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Saturday, 4 August 2012

बिजली ओवर ड्रा : पंजाब अनुशासित पर यूपी, हरियाणा और राजस्थान.., Power over draw; Punjab is a disciplined state


-जुलाई महीने में 29 तक औसतन ओवर ड्रा- पंजाब ने पांच फीसद, उत्तर प्रदेश ने 31, हरियाणा ने 18 और राजस्थान ने 15 फीसद ज्यादा ली बिजली
-कई बार उत्तर प्रदेश ने 70 फीसद ज्यादा किया ओवर ड्रा, चार बार मिली 'सीÓ ग्रेड की चेतावनी
-हमारे निर्देश स्पष्ट ग्रिड को खतरे में डाल ना हो ओवर ड्रा: चेयरमैन
फोटो:
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
उत्तरी ग्रिड के दो दिनों में लगातार दो बार ठप होने के बाद, बिजली ओवर ड्रा करने के लग रहे आरोपों पर पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन इंजी. केडी चौधरी ने पावरकाम मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कहा है कि उत्तरी ग्रिड से बिजली लेने वाले सभी राज्यों में पंजाब सबसे अधिक अनुशासन में है और ये बात वे नहीं आंकड़े कह रहे हैं।
नार्दन रीजन लोड डिस्पैच सेंटर से प्राप्त जानकारी के हवाले से इंजी. केडी चौधरी ने बताया कि जुलाई महीने में 29 तारीख तक ग्रिड से बिजली लेने वालों के महीने भर के औसत ओवर ड्रा में पंजाब ने पांच फीसद बिजली ली है, जबकि उत्तर प्रदेश ने 31, हरियाणा ने 18 और राजस्थान ने 15 फीसद ज्यादा बिजली ली है।
इसी बीच कई बार ऐसा समय भी आया है जब उत्तर प्रदेश ने 70 फीसद ज्यादा ओवर ड्रा किया है। 'अब ग्रिड ठप हो सकता हैÓ वाली 'सीÓ ग्रेड की चेतावनी उत्तर प्रदेश को चार बार मिली है, जबकि पंजाब को एक बार भी नहीं मिली है। चेयरमैन बताते हैं कि वे अपने पावर कंट्रोल के सिस्टम आपरेशन विभाग में हाल ही में गए हैं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्रिड को खतरे में डाल कर ओवर ड्रा ना किया जाए।
इंजी. केडी चौधरी कहते हैं कि बिजली की मांग कभी भी एक स्तर पर नहीं बनी रहती। ऐसे में कभी ग्रिड से ओवर ड्रा होती है तो कभी अंडर ड्रा, लेकिन फ्रिक्वेंसी को ध्यान में रख कर ही किया जाना चाहिए और एक सीमा में ही रहना चाहिए। चेयरमैन कहते हैं कि आज बुधवार को ग्रिड में मांग कम थी तो पंजाब नो 800 मेगावाट बिजली ओवर ड्रा की है, जबकि पंजाब के लिए उपलब्ध ट्रांसमिशन कोटा 5100 मेगावाट ही है और इसे 300 मेगावाट तक बढ़ाने की ही अनुमति है।

बाक्स
हरियाणा ने नहीं किए शार्ट टर्म खरीद समझौते

गर्मी व धान के सीजन में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए पंजाब ने 10 जून से बिजली खरीदने के शार्ट टर्म समझौते किए। नार्मल मानसून की रिपोर्ट को देखते हुए मई तक 32 मिलीयन यूनिट बिजली खरीदी गई। मानसून के ठंडा रहने की खबरों के बाद 1100 मिलीयन यूनिट बिजली के शार्ट टर्म समझौते भी पहली दरों 3.91 रूपये प्रति यूनिट की दर पर हो गए। यह काम भी मई अंत तक निपटा लिया गया। जिसने पंजाब को बचाया, जबकि हरियाणा ने ऐसी बिजली नहीं खरीदी। ऐसे में हरियाणा या तो हर रोज खरीद कर रहा है, या फिर ओवर ड्रा कर रहा है। जबकि उत्तर प्रदेश ने ओवर ड्रा का 70 फीसद तक का आंकड़ा छुआ है।

