पंजाब के डा. जोगिंदर टाइगर एक लाख एकड़ जमीन पर करेंगे खेती
कई लुभावने वादों के साथ पंजाब पहुंचे इथियोपिया के राजदूत
8 डालर में एक हेक्टेयर जमीन 60 वर्ष की लीज पर मिलेगी
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
पंजाब के किसानों को दक्षिणी अफ्रीका के देश इथियोपिया से कई लुभावने वादों के सात खेती करने का न्यौता मिला है। इस संबंध में यहां डकाला रोड स्थित फन विले में पहुंचे इथियोपिया के राजदूत डिप्टी हेड आफ मिशन दीरजे असवा ने रविवार को किसानों से मुलाकात की।
राजदूत ने मीडिया को बताया कि उनके देश ने पंजाब के डा. जोगिंदर टाईगर के साथ पिछले साल अगस्त में एक एमओयू पर साइन किए थे। इसके तहत डा. टाइगर की ओर से एक लाख एकड़ जमीन को विकसित कर खेती करने के संबंध में सौंपी रिपोर्ट को उनकी सरकार ने स्वीकार कर लिया है। यह साधारण खेती न होकर एग्रोटेक खेती होगी। इसमें अनाज की फसल उगाने से लेकर दाल, फल, सब्जिया, पोल्ट्री, पिगरी व डेयरी प्रमुख रूप से शामिल होंगी।
इसी संबंध में डकाला रोड स्थित फन विले में डा. टाईगर के यहां आए दीरजे असवा ने बताया कि इथियोपिया में 33 लाख हेक्टेयर भूमि खेती का इंतजार कर रही है। पंजाबियों की खेती में की जाने वाली मेहनत के वे मुरीद हैं और चाहेंगे कि वे बड़ी संख्या में पंजाबी उनके दूतावास से संपर्क करें।
असवा के अनुसार, इथियोपिया में 18 फीट पर पानी, साल भर बारिश और 20 से 32 डिग्री के बीच तापमान खेती के लिए अच्छा वातावरण मुहैया करवाता है। इसके लिए इथियोपिया सरकार की ओर से आठ डालर में एक हेक्टेयर जमीन 60 साल की लीज पर दी जा रही है। इसमें से भी प्रोजेक्ट की कुल कीमत का 30 फीसदी ही देना होगा, जबकि शेष 70 फीसदी फाइनास हो जाता है।
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क्या क्या मिलेंगी सुविधाएं
सुविधाओं की बात करते हुए राजदूत दीरजे असवा ने बताया कि हमारे यहां एक डालर से कम पर सस्ती लेबर उपलब्ध है। यही नहीं, पहले दस साल आय पर कोई टैक्स नहीं है, कृषि उपकरण एक्साइज से मुक्त हैं और कोई भी व्यक्ति अपनी कमाई ले जाने को स्वतंत्र है। उनके अनुसार इथियोपिया में भारत से करीब 500 कंपनियां काम कर रही हैं। इसके अलावा 22 यूनिवर्सिटियों में 600 से ज्यादा भारतीय प्रोफेसर पढ़ा रहे हैं।
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40 हजार को मिलेगा रोजगार : डा. टाईगर
इस मौके पर डा. टाईगर ने बताया कि नील नदी की प्रमुख सहायक नदी के पास की जमीन वे देख आए हैं। वहां की सरकार जमीन तक जाने को सड़क बना कर भी देने को तैयार है। बस एक पुल की दरकार है। वहां करीब 40 हजार लोगों को रोजगार मिलना तय है। पहले चरण में एक लाख और दूसरे चरण में सवा लाख एकड़ में खेती की जाएगी
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