Thursday, 19 May 2011

गेहूं पर बारिश ने भुलाया किसान को बोनस, wheat, weather, may 3rd


-बारिश के बाद चली हवा से ज्यादा नुकसान
-रात में कंबाईन मशीन चलाने की अनुमित देने की मांग उठने लगी

भूपेश चट्ठा, पटियाला

मौसम में लगातार बनी हुई नमी और बीच बीच में होने वाली बारिश और विशेष रूप से रात में चली रही तेज हवाओं ने किसान की सुध-बुध खो दी है। ऐसे में गेहूं पर मिले 50 रूपये प्रति क्विंटल के बोनस को कम से कम वो किसान बिलकुल तव्वजो नहीं दे रहा जिसकी फसल अभी खेतों में खड़ी है। बोनस को भूला किसान ईश्वर के आगे अरदास में लगा है कि किसी तरह से मौसम शुष्क हो और पश्चिमी हवाएं चलें जिससे उपज लेने में आसानी हो और दाना जल्द पक कर सूख जाए तो बेचने में भी कोई दिक्कत ना आए।

प्रदेश में रबी की प्रमुख फसल गेहूं पर देश भर की निगाह टिकी है और गेहूं के परंपरागत सीजन की शुरूआत के बाद और मंडियों में गेहूं के आने में आई तेजी के बाद से फिर शुरू हुई बारिश से राज्य का किसान सहमा है। गेहूं की देर से हुई बिजाई के चलते इन दिनों की बारिश संभवत पौधे बर्दाश्त कर लेते लेकिन साथ आई तेज हवाओं ने रिकार्ड उपज पर सवालिया निशान लगा दिए है। तेज हवाओं से गिरे पौधों ने हालत ऐसे कर दिए है कि कंबाईन तो दूर की बात हाथ से कटाई करनी भी मुश्किल हो गई है।

किसानों की ओर से मांग उठने लगी है कि ऐसे मौसम में रात के दौरान भी कंबाईन मशीन चलाने की अनुमित दी जाए जिससे ठीक मौसम वाले दिन काटाई हो जाए। तर्क यह भी दिया जा रहा है कि रात में कंबाईन चलाने पर तूड़ी ज्यादा बनती है और दाना मोटा रहता है।

वहीं कंर्सोटियम आफ इंडियन फार्मर्स ऐसोसिएशन के प्रदेश प्रधान सतनाम सिंह बहरू कहते है कि पश्चिम से हवाएं चलती हों और मौसम ठीक रहे तो कटाई कभी भी हो सकती है। इस बार तो सभी तरफ नुकसान हो रहा है। देवीगढ़ क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। साथ ही उन्होनें केंद्र की ओर से घोषित किए गए कम बोनस और राज्य की ओर से मध्यप्रदेश, कर्नाटक व आंध्र प्रदेश सरकारों के समान किसान को अपनी ओर से लाभ ना दिए जाने की कड़ी आलोचना की है।

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