एक घंटे में चलाई बिजली, तीन में आधी सप्लाई बहाल
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पहले 2004 और फिर 2008 की सर्दियों में उत्तरी ग्रिड के ठप होने से मिले 'सबक' संभव है उत्तर भारत के बिजली इंजीनियर भूल गए हों, लेकिन एक दिन पहले ग्रिड के ठप होने का 'अनुभव' जरूर काम आया है और उत्तरी ग्रिड व पूर्वी ग्रिड के ठप होने के बाद पंजाब में दोपहर 1:08 बजे गुल हुई बिजली को एक घंटे में चालू कर लिया गया, जबकि तीन घंटे में प्रदेश में बिजली की आधी सप्लाई बहाल कर ली गई और शेष काम शाम ढलने से पहले निपटा लिए गए।
पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के पावर कंट्रोल के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि ग्रिड के ठप होते ही पंजाब को अन्य राज्यों के बिजली सिस्टम से डी-लिंक किया गया और सवा दो बजे भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ने अपना पहला यूनिट चालू कर लिया। भाखड़ा से मिली बिजली को पहले रोपड़ के श्री गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल प्लांट को दिया गया और फिर बठिंडा के श्री गुरु नानक देव थर्मल प्लांट को। इसी बीच पंजाब के अपने सभी पन बिजली केंद्रों ने उत्पादन शुरू कर दिया। थर्मल प्लांटों के ठंडे होने से बिजली मिल जाने के चलते इन्हें जल्द चालू करने में मदद मिली। सबसे पहले रोपड़ के दो यूनिट चालू किए गए और साढ़े चार बजे तक 50 फीसद क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बहाल कर ली गई। शेष सिस्टम को भी शाम ढलने से पहले चला लिया गया।

Saturday, 7 July 2012

मोतीबाग में लोड ठीकठाक, जांच रूटीन मैटर: चेयरमैन, PSPCL checks electricity load at Motibag palace


-टूटी हुई सीलें जोड़ी गई: पावरकाम 
...विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह स्पष्ट रूप से रूटीन मैटर है और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल अथवा प्रदेश सरकार की किसी अन्य अथारिटी के निर्देशों पर नहीं किया गया है। यह पीएसपीसीएल के निर्देशों पर की गई जांच है।

भूपेश चट्ठा, पटियाला
'मोतीबाग पैलेस में लोड ठीक-ठाक है...पैलेस में जांचे जा रहे बिजली मीटर एक रूटीन मैटर है...किसी भी सूचना की पुष्टि करना कर्मियों का फर्ज है...यही किया जा रहा हैÓ पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन इंजी. केडी चौधरी ने 'दैनिक जागरणÓ के साथ बातचीत में उक्त टिप्पणी की है।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान व पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार में विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर के निवास स्थान मोतीबाग पैलेस में बिजली मीटरों की जांच करने आज फिर गई पावरकाम के डिस्ट्रीब्यूशन व इंफोर्समेंट विंग की टीम ने अपनी सात से आठ घंटे की जांच में क्या पाया? के सवाल पर पावरकाम चेयरमैन कहते हैं कि 'सब कुछ ठीक है। मीडिया में रिपोर्ट आती है या कहीं से कोई सूचना आती है तो जांच करना जरूरी है अैार यही किया गया है।Ó
प्रदेश भर में पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से बिजली के मीटरों को घरों से बाहर निकाले जाने के चलाए जा रहे अभियान और पटियाला शहर में से एक लाख 17 हजार मीटरों में से लगभग सभी को घरों से बाहर करने  के बावजूद मोतीबाग पैलेस में से आज भी मीटर ना निकाले जाने की चेयरमैन इंजी. केडी चौधरी ने पुष्टि करते हुए कहा कि 'यह भी हो जाएगाÓ
वहीं देर सांय पावरकाम की ओर से जारी   गई विज्ञप्ति में कहा गया है कि मोतीबाग पैलेस में लगाए गए बिजली मीटरों क संदर्भ में सूचना आने अथवा सामान्य हालात में जांच करना पावरकाम के फील्ड कर्मियों का फर्ज है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है। पावरकाम ने जहां सीलें नदारद पाई वहां पर उन्हे जोड़ दिया गया। इसी विज्ञप्ति में एक बार फिर दोहराया गया है कि यह स्पष्ट रूप से रूटीन मैटर है और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल अथवा प्रदेश सरकार की किसी अन्य अथारिटी के निर्देशों पर नहीं किया गया है। यह पीएसपीसीएल के निर्देशों पर की गई जांच है।
वहीं पावरकाम के सूत्र बताते हैं कि पावरकाम के चेयरमैन इंजी. केडी चौधरी ने आज मुख्यमंत्री के समक्ष चंडीगढ़ में स्थिति स्पष्ट की है। जबकि पावरकाम की 14 सदस्यों की टीम ने जांच की है। इनमें दो एक्सीयन चार एसडीओ शामिल हैं। मोतीबाग पैलेस के लोड व 11 मीटरों की जांच की है। इनमें से एक एबी स्टड फार्म और आठ स्र्वेंट क्वाटरों और दो कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम हैं। इनमें से सर्वेंट क्वाटरों के मीटरों की सीलें टूटी पाई गई हैं।


