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Tuesday, 31 January 2012

पटियाला जिले में मतदान से चार दिन पहले के हालात, punjab election, trends, 4 days before election


 
कांग्रेस- 4 पटियाला शहर, पटियाला ग्रामीण, नाभा, सनौर
अकाली-4 समाना, शुतराणा, घनौर, राजपुरा

कड़ा मुकाबला- घनौर, राजपुरा, सनौर


पिछला रिकार्ड
कांग्रेस-6 पटियाला शहर, पटियाला ग्रामीण, समाना, शुतराणा, सनौर, घनौर, नाभा
भाजपा- 1 राजपुरा
 अकाली- 1 बनूड़ अब डेरा बस्सी हुई




1 पटियाला शहर
मुकाबला एकतरफा व कैप्टन अमरिंदर के पक्ष में है। 

अकाली उम्मीदवार सुरजीत सिंह कोहली व उनके मेयर पुत्र की ओर से भी हल्का प्रचार ही किया जा रहा है। मेयर एक घंटे में एक ही स्थान पर जा रहे हैं, जबकि कैप्टन अमरिंदर की बेटी रोजाना और पत्नि एक दिन छोड़ कर आ रही हैं।

2 पटियाला ग्रामीण
मुकाबला त्रिकोणीय पर कांग्रेस के ब्रहम महिंदरा की बढ़त

निर्दलीय सतबीर सिंह खटड़ा के आक्रमक प्रचार के चलते ग्रामीण व युवा वर्ग का वोट बैंक अकालियों कुलदीप कौर टोहड़ा के हाथ से फिसल रहा है, शहर में रूझान उन्हें समझ नहीं आ रहा। जबकि ब्रहम महिंदरा शहर के त्रिपड़ी टाउन में बहावलपुर बिरादरी के अलावा पुराने लोगों को साथ लेने में सफल हो गए हैं।  

3 समाना
अकाली उम्मीदवार सुरजीत रखड़ा बढ़त बनाए हुए हैं। 

कांग्रेस के रणइंद्र सिंह अपने बठिंडा क लोगों को साथ लेने के अलावा दो पूर्व अकालियों पूर्व विधायकजगतार सिंह राजला और गुरकीरत सिंह थूही को साथ लिए घूम रहे है। उनकी उम्मीद परनीत कौर पर ही टिकी है जबकि रखड़ा घबराए हुए जरूर हैं और बेहद संभल कर कदम रख रहे हैं।  

4 सनौर
मुकाबला फंसा है कांग्रेस के लाल सिंह परेशान

अकाली तेजिदंर पाल संधू ने घाघ सियासतदान कांग्रेस के लाल सिंह को कड़ी टक्कर दे रखी है। उम्मीद के विपरीत परीसीमन के बाद जुड़े गांवों में लाल सिंह कमजोर हैं तो पुराने क्षेत्र में उनके विरोध में भी आवाजें आ रही  हैं। इस बार अकाली दल से कोई भी बागी नहीं है।

5 शुतराणा

अकाली दल के पक्ष में हवा बनने लगी
 
कैप्टन अमरिंदर की रैली से उम्मीदें लगाए बैठे निर्मल सिंह शुतराणा दो बार भावनाओं के सहारे जीते हैं लेकिन इस बार अकाली दल का टिकट चुनाव, बनिंदर कौर लूंबा, खासा सही साबित हो रहा है। अकाली बहुल मानी जाती सीट पर परनीत कौर के आने के बाद से हालात बदले रहे थे पर अब सुखबीर का असर दिख रहा है। एसओआई मुद्दा बन रही है।

6घनौर
मुकाबला त्रिकोणीय, गणित अकालियों के पक्ष में आने लगा

अकाली दल के बागी हुए और कैप्टन अमरिंदर के पुराने सहयोगी भाउ भाईचारा के प्रधान बलविंदर सिंह सैफदीपुर ने दोनों के समीकरण बिगाड़ रखे हैं। परीसीमन के बाद दो साल पहले तक अकाली दल के लिए पक्की समझी जा रही सीट का गणित अब अकालियों के पक्ष में आरहा है। भाउ भाईचारा कांग्रेस के वोट ज्यादा तोड़ रहा है, कामरेड व जसजीत रंधावा के समर्थक मदन लाल जलालपुर से दूरी बनाए हुए हैं।

7 राजपुरा
भाजपा के राजखुराना असहज पर अब हालात पक्ष में

बहावलपुरी बिरादरी में कुछ लोगों की नाराजगी अभी दूर नहीं हुई, कांग्रेस के कंबोज पर लगा बाहरी का ठप्पा अब हल्का पड़ गया है, आसपास के गांवों विशेष रूप से बनूड़ के पास, में कांग्रेस को समर्थन मिल रहा है।    

8 नाभा

लोगों को नही है दिलचस्पी, हवा कांग्रेस के पक्ष में

दोनों ही उम्मीदवारों के बाहर से आने पर स्थानीय वोटर को दिलचस्पी नहीं है। कांग्रेस के साधु सिंह धर्मसोत का खुला विरोध नहीं है वहीं अकाली दल में लालका को टिकट ना दिया जाना चर्चा में है।