बिजली की मांग 1900 लाख यूनिट तक जाने की उम्मीद
1875 लाख यूनिट का प्रबंध
इंडस्ट्री पर अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश के अलावा कोई कट नहीं लगाया जाएगा
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड की मानें तो इस बार बिजली झटके नहीं देगी। प्रदेश भर में बिजली के हालात बेहतर रहने वाले हैं। राज्य में इंडस्ट्री पर भी कोई विशेष कट नहीं लगने जा रहा है। पावरकॉम के विशेषज्ञों की ओर से एकत्रित आंकड़ों केमुताबिक राज्य में बिजली की अधिकतम मांग जुलाई महीने में 1900 लाख यूनिट प्रतिदिन तक जाने की उम्मीद है, जबकि जुलाई व अगस्त के महीनों में क्रमश: 1875 व 1870 लाख यूनिट प्रतिदिन का प्रबंध कर रखा है। हालांकि ओपन एक्सेस के तहत निजी क्षेत्र करीब एक सौ लाख यूनिट प्रतिदिन बिजली अपने स्तर पर ले रहा है। राज्य में बिजली की आंकड़ों पर आधारित मांग से यह हिस्सा अब बाहर हो गया है। पावरकॉम के उच्चाधिकारी बताते हैं कि यदि मानसून धोखा नहीं देता है तो किसी भी वर्ग पर कोई घोषित कट नहीं लगाया जाएगा। मरम्मत अथवा रखरखाव के लिए लगने वाले कट हालांकि इससे अलग ही रहेंगे। सबसे पहले कटों की मार तले आने वाली इंडस्ट्री के सवाल पर अधिकारी कहते हैं कि इस पर अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश के अलावा कोई कट नहीं लगाया जा रहा। यह अवकाश भी लेबर कानूनों के तहत किसी भी फैक्ट्री में होना जरूरी है। इसके अलावा साल भर चलने वाला सांयकालीन समय में तीन घंटे का पीक लोड प्रतिबंध ही जारी रह सकता है। अगर कोई बड़ी तकनीकी रुकावट न आए तो पंजाब का अपना उत्पादन- जून में 750 लाख यूनिट प्रतिदिन, जुलाई व अगस्त में 700 लाख यूनिट, सितंबर में 650 लाख यूनिट और अक्टूबर में 600 लाख यूनिट रह सकता है। जबकि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड से पंजाब को जून, जुलाई में 200 लाख यूनिट प्रतिदिन, अगस्त में 175 लाख यूनिट व इसके बाद 110 लाख यूनिट प्रतिदिन बिजली मिलती रहेगी। इसी प्रकार पंजाब को मिल रही बैंकिंग की बिजली जून में 100 लाख यूनिट प्रतिदिन है तो जुलाई में 200 से 225 लाख यूनिट, अगस्त में 200, सितंबर में 175 लाख यूनिट और अक्टूबर में 60 लाख यूनिट प्रतिदिन मिलेगी। लंबी अवधि के खरीद समझौतों के तहत 250 से 350 लाख यूनिट बिजली हर रोज मिलेगी तो शार्ट टर्म के खरीद समझौतों के तहत 24 लाख यूनिट से हुई शुरुआत जून में 220 लाख यूनिट और जुलाई अगस्त में 260 और सितंबर में 240, अक्टूबर में 200 लाख यूनिट प्रतिदिन रहेगी। गैर परंपरागत स्रोतों से करीब नौ लाख यूनिट बिजली लगातार मिलती रहेगी। सेंट्रल पूल से पंजाब को नियमित रूप सेमिलने वाला हिस्सा इससे अलग है।
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