Monday, 20 June 2011

धान की रोपाई जल्द निपटाने में लगा किसान, paddy soawing, farmer,

सचेत अन्नदाता 
 बासमती व पूसा-1121 को छोड़ हर किस्म की हो रही रोपाई 
 ..ताकि बाढ़ आने से पहले पकड़ लें पौधे जड़
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला :
 मजदूरों की कमी और धान पर खर्च को बचाने के लिए सचेत किसान जल्द से जल्द धान की रोपाई करने में लगा है। धान पर पानी के अतिरिक्त खर्च को बचाने के लिए प्रत्येक किसान बारिश से ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने की सोच रहा है। जिले भर में अभी तक आधे से क्षेत्र में धान की रोपाई हो चुकी है। मौसमी मजदूरों की कमी खेत मजदूरों की कमी के चलते प्रत्येक किसान धान की रोपाई को लेकर परेशान है। उधर प्रत्येक साल बिजली कटों से किसान के लिए महंगी हो चुकी धान की खेती अब किसान को प्रोडक्शन कास्ट कम करने के लिए मजबूर कर चुकी है। यही कारण है कि हरेक किसान जल्द से जल्द धान की रोपाई कर बारिश से लाभ लेने की सोच रहा है। फ‌र्स्ट कम फ‌र्स्ट सर्व धीरे ही सही लेकिन इंडस्ट्री का रूप धारण करती जा रही पंजाब की कृषि पहले आओ पहले पाओ के फार्मूले को अपनाती जा रही है। धान की रोपाई के लिए जिस किसान ने खेत को पहले तैयार किया उसे लेबर मिलने के साथ-साथ सिंचाई विभाग से मिलने वाली पानी की सुविधा भी मिली। धान की रोपाई का काम जल्द निपटाने का फायदा धान की कटाई में मिलना तय होगा। कटाई के समय कंबाइन मशीन और लेबर का समय से मिलना तय होगा। इसके बाद हरियाणा सीमा से सटे सैला प्लांटों में अच्छे किसान अच्छे दाम में अपना धान बेच सकेंगे। पंजाब की मंडियों में धान बेचने के लिए लंबे इंतजार और आढ़ती से पैसे मिलने का इंतजार से राहत मिलेगी। माडर्न किसान अपने धान को जल्द निपटाने के बाद अपने कृषि यंत्रों से किराया बटोर अपनी आर्थिक स्थित को मजबूत कर पाएगा। क्षेत्र का किसान बासमती व पूसा- 1121 जैसी देरी से लगने वाली किस्मों को छोड़ कर हर अगेती किस्म की रोपाई करने में लगा है। किसान को लग रहा है कि जुलाई मध्य में आने वाले फ्लैश फ्लड व अगस्त में आने वाली बाढ़ से पहले रोपे गए पौधे जड़ पकड़ लें तो बेहतर है। फिर अगर दो-चार दिन डूबे भी रहें तो कोई गम नहीं।

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