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Friday, 9 December 2011

एफएंडसीसी की अंतिम प्रभावी बैठक आज, muncipal corporation, f & cc


भूपेश चट्ठा, पटियाला अगले साल होने जा रहे विधानसभा के चुनावों के लिए आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले नगर निगम के अधीन आने वाले क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यो को अंजाम तक पहुंचाने के लिए निगम की फाइनेंस एंड कांट्रैक्ट कमेटी की अंतिम प्रभावी बैठक शुक्रवार को होने जा रही है। निगम के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि बैठक में अधिकतर कार्य 22 नवंबर की बैठक में लिए गए निर्णयों पर तकनीकि रूप से मुहर लगाने के अलावा कुछ अन्य एस्टीमेट भी पास करवाना है। पिछली बैठक में पास हुए प्रस्तावों पर निगम के इंजीनियरों ने तय किए गए रेट पर आपत्ति जताई है। बताया जा रहा है कि ठेकेदारों की ओर से पोस्ट टेंडर निगोसिएशन के बाद दिए गए रेटों पर स्पष्ट रूप से कुछ पता लग पाने के चलते ठेकेदारों को वर्क आर्डर जारी करने में खासी समस्या पेश आ रही थी। दिलचस्प है कि22 नवंबर को पास हुए करीब 10 करोड़ के 85 कार्यो के लागत मूल्य में अब लगभग सभी में दो फीसदी की कटौती की जा सकती है। वहीं 12 नए कामों को भी इसी बैठक में मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा 57 लाख रुपये के चार सड़कों के प्रोजेक्टों पर अलग से सहमति बनने के आसार हैं।



एंबेसडर कारों की खरीद में देरी 

नगर निगम में अति आवश्यक कार्य निपटाने को लेकर दो एंबेसडर कारों की खरीद के लिए एडवांस में दी गई मंजूरी के बावजूद इन कारों के निगम तक पहुंचने में देरी हो गई है। स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से स्वीकृति के बाद कंपनी से मंगवाए गए कोटेशन में कारों की कीमत का प्रस्ताव पिछली बैठक में पास हो गया, लेकिन खरीदी जाने वाली इन कारों का बीमा, अस्थाई रजिस्ट्रेशन व एसेसरी की कीमत नहीं जोड़ी गई थी, हालांकि मेयर व कमिश्नर की ओर से अब इसकी मंजूरी दी जा चुकी है। 

सुखबीर की जुबां में बोले मेयर 
एफएंडसीसी की बैठक के संदर्भ में मेयर अजीतपाल सिंह कोहली कहते हैं कि आप इसे अंतिम नहीं कह सकते। निगम की सत्ता में पार्टी अभी कई साल और रहेगी। हालांकि वह स्वीकार करते हैं कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते प्रभावी रूप से ये अंतिम ही है। वह कहते हैं कि नया एस्टीमेट बना कर पास करवाने में एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके लिए संभव है कि समय नहीं मिल पाए, लेकिन शहर में इतने प्रोजेक्ट पास कर चालू कर दिए गए हैं कि काम अगले साल अंत तक चलते रहेंगे।