-ईटीओ रणजीत सिंह के खुदकुशी करने से खफा अधिकारियों,
इंस्पेक्टरों, मिनीस्टरीयल स्टाफ और दर्जा चार ने दिया धरना
-कहा एफआईआर दर्ज कर, दोषी विजीलेंस अधिकारियों को निलंबित किया जाए
उप मुख्य संवाददाता, पटियाला
राज्य के आबकारी एंव कराधान विभाग के अधिकारियों कर्मियों ने
आज विजीलेंस विभाग की कार्रवाईयों से नाराज पंजाब सरकार के
खिलाफ अपना गुस्सा निकालते हुए एक्साइज कमिश्नर कार्यालय के बाहर
धरना लगा सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है।
विभाग के एक एक्साइज एंड टेक्सेशन आफिसर रणजीत सिंह की कथित
रूप से रिश्वत लेते पकड़े जाने और बाद में जमानत पर रिहाई के बाद
मोहाली में उनके खुदकुशी कर लेने से गुस्साए अधिकारियों के
समर्थन में विभाग के इंस्पेक्टर व मिनीस्टरीयल स्टाफ और दर्जा चार
कर्मियों ने समर्थन जताते हुए धरने में भाग लिया है।
ईटीओ एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान केएस धालीवाल ने कहा कि
सरकार यदि 72 घंटे के भीतर यदि ईटीओ रणजीत सिंह को मौत
को गले लगाने को मजबूर करने वाले विजीलेंस अधिकारियों के
खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती और दोषियों को निलंबित
नहीं किया जाता तो विभाग को पूरी तरह से ठप्प कर दिया जाएगा।
विभाग के रोजमर्रा के कामों के अलावा, कहीं भी जांच नहीं की
जाएगी और राज्य में सामान के प्रवेश पर होने वाली कर वसूली को
पूरी तरह से रोक दिया जाएगा।
ईटीओ एसोसिएशन के अलावा पूर्ण हड़ताल के आहवाहन में शामिल
होने का नारा एक्साइज इंस्पेक्टर एसोसिएशन व मिनीस्टरीयल स्टाफ और
दर्जा चार कर्मियों ने भी दिया है।
धरने को संबोधित करने वालों का कहना है कि रणजीत सिंह
विभाग के ईमानदार इंस्पेक्टर थे और जिस व्यक्ति से रिश्वत लेने के
मामले में उन्हें गिरफतार किया गया है उस व्यक्ति से पकड़े माल पर
दो लाख, 27 हजार रूपये कि पेनाल्टी लगाई गई थी और इसकी
बाकायदा रसीद काट कर माल को रिलीज करने के आर्डर भी दिए जा
चुके थे लेकिन उक्त व्यक्ति ने ईटीओ को दो लाख 52 हजार रूपये
थमा दिए। तर्क दिया गया कि पैसे कम है या ज्यादा ये तो गिन कर ही
पता चलना था, ऐसे में ईटीओ को जानबूझ कर फंसाया गया है।
दिलचस्प है कि रिश्वत लेते पकड़वाने वाला व्यक्ति पहले भी करीब दो
दर्जन बार पकड़ा जा चुका है और विभाग में 'पॉसर' के नाम से जाना
जाता है। इस घटना से करीब 15 दिन पहले इसी ईटीओ ने इसी व्यक्ति
को टेक्स चोरी में डेढ़ लाख रूपये की पेनाल्टी ठोकी थी।
धरना वीवीआईपी स्टाइल में
राज्य सरकार के सबसे मलाईदार कहे जाने वाले आबकारी विभाग में लगे
वीवीआईपी स्टाइल के इस धरने को हालांकि बिना किसी पूर्व सूचना
के अचानक किए गए आहवान पर लगाया गया लेकिन इंतजाम पूरी तरह से
चाकचौबंद थे, प्रर्दशनकारियों के लिए धूप में छाया को टेंट,
गर्मी से राहत को पंखे ,आने पर चायपानी, और चारसौ लोगों के लंच
के लिए कैटरिंग की पूरी व्यवस्था की गई थी। शामियाना और सफेद
कवर लगी कुर्सियां कह रही थी कि धरना एक्साइज विभाग का है।
आयुक्तों ने भी बनाई यूनियन
आमतौर पर कमिश्नर नाम जुडऩे के बाद संगठन की गतिविधियां हर
कोई कम कर लेता है पर ईटीओ रणजीत सिंह के खुदकुशी मामले
ने आबकारी विभाग के आला अधिकारियों में बदलाव ला दिया है।
विभाग के डिप्टी कमिश्नर व असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के अधिकारियों
ने एसोसिएशन का गठन कर जसकरण सिंह बराड़ को प्रधान घोषित
कर दिया है। इस एसोसिएशन ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दे दिया
