-मई महीने में पिछले साल की तुलना में पटियाला में बिजली की खपत में कमी आई
-ईमानदार पटियालवियों की जेब से बिजली चोरों के हिस्से में हर महीने जा रहे लाखों रूपये रुके
दैनिक जागरण एक्सक्लूसिव
भूपेश चट्ठा, पटियाला
देश-दुनिया और यहां तक कि हर घर में बिजली की मांग में बढ़ोतरी हो रही है। जहां पंखे थे वहां कूलर आ गए हैं और कूलर एयर कंडीशनर से अपग्रेड हो गए, फ्रिज च्यादा खुलने लगा है, टेलीविजन के साथ कंप्यूटर घर की जरूरत हो गया है। लेकिन इस सब के बावजूद पटियाला शहर में बिजली की खपत में खासी कमी आ गई है। यह कुछ सौ या कुछ हजार यूनिट नहीं अपितु 3.8लाख यूनिट से च्यादा है।
दिलचस्प है कि बिजली की मांग बढऩे के बावजूद खपत में कमी आने के पीछे एकमात्र कारण घरों से बिजली मीटरों का बाहर होना है। पटियाला पंजाब का ऐसा पहला शहर बन गया है जहां घरों अथवा किसी भी उपभोक्ता के परिसर में बिजली का मीटर अब नहीं है। इतना भर करने से एक महीने में 3.8 लाख यूनिट सिर्फ एक ही शहर में बच गई है। इसके अलावा पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन का राजस्व बढ़ेगा सो अलग है।
सुपरीटेंडिंग इंजीनियर बलबीर सिंह सिद्धू बताते हें कि इस साल मई महीने में 561.87 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई जबकि पिछले साल इसी क्षेत्र में 565.7 लाख यूनिट बिजली जली है। इतना ही नहीं शहर में उपभोक्ताओं के कुल लोड में 20 हजार किलो वाट की बढ़ोतरी भी दर्ज हुई है। पिछले साल कुल लोड चार लाख 58 हजार 456 किलोवाट था जो इस साल बढ़कर चार लाख 78 हजार 762 किलोवाट हो गया है। ये बदलाव शहर के एक लाख 17 हजार 492 मीटरों में से लगभग सभी के बाहर होने पर सामने आ गया है। शहर में टीएंडडी लासेज 22.38 फीसद से कम होकर 16.79 फीसद रह गया है। याद रहे कि टीएंडडी लासेज में अधिकतर हिस्सा बिजली चोरी का ही होता है। ऐसे में चोरी रुकने से बिजली बचत भी होने लगी है और पटियाला शहर में बिजली बचत का आंकड़ा दस फीसद के पास आ गया है।
वहीं पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेजीडेंट इंजी. भुपिंदर सिंह बताते हैं कि जितनी बिजली चोरी होती है उसका वजन ईमानदार उपभोक्ता पर पड़ता है। क्योंकि पीएसपीसीएल कुल राजस्व वसूली व खर्च के आधार पर दाम तय करता है। ऐसे में ईमानदार उपभोक्ता को करीब 41 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त देने पड़ते हैं। यह आंकड़ा ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन लासेज कम होने पर कम जरूर हुआ पर दाम बढऩे के साथ फिर वहीं आ गया।
ऐसे में शहर में मीटर बाहर होने के साथ ही ईमानदार पटियालवियों की जेब से बिजली चोरों के हिस्से में हर महीने जा रहे लाखों रूपये भी अब रुक गए हैं। इसी क्रम में पीएसपीसीएल के प्रवक्ता बताते हैं कि औसतन हर साल सात से आठ फीसद की दर से मांग बढ़ रही है और मौसम सूखा होने की स्थिति में यह आंकड़ा दस फीसद पर भी आ जाता है। ऐसे में ये राहत दो गुनी है। पावरकाम मुख्यालय वाले शहर में कुंडी रुकने के बाद आने वाले दिनों में सुखद समाचार अन्य शहरों से भी आ सकते हैं। वे कहते हैं जिसने बिल ही नहीं देना वो भला संयम से बिजली क्यों खर्च करेगा उसके लिए कार की लाइट और घर की टयूबलाइट में कोई फर्क नहीं है।
