एमसी जो भी बने, हमें बस सड़क चाहिए
वार्ड 11
- दो साल पहले सीवरेज डालने के बाद से अलीपुर रोड पर बिछे हैं रोड़े
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
राजपुरा रोड व सरहिंद रोड को मिलाने वाले बाईपास के इर्द गिर्द व मुख्य रूप से अलीपुर गांव के आसपास के क्षेत्र में फैले वार्ड नंबर 11 से पिछला चुनाव लडऩे वाले दोनों ही प्रमुख दलों के उम्मीदवारों को इस बार इस वार्ड से पार्टी टिकट नहीं मिला है। दिलचस्प है कि क्षेत्र की जनता को इससे कोई फर्क भी नहीं पड़ता। यहां के लोगों को बेहतर सड़क चाहिए।
करीब दो साल पहले क्षेत्र में पहली बार डाली गई सीवरेज की लाइनों के बाद से सड़क नहीं बनी है। क्षेत्र की प्रमुख सड़क अलीपुर रोड अब मात्र बड़े रोड़ों का रास्ता बनी हुई है।
शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी से पार्षद रहे सुखदेव सिंह को इस बार पार्टी ने टिकट नहीं दिया हैं और ठीक इसी तरह से कांग्रेस से एक बार पार्षद रहे और पिछला चुनाव हार चुके गुरदेव सिंह पूनिया भी क्षेत्र की जनता से प्रत्यक्ष रूप से वोटों की राजनीति से दूर हैं।
वार्ड के बाशिंदे लालचंद कहते हैं कि इस बार मुकाबला बराबरी का है और खासा तगड़ा है। वार्ड में काम चलता रहा है। पर काफी कुछ होने वाला भी है। इसी प्रकार गुरप्रीत सिंह कहते हैं कि अलीपुर रोड दो साल से नहीं बनी है। बाई पास से उतरते ही पता चलता है कि गांव क्या है और शहर क्या है।
बाईपास पर ही दुकान चलाते नरेश कुमार, राम लाल से जब पूछा जाता है कि आपका पार्षद कैसा होना चाहिए? तो वे साफ तौर पर कहते हैं कि उन्होंने नहीं देखा है, और ये भी नहीं कह सकते कि पार्षद कैसा होगा? पर जो भी हो, सड़क जरूर बननी चाहिए।
विधान सभा जीती, लोक सभा भी पर 13 नंबर वार्ड...
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
शहर का वार्ड नंबर 13 अपने आप में अलग राजनीतिक पहचान रखता है। कूड़े, कचरे, बरसात में सीवरेज, सड़क में गढढ़े जैसी समस्याओं चाहे अन्य वार्डों के समान हो लेकिन पटियाला में तलाश करने पर भी वार्ड नंबर 13 के अलावा शायद ही कोई दूसरा वार्ड होगा जहां लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस हारी हो, कुछ ऐसी ही स्थित विधान सभा चुनावों में रही है। कुल 50 वार्डों में से मात्र 13 नंबर वार्ड ही ऐसा था जहां शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी ने ढ़ाई सौ से च्यादा वोटों से बढ़त बनाई हो।
पिछली बार की पार्षद बलविंदर कौर चट्ठा के पति जसपाल सिंह बिट्टू चट्ठा चुनाव लड़ रहे हैं तो कांग्रेस के सुखदेव सिंह मैदान में हैं। क्षेत्र के बाशिंदे कहते हैं कि वार्ड में से गुजरती बंधा रोड के बारे में वे सुनते आ रहे हैं कि इस रोड पर सरहिंद की ओर से आने वाले ट्रैफिक को डाइवर्ट किया जाएगा और इसके लिए इसे डबल भी किया जाएगा। संभव है कि रास्ता खुल जाए और हर इंसान को आराम हो जाए।
सुखराम कालोनी के राजकुमार कहते हैं कि सड़कें बन रही हैं, काफी सकारात्मक बदलाव आए हैं। ऐसे ही गुरचरण सिंह कहते हैं कि काम किए गए है और ये होने भी चाहिए। न्यू यादविंदरा कालोनी के जसबीर सिंह चाहते हैं कि खुले बरसाती नालों को सरकार बंद करे और सार्वजनिक स्तर पर पीने के पानी के नल लगे होने चाहिए जबकि गुरूनानक नगर के सतनाम सिंह कूड़े कचरे का पुख्ता व स्थायी प्रबंध चाहते हैं। इसी प्रकार सुखराम कालोनी के ही सतनाम सिंह कहते हैं कि बंधा रोड के बार में सुनते आ रहे हैं कि डबल होगी, इसका उपाय आने वाला एमसी जरूर करे।
जग्गा ने जोर लगाया पर मिंटा की मैनेजमेंट...
