Friday, 25 January 2013
मीटर बाहर निकाले तो मांग में आठ फीसद कमी आई
इंटरव्यू : पटियाला के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (आपरेशन) इंजी. बलबीर सिंह सिद्धू
- 2200 किमी लंबी तारें बिछाई, 72 नए ट्रांसफार्मर लगाए
- ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन लासेज 20 फीसद से कम होकर 12 फीसद हुए
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
एक ओर बिजली की मांग में लगातार दस फीसद सालाना की रफ्तार की दर से बढ़ोतरी हो रही है लेकिन पिछले एक साल में पटियाला शहर राच्य का ऐसा पहला शहर बन गया है जहां बिजली की मांग में कमी दर्ज की गई है वो भी नए कनेक्शन जारी करने के बावजूद। पटियाला के सुपरिटेंडिंग इंजी. बलबीर सिंह सिद्धू बताते हैं कि शहर में घरों के भीतर लगे बिजली मीटरों को बाहर निकालने से बिजली की मांग में आठ फीसद की कमी आई है।
वे बताते हैं कि साधारणतया दिन प्रति दिन बिजली की मांग बढऩे से ग्रिड में बिजली की मांग बढऩी चाहिए पर पटियाला में पिछले एक साल के दौरान 12 हजार नए कनेक्शन जारी किए गए और शहर में 35 हजार 851 किलोवाट का नया लोड भी सिस्टम में जुड़ा है। इंजी. सिद्धू कहते हैं कि शहर के 80 हजार बिजली मीटर अब या तो खंबे पर लगे हैं या पिलर बाक्स में। इसके बाद बिजली चोरी में भारी कमी दर्ज की गई है। शहर में ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन लासेज 20 फीसद से कम होकर 12 फीसद रह गया है। इतना ही नहीं पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड को शहर से मिलने वाले राजस्व में 12 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। चोरी रुकने से 23 फीसद च्यादा यूनिट कुल खपत में जुड़े हैं।
शहर में बिजली व्यवस्था को सुधारने में किए गए कार्यो पर वे कहते हैं कि एक साल के दौरान 30-40 सालों से चली आ रही पुरानी व कमजोर हो चुकी बिजली की तारों को बदला गया है। 11 केवीए व 400 वोल्ट की 2200 किमी लंबी तारें बिछाई गई हैं, जिससे बिजली के फाल्ट नाममात्र के रह गए हैं। शहर में 64 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है जबकि 72 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसके बाद शहर में कोई भी ट्रांसफार्मर ओवर लोड नहीं है। ये 70 फीसद लोड पर चल रहे हैं। हालांकि इस सबका श्रेय वे चार तकनीकि एसडीओ, दो कामर्शियल एसडीओ के साथ जूनियर इंजीनियरों की टीम को देते हैं और चालू वर्ष में टी एंड डी लासेज और कम करने पर जोर देने जा रहे हैं। वे कहते हैं कि बिजली की चोरी ही हर समस्या की जड़ है।
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पटियाला माडल की जानकारी ली दिल्ली, हरियाणा ने
बिजली चोरी रोक कर मांग में कमी लाने वाले पटियाला माडल व यहां पर हुए कार्य की लोकप्रियता दिल्ली व हरियाणा में भी पहुंच चुकी है। दोनों राच्यों ने यहां केसीनियर इंजीनियरों से डाटा लिया है और वे तरीके भी पूछे हैं जिन्हें अपना कर हरियाणा में टी एंड डी लासेज कम कर बेहतर सप्लाई दी जा सके। याद रहे कि शहर में 54 फीडरों में 11 केवीए की तारें मोटी डाली गई हैं। कई बार पूरे एक सप्ताह तक कोई ट्रिपिंग नहीं होती। ऐसे ही मीटर बाहर कर पीवीसी तारें बदले जाने से शिकायतों में कमी आई है।
प्रस्तुति: भूपेश चट्ठा
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