-ईमानदार पटियालवियों की जेब से बिजली चोरों के हिस्से में हर महीने जा रहे लाखों रूपये रुके
दैनिक जागरण एक्सक्लूसिव
भूपेश चट्ठा, पटियाला
देश-दुनिया और यहां तक कि हर घर में बिजली की मांग में बढ़ोतरी हो रही है। जहां पंखे थे वहां कूलर आ गए हैं और कूलर एयर कंडीशनर से अपग्रेड हो गए, फ्रिज च्यादा खुलने लगा है, टेलीविजन के साथ कंप्यूटर घर की जरूरत हो गया है। लेकिन इस सब के बावजूद पटियाला शहर में बिजली की खपत में खासी कमी आ गई है। यह कुछ सौ या कुछ हजार यूनिट नहीं अपितु 3.8लाख यूनिट से च्यादा है।
दिलचस्प है कि बिजली की मांग बढऩे के बावजूद खपत में कमी आने के पीछे एकमात्र कारण घरों से बिजली मीटरों का बाहर होना है। पटियाला पंजाब का ऐसा पहला शहर बन गया है जहां घरों अथवा किसी भी उपभोक्ता के परिसर में बिजली का मीटर अब नहीं है। इतना भर करने से एक महीने में 3.8 लाख यूनिट सिर्फ एक ही शहर में बच गई है। इसके अलावा पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन का राजस्व बढ़ेगा सो अलग है।
सुपरीटेंडिंग इंजीनियर बलबीर सिंह सिद्धू बताते हें कि इस साल मई महीने में 561.87 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई जबकि पिछले साल इसी क्षेत्र में 565.7 लाख यूनिट बिजली जली है। इतना ही नहीं शहर में उपभोक्ताओं के कुल लोड में 20 हजार किलो वाट की बढ़ोतरी भी दर्ज हुई है। पिछले साल कुल लोड चार लाख 58 हजार 456 किलोवाट था जो इस साल बढ़कर चार लाख 78 हजार 762 किलोवाट हो गया है। ये बदलाव शहर के एक लाख 17 हजार 492 मीटरों में से लगभग सभी के बाहर होने पर सामने आ गया है। शहर में टीएंडडी लासेज 22.38 फीसद से कम होकर 16.79 फीसद रह गया है। याद रहे कि टीएंडडी लासेज में अधिकतर हिस्सा बिजली चोरी का ही होता है। ऐसे में चोरी रुकने से बिजली बचत भी होने लगी है और पटियाला शहर में बिजली बचत का आंकड़ा दस फीसद के पास आ गया है।
वहीं पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेजीडेंट इंजी. भुपिंदर सिंह बताते हैं कि जितनी बिजली चोरी होती है उसका वजन ईमानदार उपभोक्ता पर पड़ता है। क्योंकि पीएसपीसीएल कुल राजस्व वसूली व खर्च के आधार पर दाम तय करता है। ऐसे में ईमानदार उपभोक्ता को करीब 41 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त देने पड़ते हैं। यह आंकड़ा ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन लासेज कम होने पर कम जरूर हुआ पर दाम बढऩे के साथ फिर वहीं आ गया।
ऐसे में शहर में मीटर बाहर होने के साथ ही ईमानदार पटियालवियों की जेब से बिजली चोरों के हिस्से में हर महीने जा रहे लाखों रूपये भी अब रुक गए हैं। इसी क्रम में पीएसपीसीएल के प्रवक्ता बताते हैं कि औसतन हर साल सात से आठ फीसद की दर से मांग बढ़ रही है और मौसम सूखा होने की स्थिति में यह आंकड़ा दस फीसद पर भी आ जाता है। ऐसे में ये राहत दो गुनी है। पावरकाम मुख्यालय वाले शहर में कुंडी रुकने के बाद आने वाले दिनों में सुखद समाचार अन्य शहरों से भी आ सकते हैं। वे कहते हैं जिसने बिल ही नहीं देना वो भला संयम से बिजली क्यों खर्च करेगा उसके लिए कार की लाइट और घर की टयूबलाइट में कोई फर्क नहीं है।
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