Monday, 4 June 2012

मुख्य आरोपी न्यायिक हिरासत में, जांच फिर ठुस्स, Main accused is in jail, police find no clue


फ्लैग: पंजाबी युनिवर्सिटी में फर्जी भर्ती घोटाला
दैनिक जागरण फालोअप
-एक सप्ताह तक दो बार रिमांड ले किसी का पता ना उगलवा पाई पुलिस, पहले दिन के बाद नहीं हुई कोई बड़ी रिकवरी
भूपेश चट्ठा, पटियाला

दो सौ लोगों को पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला व नहरी विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों रूपये ठगने और युनिवर्सिटी परिसर में साक्षात्कार से लेकर नियुक्ति पत्र देने और पेरोल पर नाम दर्ज कर हस्ताक्षर तक करवा वेतन तक दे देने के मुख्य आरोपी के दो बार सात दिन से च्यादा पुलिस रिमांड में रहने के बाद अब न्यायिक हिरासत में पहुंच जाने के बाद पूरे प्रकरण की जांच एक बार फिर ठुस्स हो गई है।
दिलचस्प है कि मामले के मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह कंग के अलावा उसके पत्नि बच्चे सहित करीब एक दर्जन लोगों को पुलिस ने आरोपी बनाया है, लेकिन कंग की पुलिस रिमांड में हुई 'सख्त जांचÓ के बावजूद पुलिस उसके किसी भी करीबी का पता ठिकाना नहीं जान पाई है। घर के ही रिश्तेदारों ने मुखिया को अपने गायब होने के बाद के छिपने के ठिकाने ना बताए हों ऐसा मानना मुश्किल लगता है। विदेश भाग जाने के भी पुख्ता सुराग नहीं है और पंजाब पुलिस के रिमांड पर एक सप्ताह से च्यादा रहने के बाद आरोपी कुछ ना उगले यह बात भी गले नहीं उतरती। पहले दिन की शानदार रिकवरी के बाद कोई कार्रवाई ना होना भी कई सवाल खड़े कर रहा है। याद रहे कि कंग को 24 मई को पुलिस ने पकड़ लिया और 26 मई को एसएसपी ने आरोपी से क्या क्या मिला का विस्तृत ब्योरा मीडिया के सामने रखा। इसमें 51 लाख रूपये की नगदी के अलावा दो कारें, दो कंप्यूटर, 50 जाली नियुक्ति पत्र, मोहरें व प्लाटों की रजिस्ट्रीयां बरामद की गई हैं। इन नियुक्ति पत्रों में युनिवर्सिटी के अलावा नहरी विभाग में कलर्क, सेवादार, ड्राइवर, व बेलदारों के नियुक्ति पत्र शामिल थे। गिरोह ने 69 कलर्क, 87 सेवादार, 6 ड्राइवर, चार पुलिस कंमाडो, नहरी विभाग में नौ बेलदार सहित करीब दो सौ लोगों से ठगी मारी है।
 वहीं 'दैनिक जागरणÓ की ओर से संपर्क किए जाने पर एसपी सिटी दलजीत सिंह राणा कहते हैं कि पहले दिन के बाद भी कुछ रिकवरी तो हुई है। किसी अन्य आरोपी के पकड़े जाने के सवाल पर वे कहते हैं कि अर्बन एस्टेट थाने के एसएचओ इस मामले पर रेड कर रहे हैं। जल्द ही कुछ लोगों की गिरफ्तारी होने की संभावना है।
इसी संबंध में अर्बन एस्टेट थाने के प्रभारी मनजीत सिंह कहते हैं कि मुख्य आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और शुरुआती जांच में हुई रिकवरी के बाद च्यादा कुछ नहीं हुआ है। वे इस बात की भी पुष्टि करते हैं कि अन्य आरोपियों में से किसी ओर की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।

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