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Tuesday, 26 October 2010

पटियाला फिर बना सत्ता का केंद्र

दूसरी बार शहर को मुख्यमंत्री मिलने की ओर पहला कदम
अंबिका का मना करना रास आया कैप्टन अमरिंदर को
भूपेश चट्ठा, पटियाला

कैप्टन अमरिंदर के साथ ही पटियाला का भी बनवास खत्म हो गया है। हालांकि शहर ने इस बनवास के दौरान कैप्टन सहित कई मंत्री भी खो दिए थे। खैर महारानी परनीत कौर के विदेश राज्य मंत्री बनने के बाद बीते साल शहर को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन मोती बाग पैलेस की शान और शहर के कांग्रेसियों की जान में जान आज कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाले जाने की घोषणा के साथ आई है।

इस बारे में मंगलवार को करीब साढ़े पांच बजे आए इस समाचार के साथ ही बधाईयों का सिलसिला शुरू हो गया, दिवाली करीब है और ऐसे में किसी को पटाखों का प्रबंध करने में कोई दिक्कत नहीं आई। नवांशहर जिला कांग्रेस के महासचिव बलाचौर क्षेत्र के एडवोकेट राजपाल चौहान ने पटियाला में होते हुए लड्डू बांटने की शुरुआत कर दी। वह कहते हैं कि पंजाब को इस संकट की घड़ी में से यदि कोई निकाल सकता है, तो कद्दावर नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ही है। वहीं पटियाला के वरिष्ठ नेता एडवोकेट शेलेंद्र मोंटी गर्ग ने आतिशबाजी का ढोल-धमाके के साथ प्रबंध किया और जमकर भंगड़ा डाला।

उधर, राजनीति के जानकार कहते हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह का विरोध कांग्रेस के लगभग हर खेमे ने किया। बात जगमीत बराड़ की हो या बीबी भट्ठल और महिंदर केपी और या फिर शमशेर सिंह दूलों की, हर कोई पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का विरोधी हो गया। वहीं केंद्रीय हाईकमान ने भेजी गई पर्यवेक्षक ऊषा ठक्कर ने अपने पैनल में सिर्फ दो नाम डाले, जिनमें कैप्टन के अलावा जगमीत बराड़ का ही नाम आया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस में ही अहमद पटेल ने अंबिका सोनी को दस जनपथ से दूर कर पंजाब भेजने के लिए उनका नाम भी पैनल में डाल एक तीर से दो शिकार करने का प्रयास किया पर अंबिका सोनी का मना करना कैप्टन अमरिंदर सिंह को रास आ गया।

उधर, बधाई देने वाले प्रमुख कांग्रेसियों में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य केके शर्मा, पीआरटीसी के पूर्व प्रधान वेद प्रकाश गुप्ता, जिला परिषद की पूर्व चेयरपर्सन जसविंदर कौर रंधावा, यूथ कांग्रेस के प्रधान सोनू संगर, जिला यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रधान संजीव बिट्टू और हाल ही में गठित किए गए एंटी टेररिस्ट फ्रंट के पंजाब प्रधान अजय थापर शामिल हैं।

Thursday, 30 September 2010

royle visit शाही शहर, शाही मेहमान शाही स्वागत

लाहौर से पहुंचे खानसामे, पूरे पैलेस में पॉलिश व पेंट जारी
भूपेश चट्ठा, पटियाला
प्रदेश में शाही शहर के नाम से जाने जाते पटियाला में मोती बाग पैलेस में चार अक्टूबर को आने वाले ब्रिटेन के युवराज चा‌र्ल्स का शाही अंदाज में स्वागत किया जाएगा। गौरतलब है कि पूर्व पटियाला रियासत और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर से संबंध रखने वाला हर वो बड़ा नाम जो वरीयता सूची के पहले चार सौ रैंकों में स्थान पाने में कामयाब हुआ है, चार अक्टूबर की शाम को मोती बाग पैलेस में होने जा रही दावत में शामिल होने जा रहा है। बात व्यापारी की हो या सेना के अफसर की अथवा किसी अखबार या चैनल के संपादक की, किसी शाही घराने की हो या फिर औद्योगिक-राजनीतिक परिवार की इन चार सौ वीवीआईपी में से भी सिर्फ 14 भारतीयों को चुना गया है जो पैलेस के भीतरी हिस्से में प्रिंस के साथ आए लगभग इतने ही मेहमानों के साथ रात्रि भोज कर सकेंगे। दिलचस्प है कि इनमें राजनीतिज्ञों के नाम पर केवल एक ही नाम संगरूर के पूर्व सांसद अरविंद खन्ना का है, शेष में पारिवारिक रिश्तेदारों के अलावा सेना के चार से पांच अधिकारी होंगे, लेकिन कुल संख्या 35 से ज्यादा नहीं होगी। शेष सभी मेहमानों के लिए पैलेस परिसर के अंदर ही स्थित लॉन में खाने-पीने का प्रबंध किया गया है। गौरतलब है कि पिछली बार हुई शाही दावत में मौसम ने खासी गड़बड़ी पैदा कर मजा किरकिरा कर दिया था, इसलिए इस बार एक खास किस्म का वाटर प्रूफ टेंट तैयार किया गया है। मोती बाग पैलेस के सूत्र बताते हैं कि पिं्रस चा‌र्ल्स व उनकी पत्नी कैमिला पार्कर के आने से पहले पूरे पैलेस में पेंट व पॉलिश का कार्य निपटाया जा रहा है, यहां तक कि सदियों पुरानी तोपों को भी खोल कर साफ किया जा रहा है। तैयारियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पैलेस के मुख्य द्वार पर रखी गई दो तोपों को बीती शाम से ही खोल कर चमकाया जा रहा है। वहीं भीतर पर्दे तक बदल दिए गए हैं। उधर, खाने की तैयारियों में कैटरिंग का काम देख रही कंपनी के प्रतिनिधि शुक्रवार को पैलेस के दौरे पर आ रहे हैं जबकि लाहौर से तीन खानसामों का एक दल भी आज पटियाला आ गया है। ये लोग बीते कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश के डोची स्थित रियासत के कंडियाली फार्म हाउस में ठहरे हुए थे।