के आसार बनते नहीं दिखे तो कर्मियों ने सहायक कमिश्नर नाजर सिंह के कार्यालय के बाहर धरना दे डाला और एक तरह से उनका घेराव कर बंधक ही बना डाला। हालांकि बाद में राज्य सरकार के आबकारी विभाग की ओर से किसी भी स्थानीय निकाय विभाग को आबकारी कर में से दिए जाने वाले हिस्से के तहत 70 लाख रूपये आए तो जनवरी महीने के वेतन के लिए लगभग इतनी ही राशि के वेतन के चैक काट दिए गए हैं। पटियाला नगर निगम में करीब 250 कर्मी कार्यरत हैं।
वहीं कर्मचारियों के आज के आंदोलन का नेतृत्व करने वाली म्यूनिसिपल वर्कर यूनियन प्रधान नरेश कुमार बॉबी और कार्यकारी प्रधान गुरप्रीत सिंह चावला कहते हैं कि सरकार की ओर से आए आबकारी टेक्स के हिस्से से फिलहाल तो वेतन जारी कर दिया है। कर्मियों की एक महीने की सेलरी बकाया थी। वे कहते हैं कि वेतन तो जैसे तैसे दे दिया गया है पर तीन महीने से कर्मियों का ना तो पीएफ जमा करवाया गया है और इतने ही समय पैंशन फंड भी जमा नहीं करवाया गया है।
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क्या कहते हैं सहायक कमिश्नर
कर्मियों के घेराव और गुस्से का शिकार हुए सहायक कमिश्नर नाजर सिंह कहते हैं प्रदेश भर में हालात ऐसे ही हैं। वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद एरियर व वेतन भत्तों में हुई बढ़ोतरी के चलते ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। वेतन जैसे तैसे चुकाने पर पीएफ इत्यादि के जमा ना होने के सवाल पर वे कहते हैं कि राज्य सरकार से आने वाला पैसा रुका हुआ है जैसे जैसे आता जाएगा कर्मियों के खातों में जमा करवाते जाएंगे। ऐसे में चिंता की कोई बात नहीं होनी चाहिए।
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