-राष्ट्रीय राजधानी प्लांनिग बोर्ड से लिए लोन की नौ करोड़ की चार साल पहले दी थी किश्त
-सब्जी मंडी के पास की नगर निगम की 77 सौ गज जमीन होगी पीडीए के हवाले, कीमत 38 करोड़
भूपेश चट्ठा, पटियाला
नगर निगम की माली हालत का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्षों पहले लिए गए लोन की किश्त चुकाने चार साल पहले एक लोन लिया और अब उसका भुगतान भी ना कर उपाए तो सरकार ने हस्तक्षेप कर निगम की जमीन पटियाला डिवेलपमेंट अथारिटी पीडीए को देने के आदेश कर दिए है। मुख्य सचिव एससी अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में उक्त निर्णय लिया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी पर बोझ कम करने 250 परिधि में आने वाले पांच शहरों को विकसित करने के मद्ेनजर पटियाला का चयन 80 के दशक के अंत में हुआ लेकिन वर्षों तक मामला कोर्ट केसों में अटका रहा। चालू शताब्दी के आरंभ में मामला निपटा तो शहर को ग्रांटें मिलनी शुरू हो गई लेकिन मूलभूत ढांचागत सुविधाएं दुरुसत करने मिले लोन को चुकाने में निगम असहाय हो गया।
चार साल पहले नैशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड से लिए लोन की 9.2 करोड़ रूपये की किश्त चुकाने नगर निगम पटियाला पीडीए की शरण में आया। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद आदेश हुए कि जब निगम कोष जुटा लेगा तो पीडीए को चुका देगा लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। हालांकि पीडीए की ओर से लगातार मांग की जाती रही। पत्र व्यवहार में चार साल बीत जाने के बाद पीडीए ने पंजाब अर्बन डिवेलपमेंट एंड प्लानिंग अथारिटी पूडा के मुख्य प्रशासक को लिख भेजा। जहां से मामला सचिव हाउसिंग के पास चला गया। यहीं अंत नहीं सचिव स्थानीय निकाय होता हुआ मुख्य सचिव के पास आया।
आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि बुधवार को मुख्य सचिव ने उक्त सभी विभागों के मुखियों के साथ हुई बैठक में निर्णय दिया है कि नगर निगम धन के एवज में पीडीए को जमीन देगा। जिसका विकास पीडीए अपने हिसाब से करेगा। अधिकारी बताते है कि सब्जी मंडी के निकट 77 सौ गज जमीन पीडीए के हवाले की जाएगी। इस जमीन के डीसी रेट 49,900 रूपये प्रति गज है। साधारण गणित अनुसार ये जमीन सरकारी दामों अनुसार 38 करोड़ रूपये की है। हालांकि नगर निगम के लिए राहत ये है कि मुख्य सचिव के आदेश में यह भी कहा गया है कि जमीन को विकसित करने में हुए अपने खर्चे निकाले और विकसित किए क्षेत्र को बेच जो धन बचता है उसका भुगतान पीडीए निगम को भविष्य में करेगा।
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