Thursday, 19 May 2011

मौसम बेशक 'प्रतिकूल', पंजाब रहेगा 'कूल' election, save electricity, weather,

 पिछले साल लगे इन दिनों कट, पर अब इंतजाम ऐसे की सरप्लस बिजली बेच रहा पावरकाम

भूपेश चट्ठा, पटियाला

दो साल पहले बेहद खराब रहे मानसून के दौर में कैप्टन कंवलजीत सिंह की मौत के बाद बनूड़ में उपचुनाव हुए तो विधान सभा क्षेत्र में पूरी गर्मियों के दौरान एक घंटा भी बिजली कट नहीं लगा, जबकि तब पूरा प्रदेश बिजली के लिए त्राहि-त्राहि कर रहा था। अबकी बार पूरे प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन गर्मी चाहे जितनी पड़े, इस बार राज्य की जनता को राहत मिलनी तय है। इसका अहसास पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के आंकड़े करवा रहे हैं कि मौसम चाहे कितना भी प्रतिकूल क्यों न हो बिजली का माहौल कम से कम दस जून तक कूल ही रहने वाला है।

आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल एक मई को महत्वपूर्ण शहरों में आधिकारिक रूप से 50 मिनट का कट था तो जिला मुख्यालयों से कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में ये अवधि बढ़ते हुए तीन घंटे तक जा पहुंची थी। लेकिन इस साल दो मई की सुबह समाप्त हुए 24 घंटे में इंडस्ट्री पर सांयकालीन लगने वाले तीन घंटे के पीक लोड प्रतिबंध के अलावा सभी वर्गो पर कटों की अवधि समान रूप से जीरो है।

दिलचस्प है कि बड़ी मात्रा में खरीदी जाने वाली बिजली के शार्ट टर्म समझौते भी इस साल दस जून की बजाए अप्रैल से किए गए है। इंतजाम कुछ ऐसा है कि सोमवार को दो थर्मल यूनिट मरम्मत के चलते बंद किए गए हैं और राज्य के पास एक मई को 1188 लाख यूनिट बिजली थी तो एक दिन पहले 30 अप्रैल को 1259 लाख यूनिट। जबकि राज्य कुल मिलाकर 1158 लाख यूनिट बिजली का ही इस्तेमाल कर पाया है। ऐसे में स्पष्ट है कि पंजाब के पास फिलहाल 38 से 98 लाख यूनिट तक सरपल्स बिजली है। इसमें से 25 लाख यूनिट अनशैडयूल इंटर चेंज के तहत बेची गई और शेष 2.62 रूपये प्रति यूनिट की दर से अन्य राज्यों के हवाले करने केंद्रीय पूल में डाल दी गई।

वहीं पावरकाम के प्रवक्ता कहते हैं कि राज्य में ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन लॉसेज एक फीसदी कम हुए और सिस्टम दुरुस्त होने से हालात बदले हैं। याद रहे कि टीएंडडी लासेज एक फीसदी कम होने पर इन दिनों में 10 लाख यूनिट की बचत हो रही है। इस पर पावरकाम कहता है कि ये मात्रा चाहे काफी कम है लेकिन बिजली का अचानक गुल होना, बार बार फ्यूज उडऩा कम हुआ है। इससे अच्छी गुणवत्ता की सप्लाई मिल रही है।

ट्रांसमिशन सिस्टम दुरूस्त होने से हर जगह पर बिजली पहुंच रही है। इसी प्रकार पिछले साल के बेहतर मानसून से पन बिजली उत्पादन अच्छा बना हुआ है। पंजाब को भाखड़ा ब्यास मैनेंजमैंट बोर्ड से 142 लाख यूनिट और अपना पन-बिजली उत्पादन 123 लाख यूनिट है, जबकि यही आंकड़ा पिछले साल क्रमश 95 लाख और 92 लाख यूनिट रहा था।

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