Friday, 14 January 2011

बारिश ने धोया कोहरा, बंपर फसल की उम्मीद जगी

भूपेश चट्ठा, पटियाला
प्रदेश में ठीक एक पखवाड़े के अंतराल पर आई सीजन की दूसरी बारिश ने फसलों पर चिपके कोहरे को धो दिया है। हर लिहाज से बेहतर कही जा रही बारिश ने इस बार बंपर फसल की उम्मीद जगा दी है।
रबी के मौसम की मुख्य फसल गेहूं के लिए सोने पर सुहागा कही जा रही बारिश पर गांव संसारपुर के किसान हरजिंदर सिंह बिदेशां कहते हैं कि इसने पौधे के पत्तों को करीने से साफ कर दिया है मानों किसी ने हर पौधे को नहलाया हो। गेहूं के अलावा खड़ी सब्जियों को ज्यादा लाभ दिख रहा है। बीमारी न लगने से पेस्टीसाइड का खर्च भी कम रह जाना है।
गांव धर्मेड़ी के किसान गुरप्रीत सिंह का कहना है कि एक निश्चित अंतराल के बाद लगातार बारिश से मारू फसलों को आराम मिलना तय हो गया है।
वहीं, मुख्य कृषि अधिकारी सुभाष चंद्र खुराना बताते हैं कि गेहूं के अतिरिक्त आलू, गोभी व मटर की खड़ी फसल को भी बारिश से अच्छा लाभ मिला है, चने अथवा किसी मारू फसल पर बारिश के नुकसान की आशंका को वे निर्मूल करार देते कहते हैं कि अभी वो स्टेज नहीं आई है। अब अगर कोहरा पड़ भी जाए तो नुकसान नहीं करेगा।
गौरतलब है कि बारिश के बाद कुछ दिन कोहरे का न होना और तापमान का कम रहना गेहूं के लिए बेहतर बताया जाता है। बारिश के बाद कोहरे का स्थान ओस ले लेती है। कृषि विशेषज्ञ डा. बीएस सोहल कहते हैं कि बारिश इन दिनों में सोने पर सुहागा का काम करती है। हर फसल को इससे लाभ है। गेहूं का पौधा कम पारे में लंबाई कम लेगा और इसकी शाखाएं ज्यादा फूटेंगी।
उधर, सोशल सांइसिस एंड हेल्थ फोरम के डा. पीपी खोसला कहते हैं कि सूखी सर्दी से निजात दिलाने वाली इस बारिश से जैसे इंसान को फेफड़ों और छाती रोगों से राहत मिलेगी वैसे ही फसलों, पेड़ पौधों को भी लाभ होगा।

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