मोतीबाग पैलेस में पावरकाम टीम को नहीं जाने दिया
-बिजली के कनेक्शन, लोड और मीटरों की जांच करने गई थी इंफोर्समेंट विंग टीम
-घर पर किसी के ना होने का हवाला दिया गया, सोमवार को फिर से होगी जांच: चेयरमैन
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान व पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और संयुक्त प्रगतीशील गठबंधन की सरकार में विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर के निवास मोतीबाग पैलेस में पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड पावरकाम के इंफोर्समेंट विंग की टीम को आज रविवार को नहीं जाने दिया गया। सुरक्षा कर्मियों की ओर से कहा गया कि 'घर में कोई नहीं है...जब मालिक आ जाएं तभी आनाÓ।
सुरक्षा दस्ते की ओर से दिए गए इस टके से जवाब के बाद पावरकाम की टीम बिना कनेक्शनों की जांच किए ही लौट आई।
 पावरकाम के दस्ते ने मोतीबाग पैलेस के बिजली के कनेक्शनों, कुल लोड और मोतीबाग पैलेस में लगे 11 मीटरों की जांच करने उक्त टीम गई थी। इससे पहले टीम पैलेस के लोड का डाटा एकत्र कर चुकी है।
वहीं पावरकाम के चैयरमैन इंजी. केडी चौधरी ने इस संबंध में 'दैनिक जागरणÓ को बताया कि आज जांच करने गए अधिकारियों से घर पर किसी के ना होने का हवाला दिया गया है, ऐसे में आज जांच नहीं हो पाई है। साथ ही वे स्पष्ट करते हैं कि ये रूटीन जांच है, इसे आप छापामारी नहीं कह सकते। पावरकाम ने अपने कनेक्शन जांचने होते हैं और मीटरों की जांच करनी होती है। चैयरमैन ने कहा कि अब  सोमवार को फिर से जांच की जाएगी।
दूसरी ओर पावरकाम के सूत्र बताते हैं कि 11 में से आठ मीटरों की सीलें टूटी हुई पाई गई हैं। हालांकि ये सभी कैप्टन अमरिंदर के सरवेंट क्वाटरों की हैं, लेकिन है सभी पैलेस के परिसर में मौजूद हैं। दो कनेक्शन कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम हैं जबकि एक उनके एबी स्टड फार्म के नाम से है। सूत्र ये भी बताते हैं कि लोड अधिक पाए जाने की स्थिति में तीन साल के पुराने बिलों के अनुसार पेनाल्टी लगाई जाएगी। मौके पर धन राशि ना दिए जाने की सूरत में एफआईआर दर्ज की जाएगी।
उधर मोतीबाग पैलेस के कर्मियों का कहना है कि सरवेंट क्वाटर बंद पड़े हैं ऐसे में बिजली की रीडींग जीरो आना स्वभाविक है।