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Saturday, 14 January 2012

मेयर छुट्टी पर, कमिश्नर चुनावी डयूटी पर... patiala, muncipal corporation, punjab election, mayer



भूपेश चट्ठा, पटियाला
'मेयर छुट्टी पर हैं... उनके पिता चुनाव लड़ रहे हैं...कमिश्नर चुनावी डयूटी पर हैं...वैसे भी आदर्श चुनाव आचार संहिता लगी है...नया काम तो कोई होना नहीं...पुराने ही निपट जाएं वो ही बहुत हैÓ निगम के ही एक कर्मी के उक्त शब्द जमीनी स्तर पर लोकतंत्र में सत्ता चलाने वाले नगर निगम की आज की कहानी ब्यां कर रहे हैं।
आम दिनों में चर्चा में रहने वाले नगर निगम की गतिविधियां चुनावी आचार संहिता लागू होने पर लगभग ठप हो गई है। ऐसे में शहर की व्यवस्था को कम से कम इस एक महीने में सिर्फ धकेलने का ही काम किया जा रहा है।

लोग च्यादा समझदार हैं

शहर में अगर एक दिन के लिए भी एक विभाग बंद होता है या किसी महत्वपूर्ण सीट पर से बंदा गायब होता है तो अगले दिन सुर्खियां बनी होती है जबकि चुनावी दौर में निगम में नक्शा बनवाने आए राकेश सूद कहते हैं कि वे तो सिर्फ डिजाइन ही तैयार करवा रहे हैं। अभी पास करवाने के बारे में तो सोच ही नहीं रहे। सारी औपचारिकताएं इन दिनों में कम भीड़ होने के चलते पूरी करेंगे फिर आम दिनों में बाकी कार्रवाई की जाएगी।

अफसरों की मौजूदगी ने बढ़ाई कर्मियों की औपचारिक उपस्थिति
नगर निगम की सत्ता अनौपचारिक रूप से ही सही कुछ दिनों के लिए राजनीतिक हाथों से निकल कर अफसरों के हाथ में आने और कमिश्नर के निर्वाचन अधिकारी बनने व चंडीगढ़ के होने वाले दौरों से मुक्ति के बाद से निगम में अधिकारियों की मौजूदगी ने कर्मियों की उपस्थिति बढ़ा दी है। छुट्टी पर तो कर्मी पहले भी नहीं रहते थे पर अब सीट पर भी च्यादा समय दिखाई देने लगे हैं।

बिल पास करवाने में च्यादा दिलचस्पी

पिछले साल के अंतिम दो महीनों में जारी किए गए वर्क आर्डरों के बाद निगम प्रशासन के पास नया करवाने को कुछ नहीं है। ऐसे में पुराने काम निपटाने में जहां प्रबंधन-प्रशासन की दिलचस्पी है वहीं निगम के लिए काम करते ठेकेदारों की च्यादा दिलचस्पी अपने बिल पास करवाने और रुकी हुई पेमेंट निकलवाने में है। निगम में इन दिनों सारा ध्यान इसी पर लगा है कि जब तक भुगतान करने लायक गुंजाइश है तब तक जारी रखा जाए।
 
 निर्वाचन अधिकारी हैं तो नामांकन पत्र भरे ही जाएंगे: कमिश्नर

वहीं नगर निगम के कमिश्नर गुरलवलीन सिंह कहते हैं कि वे घनौर विधान सभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ऐसे में जो भी व्यक्ति घनौर से चुनाव लडऩा चाहेगा वो उन्हीं के पास आएगा और उन्हीं के कार्यालय में ही नामांकन पत्र दाखिल किए जाए्रंगे।

Friday, 9 December 2011

एफएंडसीसी की अंतिम प्रभावी बैठक आज, muncipal corporation, f & cc


भूपेश चट्ठा, पटियाला अगले साल होने जा रहे विधानसभा के चुनावों के लिए आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले नगर निगम के अधीन आने वाले क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यो को अंजाम तक पहुंचाने के लिए निगम की फाइनेंस एंड कांट्रैक्ट कमेटी की अंतिम प्रभावी बैठक शुक्रवार को होने जा रही है। निगम के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि बैठक में अधिकतर कार्य 22 नवंबर की बैठक में लिए गए निर्णयों पर तकनीकि रूप से मुहर लगाने के अलावा कुछ अन्य एस्टीमेट भी पास करवाना है। पिछली बैठक में पास हुए प्रस्तावों पर निगम के इंजीनियरों ने तय किए गए रेट पर आपत्ति जताई है। बताया जा रहा है कि ठेकेदारों की ओर से पोस्ट टेंडर निगोसिएशन के बाद दिए गए रेटों पर स्पष्ट रूप से कुछ पता लग पाने के चलते ठेकेदारों को वर्क आर्डर जारी करने में खासी समस्या पेश आ रही थी। दिलचस्प है कि22 नवंबर को पास हुए करीब 10 करोड़ के 85 कार्यो के लागत मूल्य में अब लगभग सभी में दो फीसदी की कटौती की जा सकती है। वहीं 12 नए कामों को भी इसी बैठक में मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा 57 लाख रुपये के चार सड़कों के प्रोजेक्टों पर अलग से सहमति बनने के आसार हैं।



