चार बार एमएलए बनाया अब मंत्री, पर बिना किसी बात के पार्टी छोड़ गया : बादल
भंडारण क्षमता बढ़वाने के लिए प्रधानमंत्री से छह अप्रैल को मिलने का समय मांगा
भूपेश चट्ठा, टोहरा (पटियाला)
भतीजे मनप्रीत बादल के खटकड़कलां में पंजाब पीपल्स पार्टी बनाए जाने की घोषणा के चार दिन बाद पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने शुक्रवार को यहां कहा कि मनप्रीत बादल ने उनकी और पार्टी दोनों की पीठ में छुरा घोंपा है।
स्व. पंथ रत्न जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा की सातवीं बरसी पर श्रद्धांजलि देने आए बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने उन्हें चार बार एमएलए और इस बार पहली बार मंत्री भी बनाया, जो मंत्रालय मांगा वह भी दिया पर मनप्रीत बिना किसी बात अथवा मुद्दे के पार्टी छोड़ गया। उसने यह ठीक नहीं किया। मनप्रीत ने पार्टी और उनके साथ धोखा किया है।
राज्य में चुनावी गठबंधन के सवाल पर वे कहते हैं कि जो भी पार्टी कांग्रेस को हराने के लिए उनके साथ आना चाहती है, उसका स्वागत है। केंद्र सरकार की ओर से सरकारी कर्मियों का मंहगाई भत्ता(डीए) बढ़ाए जाने पर राज्य सरकार के कर्मियों की ओर से डीए की किश्त मांगे जाने पर वह इसका सारा ठीकरा केंद्र के सर फोड़ते हुए कहते हैं कि सारे स्रोत तो केंद्र ने अपने पास रख लिए हैं। सिर्फ पंजाब ही नहीं सभी राज्यों से कर तो ले लिया जाता है पर वापस कुछ नहीं दिया जा रहा। ऐसे में केंद्र जब भी कोई घोषणा करता है उसे राज्यों के हितों को ध्यान में रख कर भी कोष जारी करना चाहिए।
राज्य में खरीद एजेंसियों के कर्मियों की ओर से गेहूं खरीद के बायकॉट करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याएं आती हैं तो उनके हल भी होते हैं। पर आजकल समस्याएं कुछ ज्यादा आ रही हैं। इनका हल भी निकल जाएगा। साथ ही राज्य में भंडारण की समस्या के लिए एक बार फिर केंद्र को दोषी ठहराते हुए उन्होंने कहा कि छह अप्रैल को प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा गया है। यह सिर्फ भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए है। राज्य केंद्र के लिए अनाज की खरीद करते हैं, यदि अनाज खराब होने लगे तो राज्य को बुरा भला कहा जाता है, लेकिन अब भंडारण क्षमता ही नहीं बढ़ाई जा रही तो क्या किया जा सकता है।
भतीजे मनप्रीत बादल के खटकड़कलां में पंजाब पीपल्स पार्टी बनाए जाने की घोषणा के चार दिन बाद पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने शुक्रवार को यहां कहा कि मनप्रीत बादल ने उनकी और पार्टी दोनों की पीठ में छुरा घोंपा है।
स्व. पंथ रत्न जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा की सातवीं बरसी पर श्रद्धांजलि देने आए बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने उन्हें चार बार एमएलए और इस बार पहली बार मंत्री भी बनाया, जो मंत्रालय मांगा वह भी दिया पर मनप्रीत बिना किसी बात अथवा मुद्दे के पार्टी छोड़ गया। उसने यह ठीक नहीं किया। मनप्रीत ने पार्टी और उनके साथ धोखा किया है।
राज्य में चुनावी गठबंधन के सवाल पर वे कहते हैं कि जो भी पार्टी कांग्रेस को हराने के लिए उनके साथ आना चाहती है, उसका स्वागत है। केंद्र सरकार की ओर से सरकारी कर्मियों का मंहगाई भत्ता(डीए) बढ़ाए जाने पर राज्य सरकार के कर्मियों की ओर से डीए की किश्त मांगे जाने पर वह इसका सारा ठीकरा केंद्र के सर फोड़ते हुए कहते हैं कि सारे स्रोत तो केंद्र ने अपने पास रख लिए हैं। सिर्फ पंजाब ही नहीं सभी राज्यों से कर तो ले लिया जाता है पर वापस कुछ नहीं दिया जा रहा। ऐसे में केंद्र जब भी कोई घोषणा करता है उसे राज्यों के हितों को ध्यान में रख कर भी कोष जारी करना चाहिए।
राज्य में खरीद एजेंसियों के कर्मियों की ओर से गेहूं खरीद के बायकॉट करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याएं आती हैं तो उनके हल भी होते हैं। पर आजकल समस्याएं कुछ ज्यादा आ रही हैं। इनका हल भी निकल जाएगा। साथ ही राज्य में भंडारण की समस्या के लिए एक बार फिर केंद्र को दोषी ठहराते हुए उन्होंने कहा कि छह अप्रैल को प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा गया है। यह सिर्फ भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए है। राज्य केंद्र के लिए अनाज की खरीद करते हैं, यदि अनाज खराब होने लगे तो राज्य को बुरा भला कहा जाता है, लेकिन अब भंडारण क्षमता ही नहीं बढ़ाई जा रही तो क्या किया जा सकता है।
एजुकॉम्प पीपीपी मॉडल के तहत खोलेगी स्कूल
उपमुख्य संवाददाता, टोहरा (पटियाला) : मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने शुक्रवार को पंथरत्न स्व. जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा की स्मृति में यहां गवर्नमेंट एजुस्टार आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की आदर्श योजना के तहत यह स्कूल स्थापित होगा, जो शिक्षा के क्षेत्र में पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप मॉडल (पीपीपी) के तौर पर एक नवीन शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह दो हजार से अधिक विद्यार्थियों की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करेगा। वित्तीय तौर पर कमजोर वर्गो के बच्चों को इसमें शिक्षा पूरी तरह से मुफ्त मिलेगी। आदर्श योजना के तहत राज्य सरकार ने इस स्कूल के लिए आठ एकड़ जमीन एजुकॉम्प को 99 साल के पट्टे पर दी है। पंजाब शिक्षा विकास बोर्ड और एजुकॉम्प स्कूल को स्थापित करने और उसे संचालित करने का पूंजीगत एवं संचालन खर्च संयुक्त तौर पर वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी भाषा और कंप्यूटर आधारित पढ़ाई पर केंद्रित एजुकॉम्प का मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का यह प्रयास अतुलनीय है। शिक्षा मंत्री सेवा सिंह सेखवां ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक विकास के लिए आधुनिक शिक्षा जरूरी है। एजुकॉम्प सॉल्यूशंस लिमिटेड के अध्यक्ष (एजुरीज) सौम्य कांति ने कहा कि बीते कुछ सालों में एजुकॉम्प ने भारतीय शिक्षा प्रणाली की दो मुख्य समस्याओं को हल करने के लिए अत्यधिक मेहनत की, जिनमें शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षा तक पहुंच शामिल हैं। कंपनी विद्यार्थी को वोकेशनल स्किल्स में भी पारंगत करने की योजना बना रहा है, ताकि वे भविष्य में स्वरोजगार प्राप्त कर सकें।
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