Tuesday, 4 December 2012

इस साल भी पावरकाम चूका एआआर की डेड लाइन


- अगले साल के राजस्व व खर्च का अनुमान पावरकाम नहीं लगा पाया
- 30 नवंबर तक पीएसईआरसी के पास दायर करनी होती है एआरआर
भूपेश चट्ठा, पटियाला
इस साल भी पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड अपने अगले वित्तिय वर्ष के खर्च व राजस्व का अनुमान लगाने वाली वार्षिक राजस्व रिपोर्ट एआरआर दायर करने की डेड लाइन 'चूकÓ गया है।
 अगले साल के राजस्व व खर्च का अनुमान 30 नवंबर तक लगाने के बाद पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन, पीएसईआरसी के पास एआरआर दायर करनी होती है। इसके बाद ही पीएसईआरसी एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तिय वर्ष के लिए प्रदेश में बिजली दरों को संशोधित करता है।
उल्लेखनीय है कि कृषि क्षेत्र को छोड़ प्रदेश का हर बिजली उपभोक्ता इस साल बिजली बिलों की मार तले आया है। सात शहरों में एक साफ्टवेयर में गड़बड़ी के चलते जहां तीन से चार महीनों के बिल एक साथ आए हैं, वहीं सितंबर के बाद से आने वाला बिजली बिल एरियर के साथ आया है। इसके बाद आना वाला बिल भी कुछ ऐसा ही होगा हालांकि इसमें गर्मियों में घूमे बिजली मीटर के आंकड़े ना होने से राहत जरूर होगी।
 दिलचस्प है कि बजट गड़बड़ देने वाले इन एरियर वाले बिजली बिलों से आम आदमी को छुटकारा अगले साल भी नहीं मिलने वाला है। पीएसईआरसी के पास दायर की जाने वाली वार्षिक राजस्व रिपोर्ट एआरआर के साथ ही शुल्क संशोधन याचिका भी पावरकाम की ओर से दायर की जाती है। राजस्व के अलावा थर्मल प्लांटों में ईंधन, बिजली खरीदने के मुख्य खर्च के अलावा कर्मियों के वेतन व पेंशन पर होने वाले खर्च के बाद हुए घाटे अथवा लाभ को सामने रख कर अगले साल के लिए बिजली शुल्क का संशोधन मांगा जाता है।
एआरआर दायर करने के बाद 120 दिनों का समय पीएसईआरसी की ओर से ऐतराज व फीडबैक लेने के लिए रखा गया है। उपभोक्ता, सरकार व पावरकाम के बीच कड़ी का काम करने वाला पीएसईआरसी इसके बाद बिजली दरों की घोषणा कर देता है।
वहीं, पावरकाम के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि इस बार अभी तक एआरआर तैयार करने की गति खासी धीमी है। संभव है कि दिसंबर मध्य तक यह तैयार ही ना हो पाए। इसके बाद होने वाली पावरकाम प्रबंधन की बैठक में इसे पारित करवाने के अलावा ऊर्जा मंत्रालय के समक्ष रख कर स्वीकृति ली जाती है। इस प्रक्रिया में लगने वाले समय से अभ्यस्त पावरकाम के ही एक अधिकारी बताते हैं कि इस बार एआरआर अगले साल जनवरी में ही दायर हो पाएगी। ऐसे में एक अप्रैल से लागू होने वाली बिजली दरें एक बार फिर देरी से लेकिन पिछली तारीखों से ही लागू होंगी। ऐसे में एरियर के साथ आने वाले भारी भरकम बिजली बिल फिर परेशान करने तय हैं।

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