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Tuesday, 22 March 2011

गेहूं परंपरागत समय पर, बंपर फसल होगी wheat, , trends, vesakhi, MSP


-वैसाखी मनेगी गेहूं कटाई से एमएसपी से नहीं
-लंबी चली सर्दी ने दी राहत, पौधे पर ज्यादा शाखाएं फूटी
भूपेश चट्ठा, पटियाला
हरित क्रांति के बाद से किसान रबी के मौसम वैसाखी  की का कम और एमएसपी का ज्यादा याद कराता आया है, लेकिन इस साल पंजाब का किसान वास्तव में खेत में गेहूं की फसल की कटाई वैसाखी  मनाने जा रहा है। जी हां कुदरत ने सालों बाद पंजाब को पंजाब का मौसम बक्शा है जब लगातार और लंबी चली सर्दी के चलते गेहूं का पौधा अपनी उपज मार्च अंत में ना देकर अप्रैल के दूसरे सप्ताह में देने जा रहा है और हालात साफ तौर पर कह रहे है कि गेहूं बंपर होगी और इसकी उपज पिछले सारे रिकार्ड तोडऩे जा रही है। कृषि  विभाग ने इन दिनों लगने वाले उपज के अनुमान को ही  आगे बढ़ा दिया है।

पिछले साल मानसून के लंबा चलने और फिर नवंबर में पारे के चढ़े रहने के चलते गेहूँ की बिजाई में आधुनिक कृषि अनुसार देरी हुई लेकिन परंपरागत अनुभव व ज्ञान में यकीन करने वाले फाईव एलीमेंट हैल्थ एंड एजूकेशनल सोसायटी के डा. जोगिंदर टाईगर कहते है कि पंजाब में देसी किस्मों की बिजाई लोहड़ी तक चलती थी और वैसाखी  पर शगुन के तौर पर 'टक' लगाया जाता था पर अब एमएसपी एक अप्रैल से आता है तो किसान गीली उपज ही  मंडियों में फैंक आता है। जो हर किसी के लिए सरदर्द बनती है। आजकल उठे बादलों पर वे कहते है कि ये बारिश भी  नुकसान नहीं करने वाली बशर्ते ओले ना पड़े। दिसंबर अंत तक चली बिजाई और फिर बराबर अंतराल पर आई बारिश कोहरे को ओस में बदलती रही, पारा कम रहा जिससे शाखाएं ज्यादा फूटी, लंबी चली सर्दी ने गेहूं की बल्लीयों को भी  बड़ा होने का मौका मिला तो दाने ज्यादा आने तय है।
 
वहीं कृषि विशेषज्ञ डा.  बीएस सोहल कहते है कि इस साल गेहूं पर पीली कुंगी की मार पड़ी और तेला या अन्य कोई बीमारी नहीं लगी है। पीली कुंगी का असर  सभी  जगहों पर नहीं हुआ। यह पहाड़ी क्षेत्रों विशेष रूप से जम्मू  कश्मीर से होती हुई पंजाब में आती है। रोपड़ और गुरूदासपुर इसके एंट्री पवांइट है। पीली कुंगी की मार ऐसे ही कुछ क्षेत्रों में पड़ी है। जहां पर गेहूं की उपज पर प्रभाव पडऩा तय है। शेष क्षेत्रों में फसल पिछले साल की तुलना में बढऩे की संभावना ज्यादा है। सरकार ने भी  सबसीडी पर एक लाख  लीटर दवा बंटी है जिससे बीमारी नियंत्रित रही। अक्सर फरवरी के तीसरे सप्ताह में तापमान बढ़ता है लेकिन इस बार मार्च के दूसरे सप्ताह तक मौसम ठंडा रहा। वे कहते है कि सब कुछ ठीक रहा तो पिछले साल से उपज काफी अधिक रहेगी।

वहीं मुख्य  कृषि अधिकारी एससी खुराना कहते है कि कृषि  विभाग ने अभी  अनुमान नहीं लगाएं है। लेकिन पिछले साल की तुलना गेहूं अच्छी रहनी चाहिए। अगले सप्ताह तक यदि कोई बड़ी मार नहीं पड़ती है तो सब कुछ ठीक ही रहेगा।