उप मुख्य संवाददाता, पटियाला :
राज्य में कहीं मामूली तो कहीं अच्छी बारिश के बाद बिजली की मांग सोमवार को 180 लाख यूनिट गिरकर 1670 लाख यूनिट पर आ गई है। इससे पहले के 24 घंटों में राज्य में 1870 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई। पावरकॉम के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बिजली की मांग में गिरावट का एक अन्य कारण दो दिन सरकारी कार्यालयों में अवकाश भी रहा है। मांग घटने के चलते रोपड़ के दो और लहरा मुहब्बत का एक यूनिट 18 को बंद किया गया जिसमें से रोपड़ का छह नंबर व लहरा मुहब्बत का चार नंबर 19 जून की रात होते होते चला लिया गया है। पावरकाम के सूत्र बताते हैं कि इन हालातों के बीच भी पंजाब को करीब सात सौ लाख यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही है। दिलचस्प है कि इसके बावजूद पंजाब ने डेढ़ रुपये प्रति यूनिट की दर पर 22 लाख यूनिट बिजली अन्य राज्यों को बेची है। पावरकाम के अधिकारी कहते हैं कि पूर्व में किए गए समझौतों के तहत महंगी बिजली खरीदना उनकी मजबूरी है। मौसम के हालात कब बदल जाएं कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन जून के महीने में कट न लगना जनता के लिए सुखद अनुभव है। पंजाब के अपने थर्मल प्लांटों से बिजली का उत्पादन पौने दो रुपये प्रति यूनिट पड़ता है और यदि समझौतों के तहत खरीदी जाने वाली बिजली पंजाब निजी क्षेत्र से नहीं लेता तो तीन वर्गो में क्रमश 80 पैसे, एक रुपये 20 पैसे और एक रुपये 60 पैसे की पेनल्टी लगनी तय है। शार्ट टर्म समझौतों के तहत खरीदी जाने वाली साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट से कम नहीं है।
राज्य में कहीं मामूली तो कहीं अच्छी बारिश के बाद बिजली की मांग सोमवार को 180 लाख यूनिट गिरकर 1670 लाख यूनिट पर आ गई है। इससे पहले के 24 घंटों में राज्य में 1870 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई। पावरकॉम के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बिजली की मांग में गिरावट का एक अन्य कारण दो दिन सरकारी कार्यालयों में अवकाश भी रहा है। मांग घटने के चलते रोपड़ के दो और लहरा मुहब्बत का एक यूनिट 18 को बंद किया गया जिसमें से रोपड़ का छह नंबर व लहरा मुहब्बत का चार नंबर 19 जून की रात होते होते चला लिया गया है। पावरकाम के सूत्र बताते हैं कि इन हालातों के बीच भी पंजाब को करीब सात सौ लाख यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही है। दिलचस्प है कि इसके बावजूद पंजाब ने डेढ़ रुपये प्रति यूनिट की दर पर 22 लाख यूनिट बिजली अन्य राज्यों को बेची है। पावरकाम के अधिकारी कहते हैं कि पूर्व में किए गए समझौतों के तहत महंगी बिजली खरीदना उनकी मजबूरी है। मौसम के हालात कब बदल जाएं कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन जून के महीने में कट न लगना जनता के लिए सुखद अनुभव है। पंजाब के अपने थर्मल प्लांटों से बिजली का उत्पादन पौने दो रुपये प्रति यूनिट पड़ता है और यदि समझौतों के तहत खरीदी जाने वाली बिजली पंजाब निजी क्षेत्र से नहीं लेता तो तीन वर्गो में क्रमश 80 पैसे, एक रुपये 20 पैसे और एक रुपये 60 पैसे की पेनल्टी लगनी तय है। शार्ट टर्म समझौतों के तहत खरीदी जाने वाली साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट से कम नहीं है।
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