...शुतराणा में कांग्रेस का प्रचार
कैप्टन अमरिंदर सिंह नहीं पहुंचे पातड़ां रैली में
-विदेश राच्य मंत्री परनीत कौर ने बंधाया ढ़ांढस कहा मैं और महाराजा साहिब निर्मल सिंह के साथ
भूपेश चट्ठा, पातड़ां पटियाला
हर अच्छे बुरे वक्त में कैप्टन अमरिंदर सिंह का साथ निभाने वाले शुतराणा से कांग्रेस के उम्मीदवार निर्मल सिंह की रैली में प्रदेश कांग्रेस के प्रधान व पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ना पहुंचने से उनके समर्थकों में निराशा छा गई जबकि शुतराणा से उम्मीदवार मायूस हो कर रह गए हैं।
अब तक किस्मत का धनी कहे जाने वाले निर्मल सिंह दो बार शुतराणा से विपरीत परिस्थितियों में विधायक बने। दोनों बार प्रदेश में चल रही हवा के विपरीत राजनीतिक दलों में रहते हुए शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस से चुने गए। इसे भी आप निर्मल सिंह के लिए विडंबना ही कहेंगे कि रैली शुरु होने से पहले धूप खिली रही। रैली खत्म होने के बाद भी धूप खिल गई। दोपहर के समय जब कैप्टन अमरिंदर सिंह के हैलीकाप्टर ने जीरा से उड़ान भरनी थी तब मौसम साफ ना होने के चलते वे पातड़ां नही आ सके।
बिना किसी रेलवे लिंक और मात्र दो कस्बे वाले प्रदेश के अत्यंत ग्रामीण व पिछड़े शुतराणा विधान सभा क्षेत्र में आयोजित होने वाली कैप्टन अमरिंदर सिंह की रैली संभावित रूप से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, समर्थकों में जान फूंकने के लिए खासी जरूरी मानी जा रही थी। क्षेत्र में कांग्रेस का कार्यकर्ता अकाली दल अथवा वर्तमान सरकार की कथित धक्केशाही और हाल ही में गठित हुए छात्र संगठन स्टूडेंटस आर्गेनाइजेशन आफ इंडिया से कितना त्रस्त है कि स्टेज से हर तीसरा नेता एसओआई को कोस रहा था।
इन सब परिस्थितियों में पातड़ां की अनाज मंडी में आयोजित होने वाली रैली में कैप्टन अमरिंदर के 'खड़कने वाले खूंडेÓ से जहां आम कार्यकर्ता में जोश भरना था वहीं उम्मीदवार से लेकर उसके हर समर्थक का मनोबल बढऩा तय था। इसका साफ परिणाम उसी समय देखने को मिल गया जब रैली स्थल में कविशरी,मसखरी और सैकंड लाइन लीडरशिप के भाषणों के बीच खबर फैल गई कि महाराजा साहिब नहीं आ रहे। इसके तुरंत बाद ही भीड़ छंटनी शुरु हो गई। इतना ही नहीं निर्मल सिंह शुतराणा कुछ समझ पाते और अपील कर पाते इससे पहले ही परनीत कौर ने मौका संभालते हुए मंच से आकर कहा कि वे और महाराजा साहिब निर्मल सिंह की पीठ पर हैं और सदैव साथ खड़े हैं और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। आज तकनीकि खराबी के चलते हैलीकाप्टर नहीं आ सका है। सुबह से शाम चार बजे तक का इंतजार करने वाली जनता ने इसके बाद दस मिनट का भी इंतजार नहीं किया।