अजीमगढ़ की अजीब दास्तां
-पंजाब के आबकारी विभाग के लिए है किरकिरी
-पैट्रोल-डीजल, शराब के बाद चीनी तस्करों की भी चांदी हुई
-हरियाणा सरकार ने गांव की भौगोलिक स्थिति उठाने हांसी-बुटाना नहर बनाई
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब के समाना शहर में कुछ सौ मीटर की सड़क और चंद दर्जन दुकानों और घरों का पता राजस्व रिकार्ड में हरियाणा राच्य के कैथल जिले के अजीमगढ़ गांव के नाम से आता है। पंजाब हरियाणा सीमा पर स्थित ये ऐसा गांव है जो अपनी भौगोलिक स्थिति के चलते सबसे न्यारा हो गया है और यही विशेषता इसे कमोडिटी तस्करों के लिए सबसे प्यारा बना देती है।
बात वाहन चलाने के लिए पैट्रोल-डीजल की हो या वाहन चलाते समय बिलकुल प्रयोग ना किए जाने वाली शराब की हो। राच्य सरकार के आबकारी, सेल्स टैक्स व चुंगी के रूप में सबसे च्यादा योगदान देने वाली इन चीजों की खपत यहां की आबादी से कई सौ गुना होती है। हाल ही में इसमें चीनी का नाम भी शामिल हुआ पर वैट हटने के साथ ही हट भी गया।
पंजाब से सात रूपये सस्ता पैट्रोल बेचने वाले दो पंप खूब चांदी बटोर रहे हैं, एक साल पहले तक पंजाब में डीजल हरियाणा की तुलना में सस्ता था, लेकिन हरियाणा सरकार की ओर से डीजल पर भी वैट कम किए जाने के बाद, एक पंप पर डीजल भी खूब बिकने लगा है। दिलचस्प है कि इन पंप की 'सेवाएंÓ लेने में पंजाब के वे अधिकारी कर्मी भी शामिल हैं जिन्होंने राजस्व जुटाना होता है।
शराब के मामले में दोनों जगहों के ठेकेदारों में 'सिंडीकेटÓ बनती बिगड़ती रहती है। पंजाब के अन्य ठेकेदारों के दवाब के चलते आबकारी विभाग ने यहां से शराब थोक में लाने पर सख्ती जरूर कर रखी है पर पटियाला से आधे से भी कम दामों पर मिल रही शराब का 'पर्सनल कंजपंशनÓ के लिए वर्जित नहीं है।
वहीं हरियाणा सरकार भी इस गांव की भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाने में पीछे नहीं रही है। मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की हिसार बैल्ट से पानी निकाल अपने बंदों के निर्वाचन क्षेत्रों में भाखड़ा नहर का पानी लेजाने तीन सौ करोड़ से च्यादा झोंक दिए। भाखड़ा नहर को इसी गांव से पंक्चर करने वाली हांसी-बुटाना नहर बना दी गई। बात सिरे नहीं चढ़ी पर नहर जरूर बन गई है।
शहर के बाशिंदे शशीपाल बताते हैं कि तीन-चार साल पहले पंजाब में चीनी लाने पर एंट्री टैक्स लगाया गया था। उन दिनों में लगा एंट्री टैक्स चीनी पर लगाए गए हाल ही में लगाए गए साढ़े पांच फीसद के वैट से डेढ़ फीसद कम था लेकिन इसी गंाव में हरियाणा के लिए लाई गई कई ट्रक चीनी हर रोज उतार ली जाती और फिर इसे 'धीरे-धीरेÓ पंजाब की फर्म के बिल लगा कर पटियाला, संगरूर, नाभा, सुनाम, मलेरकोटला, लुधियाना की ओर 'खिसकाÓ दिया जाता। एक बार माल निकल जाता तो बिल का 'उपयोगÓ अगली सप्लाई के लिए हो जाता।
सर्वे किया, दोनों ओर नाके लगे हैं: एईटीसी
एडीशनल एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर लाजपाल सिंह जाखड़ बताते हैं कि कानूनी व तकनीकि रूप से आप वाहन में पेट्रोल-डीजल भरवा सकते हैं। एक सीमा तक उन अहातों में भी बैठ सकते हैं। जबकि चीनी के मामले में अपने क्षेत्र में स्टाक के संदर्भ में सर्वे किया गया था। एहतियात के तौर पर पंजाब सीमा शुरु होते ही दोनों ओर विभाग के कर्मी नाके पर मौजूद रहते हैं।