Monday, 27 February 2012

36 बजट गुजरे पर नहीं बिछी 86 किमी लाइन,patiala-samana-patran-jakhal railway line


सुनिए मंत्री जी
-आंखे बिछाए पीढ़ी हुई जवां पर नहीं बिछी रेलवे लाइन

भूपेश चट्ठा, पटियाला
पटियाला से जाखल तक रेलवे लिंक बना कर समाना और पातड़ां को जोड़ मूणक होते हुए रेलवे लाइन को देखने में आंखें बिछाए एक पूरी पीढ़ी जवां होने के बाद अधेड़ अवस्था में पहुंच रही है पर इस दौरान निकले 36 रेलवे बजट इस 86 किलोमीटर की दूरी रेल पटरी पर पूरी नहीं करवा पाए।
पटियाला से पातड़ा (55 किलोमीटर) पातड़ा से मूणक (25 किमी) पंजाब में शेष छह किमी हरियाणा में रेलवे लाइन का मुद्दा हालांकि अब पूरी तरह से चुनावी हो कर रह गया है, फिर भी क्षेत्र के लोग रेलवे बजट से पहले नजरें बिछा लेते हैं कि इस बार कौनसे सर्वे की घोषणा होगी। हालांकि रेलवे लाइन का लारा लगाने के दौर में समाना का 'स्टेशनÓ भी उखड़ गया। करीब दो साल पहले एक ही रात में हुई कार्रवाई के बाद से रेलवे लाइन की बात करने वालों को तो राहत मिल गई पर आम आदमी की समस्या और बढ़ गई है।
 आतंकवाद की शुरुआत अथवा 70 के दशक में तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्ञानी जैल सिंह के कार्यकाल में जब स्व. संत राम सिंगला समाना से चुनाव लड़े तो पटियाला-समाना-पातड़ा-जाखल रेलवे लाइन का विचार आया जम कर वोटें भी पड़ी। पिछड़े कहे जाने वाले क्षेत्र के लोगों को लगने लगा कि उनका गांव-खेत मैन रेल लाइन पर होगा, जमीन की कीमत बढ़ेगी और व्यापार का विकास होगा, लेकिन परिणाम आज सभी के सामने है, विधान सभा चुनावों में उठने वाला रेलवे लिंक का मुद्दा अब लोक सभा चुनावों तक पहुंच गया है, पर मामला हर बार स्र्वे शुरु होने के साथ ही सिमट जाता है।
शिरोमणि अकाली दल से विधायक रहे, जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन सुरजीत सिंह रखड़ा कहते हैं कि उन्होंने केंद्र को इस बाबत लिखा है। क्षेत्र की जरूरतों व रेलवे लिंक बनने से खुलने वाली संभावनाओं पर विस्तार पूर्वक बताया है, पर बात आगे नहीं बढ़ सकी है। कहते हैं कि ये केंद्र का प्रोजेक्ट है और हम इसका स्वागत करते हैं। ऐसा होता है तो समाना के लोगों के लिए अच्छी बात है। इससे विकास को बढ़ावा मिलेगा।

बाक्स
 रेलवे लाइन बिछाने चले थे 'स्टेशनÓ भी उखड़ गया

 2005-06 के बाद से रेलवे में कंप्यूटरीकरण होने के बाद से आउट एजेंसी के नाम पर टिकट की बुकिंग बंद हो गई। अब सिर्फ उन्हीं स्थानों के टिकट दिए जाते हैं जहां रेलवे लाइन जा रही है और जो स्टेशन कंप्यूटर में फीड हैं। हालांकि इससे पहले तक समाना के लिए देश के किसी भी कोने से रेलवे टिकट लिया जा सकता था और सुबह शाम समाना तक आने जाने का प्रबंध रेलवे पीआरटीसी के माध्यम से करवाता था, इसी बस में पार्सल के साथ सवारियों के बैठने का प्रबंध होता था। पर अब ऐसा नहीं है। अंतिम किराया 13 रूपये बताया जा रहा है।  रेलवे की ओर से पासर्ल व अन्य प्रकार की बुकिंग  के लिए समाना में 'स्टेशनÓ खोला गया था और ये स्टेशन रियासती काल की मौनो रेल के समय से यहां के लोगों को सेवाएं देता आ रहा था। जिस किराए की जगह पर उक्त स्टेशन दशकों से चलता रहा उक्त भूमि पर मालिकाना हक की लड़ाई में एक ही रात में सामान सड़क पर आ गया आजकल उसी जमीन पर बनी बिल्डिंग पर बैंक चल रहे हैं।  

शुरु होने की उम्मीद: परनीत कौर

केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार में विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने पिछले लोक सभा सत्र में भी समाना से होकर रेलवे लाइन बिछाने का मुद्दा उठाया था और तत्कालीन रेलवे मंत्री ममता बनर्जी के दो साल पहले के रेलवे बजट में एकबार फिर से उल्लेख होने का हवाला भी दिया था। रेलवे लाइन पर बात सिर्फ सर्वे तक पर ही रहने पर वे जनता प्रति जवाबदेही से इन्कार नहीं करती हैं पर ये भी कहती हंै कि 'अब जल्द शुरु होना चाहिए'

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