वार्ड-14
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
मुख्य रूप से फैक्ट्री एरिया के आसपास के क्षेत्र से बने वार्ड नंबर 14 में चुनावों में हमेशा से ही कड़ी प्रतिस्पर्धा का दर्शक बना है लेकिन ये मुकाबला मतदान के दिन ही नजर आता रहा है। इस बार नगर निगम चुनावों में नामांकन दायर होने के साथ ही वार्ड में राजनीति का पारा चढ़ गया है। वार्ड में जहां एक ओर 'जग्गा ने जोर लगाया पर मिंटा की मैनेजमेंट...Ó को भी लोग कम कर नहीं आंक रहे।
दिलचस्प है कि वार्ड के महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाने के बाद दो बार कांग्रेस व शिरोमणि अकाली दल से पार्षद रह चुके सुखमिदंर पाल सिंह मिंटा ने अपनी पत्नि को उतारा है तो ब्रहम महिंदरा के समर्थक जगदीप जग्गा की पत्नि आमने सामने है।
वार्ड में से गोल चक्कर दुरुस्त कर एक कूड़े का ढ़ेर ठिकाने लगा दिया गया है पर मछली बाजार जस का तस है। स्ट्रीट लाइटें जल उठी हैं, सीवरेज सिर्फ बारिश में तंग करता है पर बहुत से इलाके हैं जहां पानी नहीं आता पर पानी का बिल जरूर आ जाता है।
क्षेत्र के डा. संदीप पांधी को लगता है कि पिछले दस सालों में सकारात्मक बदलाव आए हैं जबकि सुरेंदर सिंह कहते हैं कि मछली बाजार का काम अभी होना है। वार्ड के रोहिण शर्मा, जसवंत सिंह व तेज इकबाल सिंह काका बताते हैं कि नया चुना जाने वाला पार्षद अब रेलवे स्टेशन से आने वाले मार्ग पर से भिखरियों, टेंपो व अन्य प्रकार के कब्जे हटवा कर मार्ग को चौड़ा करे तभी दुर्घटनाएं कम होंगी और लोगों की मुसीबत घटेगी।
रास्ता खुल जाए तो इलाका वीआईपी हो जाए
वार्ड नंबर-15
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
गुरुबक्श कालोनी और गुरुनानक नगर के बीच की मुख्य सड़क ही इस वार्ड की सबसे बड़ी समस्या बन गई है। हजारों की आबादी के लए मात्र 20 फुट चौड़ी सड़क वो भी दोनों ओर से अतिक्रमण के साथ अब सुबह शाम का सरदर्द है। लोगों का कहना है कि सड़क पूरी तरह से खुल जाए तो ये इलाका भी वीआईपी क्षेत्र हो सकता है।
वार्ड का वोटर कहता है कि कम से कम इस सड़क को दुरुस्त रखा जाए। वार्ड के अशोक सिंगला कहते हैं कि सालों बाद अब मात्र पैचवर्क कर फार्मेल्टी कर दी गई है जबकि सड़क पर कारपेटिंग की जानी चाहिए थी। इसी प्रकार सुरिंदर कौर कहती हैं कि स्ट्रीट लाइट ना केवल जलती रहे बल्कि समय समय पर रिपेयर भी की जाएं।
सीवरेज और साफ सफाई का प्रबंध हमेशा दुरुस्त रहे ये मांग करने वालों में अशोक सिंगला, सुरिंदर कौर और बिंदू हैं। वार्ड में जहां तहां लगे गंदगी के ढ़ेर और शाम तक ना होने वाली सफाई से वे त्रस्त हैं। जबकि दलजीत कौर और सोनू कहते हैं कि उनका ऐसा पार्षद ऐसा होना चाहिए जो चुनाव जीतने के बाद भी मिले और हमारी समस्या का हल करवा सके।
पार्षद सेवा करने, साथ चलने वाला हो
वार्ड-16
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
निरंतर साफ सफाई की व्यवस्था, ना रुकने वाला सीवरेज, पानी की लगातार व अच्छे प्रेशर के साथ मिलने वाली सप्लाई जैसी नगर निगम से मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं वार्ड नंबर 16 के लोगों के लिए भी महत्व रखती हैं, लेकिन वार्ड के लोगों का कहना है कि उनका पार्षद सेवा करने वाला हो और साथ चलने वाला हो।
मुख्य रूप से डीजल लोको मार्डेनाइजेशन वर्कशाप की कालोनी के ज्यादातर क्षेत्र में हालांकि उपलब्ध करवाई जाने वाली सुविधाएं रेलवे की ओर से ही हैं और इसमें नगर निगम पटियाला की भूमिका खासी सीमित हो जाती है।
वार्ड के रमेश कुमार कहते हैं कि उनका पार्षद सेवा करने वाला हो, लोगों के साथ चलने वाला होना चाहिए। इसी प्रकार सुरेश पाल चाहते हैं कि बनने वाला पार्षद प्रत्येक काम करवाए और चुनाव जीतने के बाद भी दिखाई दे। जबकि वार्ड के ही सुमिंग कहते हैं कि स्थानीय निकाय का प्रतिनिधि कोआपरेटिव नेचर का हो और पब्लिक के लिए 24 घंटे हाजिर रहे। वो सभी लोगों के साथ मिल जुलकर काम करने वाला हो जिससे द्वेष ना बढ़े। वहीं आरके शर्मा कहते हैं कि पार्षद युवा होना चाहिए ताकि वो दौड़ धूप कर सके।
No comments:
Post a Comment