है।
इंस्पेक्टरों, मिनीस्टरीयल स्टाफ और दर्जा चार ने दिया धरना
-कहा एफआईआर दर्ज कर, दोषी विजीलेंस अधिकारियों को निलंबित किया जाए
उप मुख्य संवाददाता, पटियाला
राज्य के आबकारी एंव कराधान विभाग के अधिकारियों कर्मियों ने
आज विजीलेंस विभाग की कार्रवाईयों से नाराज पंजाब सरकार के
खिलाफ अपना गुस्सा निकालते हुए एक्साइज कमिश्नर कार्यालय के बाहर
धरना लगा सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है।
विभाग के एक एक्साइज एंड टेक्सेशन आफिसर रणजीत सिंह की कथित
रूप से रिश्वत लेते पकड़े जाने और बाद में जमानत पर रिहाई के बाद
मोहाली में उनके खुदकुशी कर लेने से गुस्साए अधिकारियों के
समर्थन में विभाग के इंस्पेक्टर व मिनीस्टरीयल स्टाफ और दर्जा चार
कर्मियों ने समर्थन जताते हुए धरने में भाग लिया है।
ईटीओ एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान केएस धालीवाल ने कहा कि
सरकार यदि 72 घंटे के भीतर यदि ईटीओ रणजीत सिंह को मौत
को गले लगाने को मजबूर करने वाले विजीलेंस अधिकारियों के
खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती और दोषियों को निलंबित
नहीं किया जाता तो विभाग को पूरी तरह से ठप्प कर दिया जाएगा।
विभाग के रोजमर्रा के कामों के अलावा, कहीं भी जांच नहीं की
जाएगी और राज्य में सामान के प्रवेश पर होने वाली कर वसूली को
पूरी तरह से रोक दिया जाएगा।
ईटीओ एसोसिएशन के अलावा पूर्ण हड़ताल के आहवाहन में शामिल
होने का नारा एक्साइज इंस्पेक्टर एसोसिएशन व मिनीस्टरीयल स्टाफ और
दर्जा चार कर्मियों ने भी दिया है।
धरने को संबोधित करने वालों का कहना है कि रणजीत सिंह
विभाग के ईमानदार इंस्पेक्टर थे और जिस व्यक्ति से रिश्वत लेने के
मामले में उन्हें गिरफतार किया गया है उस व्यक्ति से पकड़े माल पर
दो लाख, 27 हजार रूपये कि पेनाल्टी लगाई गई थी और इसकी
बाकायदा रसीद काट कर माल को रिलीज करने के आर्डर भी दिए जा
चुके थे लेकिन उक्त व्यक्ति ने ईटीओ को दो लाख 52 हजार रूपये
थमा दिए। तर्क दिया गया कि पैसे कम है या ज्यादा ये तो गिन कर ही
पता चलना था, ऐसे में ईटीओ को जानबूझ कर फंसाया गया है।
दिलचस्प है कि रिश्वत लेते पकड़वाने वाला व्यक्ति पहले भी करीब दो
दर्जन बार पकड़ा जा चुका है और विभाग में 'पॉसर' के नाम से जाना
जाता है। इस घटना से करीब 15 दिन पहले इसी ईटीओ ने इसी व्यक्ति
को टेक्स चोरी में डेढ़ लाख रूपये की पेनाल्टी ठोकी थी।
धरना वीवीआईपी स्टाइल में
राज्य सरकार के सबसे मलाईदार कहे जाने वाले आबकारी विभाग में लगे
वीवीआईपी स्टाइल के इस धरने को हालांकि बिना किसी पूर्व सूचना
के अचानक किए गए आहवान पर लगाया गया लेकिन इंतजाम पूरी तरह से
चाकचौबंद थे, प्रर्दशनकारियों के लिए धूप में छाया को टेंट,
गर्मी से राहत को पंखे ,आने पर चायपानी, और चारसौ लोगों के लंच
के लिए कैटरिंग की पूरी व्यवस्था की गई थी। शामियाना और सफेद
कवर लगी कुर्सियां कह रही थी कि धरना एक्साइज विभाग का है।
आयुक्तों ने भी बनाई यूनियन
आमतौर पर कमिश्नर नाम जुडऩे के बाद संगठन की गतिविधियां हर
कोई कम कर लेता है पर ईटीओ रणजीत सिंह के खुदकुशी मामले
ने आबकारी विभाग के आला अधिकारियों में बदलाव ला दिया है।
विभाग के डिप्टी कमिश्नर व असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के अधिकारियों
ने एसोसिएशन का गठन कर जसकरण सिंह बराड़ को प्रधान घोषित
कर दिया है। इस एसोसिएशन ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दे दिया
है।