Thursday, 7 April 2011

कर्मियों के आश्रित फिर चढ़े मुख्यालय पर, employee, pseb, pawercom, agitation, protest


-सफाई कर्मियों के धोखे में सुबह छह बजे सुरक्षा उपायों को धत्ता बताया
-कहा मांगे माने जाने तक जारी रहेगा मरणव्रत
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड के माल रोड स्थित मुख्यालय की पांचवी मंजिल पर आज फिर एक बार सभी तरह के सुरक्षा प्रबंधों को धत्ता बता कर पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के मृतक कर्मियों के आश्रित चढ़ बैठे है।

पानी की जगह इस बार हाथ में पैट्रोल की बोतलें हाथ में लेकर चढ़े इन आश्रितों में महिला सदस्य भी शामिल है। मृतक आश्रित संघर्ष कमेटी के भीम सिंह व हरविंदर सिंह का कहना है कि पावरकाम मुख्यालय पर चढ़े और गेट पर धरना दे रहे आश्रित इस बार पूरी तरह से मरणवृत पर है खाने पीने का  सवाल ही नहीं। साथ ही वे दावा करते है कि पिछली बार 72 घंटे उपर रहने के बाद उन्हें धोखे से उतर दिया गया था लेकिन इस बार हक लेने तक आंदोलन जारी रहेगा।

पावरकाम मुख्यालय पर कुछ महीनों के अंतराल में खुदकुशी की धमकी देकर चढऩे का यह पहला मामला नहीं है इससे पहले भी यहां पर आंदोलन होता रहा है। इससे पहले भी दो बार इसी तरह से प्रबंधन अपने सुरक्षा उपायों के चलते किरकिरी करवा चुका है। आज सुबह आश्रितों ने सफाई कर्मियों के धोखे में सुबह छह बजे सभी तरह के सुरक्षा उपायों को धत्ता बता दिया। आधिकारिक सत्रों अनुसार आश्रित अपने साथ लोहा काटने वाली आरी लाए और ताला काट कर आसानी से छत पर जा चढ़े।
दिलचस्प है कि पिछली बार मृतक कर्मचारियों के पांच आश्रितों ने धक्का मारा कर गेट तोड़ दिया था, जबकि इससे पहले की कार्यवाई में उन्हें किसी ने रोका ही नहीं था।

मालरोड स्थित पावरकाम मुख्यालय पर हालांकि प्रदेश भर कार्यालयों से काफी संख्या में लाल बत्ती वाली कारें अधिकारिक रूप से हर रोज पहुंचती हैं। यही वो मुख्यालय है जो 65 हजार से ज्यादा कर्मियों को नियंत्रित व संचालित करता है लेकिन इसकी सुरक्षा व्यवस्था में खामियों की कमी नहीं है। किए गए उपाय खोखले साबित हो रहे हैं। प्रबंधन का हाल कुछ ऐसा है कि न्यायालय के आदेश भी क्रियान्वित नहीं हो पाए।

सात मंजिला भवन में कभी एक महिला कर्मी का तलवार से गला काटने वाला पकड़ में नहीं आता। हथियार कैसे गए? किसी को पता नहीं, पांच घंटे तक एक संगठन पूरे मुख्यालय को बंधक बनाकर रखता है और हर कोई बेबस नजर आता है।

वहीं पावरकाम के प्रवक्ता का कहना है कि पिछली बार चढ़े आश्रितों को अस्थाई नौकरी दे दी गई है। लेकिन ये वो लोग है जो सोलीशियम लाभ ले चुके है। अब चुनावी वर्ष में ब्लैक मैलिंग पर उतर आए है। 16 अप्रैल,2010 से मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की नई नीति के सवाल पर वे कहते है कि पूर्व में हुई मृत्यु पर ये लागू नहीं होता। बिजली बोर्ड अब पावरकाम हो चुका है।
दूसरी ओर सूत्र बताते है कि जिला प्रशासन से डिप्टी कमीश्नर व एसएसपी की ओर से दौरे हो चुके है और बातचीत की जा रही है।  


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