एंबेसडर कारों की खरीद में देरी 

नगर निगम में अति आवश्यक कार्य निपटाने को लेकर दो एंबेसडर कारों की खरीद के लिए एडवांस में दी गई मंजूरी के बावजूद इन कारों के निगम तक पहुंचने में देरी हो गई है। स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से स्वीकृति के बाद कंपनी से मंगवाए गए कोटेशन में कारों की कीमत का प्रस्ताव पिछली बैठक में पास हो गया, लेकिन खरीदी जाने वाली इन कारों का बीमा, अस्थाई रजिस्ट्रेशन व एसेसरी की कीमत नहीं जोड़ी गई थी, हालांकि मेयर व कमिश्नर की ओर से अब इसकी मंजूरी दी जा चुकी है। 

सुखबीर की जुबां में बोले मेयर 
एफएंडसीसी की बैठक के संदर्भ में मेयर अजीतपाल सिंह कोहली कहते हैं कि आप इसे अंतिम नहीं कह सकते। निगम की सत्ता में पार्टी अभी कई साल और रहेगी। हालांकि वह स्वीकार करते हैं कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते प्रभावी रूप से ये अंतिम ही है। वह कहते हैं कि नया एस्टीमेट बना कर पास करवाने में एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके लिए संभव है कि समय नहीं मिल पाए, लेकिन शहर में इतने प्रोजेक्ट पास कर चालू कर दिए गए हैं कि काम अगले साल अंत तक चलते रहेंगे।

Monday, 1 August 2011

चुनाव आचार संहिता ताक पर, जारी किए टेंडर, muncipal corporation, election, sgpc, ,code conduct


भूपेश चट्ठा, पटियाला : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू होने और आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद पटियाला नगर निगम ने विकास कार्यो के टेंडर जारी कर दिए। यही नहीं, मुख्यमंत्री से लेकर डिप्टी मेयर तक सभी की तस्वीरें चस्पा कर प्रकाशित भी करवा लिया। 
तीन महीने से तीन साल के सिविल कार्यो के ये टेंडर अगस्त महीने के अंत में खोले जाने हैं। ई-टेंडर्स की आमंत्रण सूचना में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उप मुख्यमंत्री व शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और स्थानीय निकाय मंत्री तीक्षण सूद, नगर निगम पटियाला के मेयर अजीत पाल सिंह कोहली और सीनियर डिप्टी मेयर अनिल बजाज की फोटो छापी गई है। 
एसजीपीसी के 18 सितंबर को चुनाव होने हैं और 24 सितंबर को परिणाम घोषित होने के बाद 25 सितंबर तक राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है। ऐसे में सरकार अथवा कोई सरकारी संस्थान अपनी पब्लिसिटी सरकारी खर्च पर नहीं करवा सकता। उधर, मेयर अजीतपाल सिंह कोहली तर्क देते हैं कि उन्होंने तो पहले ही टेंडर जारी कर दिए थे, प्रकाशित अब हुए हैं, ऐसे में उनकी कोई गलती नहीं है। हो सकता है कि पहले जगह न मिली हो। प्रक्रिया पहले से जारी होने का हवाला देते हुए मेयर कहते हैं कि 22 जुलाई को एजेंडा जारी कर दिया था, 27 को फाइनांस एंड कांट्रेक्ट कमेटी की बैठक में कुछ प्रस्ताव पारित होने के बाद टेंडर जारी करने के लिए कह दिया गया, जबकि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों के लिए कोड आफ कंडक्ट 28 जुलाई को दोपहर 12 बजे लागू हुआ है। 
उनका कहना है कि 28 जुलाई को प्रदेश में कुछ अन्य नगर निगमों के टेंडर भी जारी हुए, वे कहीं भी गलत नहीं हैं। उक्त टेंडर शार्ट टर्म टेंडर हैं और पहले भी प्रकाशित हो चुके हैं। जब कोई लेने नहीं आया तो फिर से जारी किए गए हैं। इनसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होता।
 दिलचस्प है कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट पटियाला की ओर से भी कुछ ऐसा ही किया गया है। इस पर चेयरमैन इंद्रमोहन सिंह बजाज कहते हैं कि उन्होंने टेंडर जारी नहीं किए है। ये नीलामी की सूचना है, ये जारी की जा सकती है और सरकार से पूछ कर ही किया गया है।