प्रतिक्रिया
भूपेश चट्ठा पटियाला लोकपाल विधेयक पर भाजपा व शिअद की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करने पर विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इन लोगों को इसी बहाने भ्रष्टाचार का विरोध करने का अहसास तो हुआ यह अच्छी बात है, लेकिन ऐसी मांग करने से पहले इन्हें अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए। वह शुक्रवार को दैनिक जागरण से बातचीत कर रही थीं। वह यहां प्रदेश कांग्रेस सचिव व इंडियन स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन के चेयरमैन अजय थापर की मां के देहांत पर अफसोस प्रकट करने आई थीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अकाली-भाजपा गठबंधन की पिछली सरकार ने कांग्रेस के चार नेताओं को लोकपाल के कटघरे में खड़ा किया था। अब उन्हें अपनी सरकार के मंत्रियों के बारे में सोचना चाहिए। केंद्र में अन्ना हजारे की ओर उसे लोकपाल विधेयक लाने और लोकपाल को राजनेताओं से मुक्त करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन की प्रतिक्रिया में वे कहती हैं कि केंद्र की यूपीए सरकार इस मामले में पूरी तरह से गंभीर है। कैबिनेट रैंक के मंत्री इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम भी कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्दी ही मसले का हल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रधान सोनिया गांधी ने भी अन्ना हजारे की ओर से उठाए गए मुद्दे का समर्थन किया है अब बात तो सिर्फ उस तरीके की है जिसके अनुसार इसे लागू किया जाए। बातचीत चल रही है। संभव है मानसून सत्र में विधेयक पास भी हो जाएगा। ब्लैक लिस्ट किए गए एनआरआई पंजाबियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे हाल ही में डीएसजीपीसी के प्रधान परमजीत सिंह सरना के साथ केंद्रीय गृहमंत्री से मिली हैं। इस मामले में अब इतना तो तय हो गया है कि ब्लैक लिस्ट किए गए एनआरआई पंजाबियों के पुत्रों-परिजनों के भारत आने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में पहचान को लेकर संशय बना हुआ है, जिसे जल्द निपटाने के बाद उनका आना भी आसान हो जाएगा। इस अवसर पर युवा कांग्रेस के पूर्व जिला प्रधान संजीव बिट्टू मौजूद थे।
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