Saturday, 1 October 2011

अब न चांदी चंगी , न सोना खरा, business, gold, silver, trading


भूपेश चट्ठा, पटियाला : कहते हैं कि सोना कभी सस्ता नहीं होता, लेकिन यह कभी महंगा भी नहीं लगता। जब कभी जरूरत होती है तो चाहे जो दाम हों, इसकी खरीदारी जरूर की जाती है। दाम के मामले में ये हमेशा ऊपर की ओर ही रुख करता है, हालांकि इसके दाम कभी-कभार एक स्तर पर टिककर महंगाई कम होने का अहसास जरूर करवाते हैं, लेकिन इन दिनों में सोने-चांदी की अंगड़ाइयों से सर्राफा कारोबारी बुरी तरह त्रस्त हो चुके हैं।

सोने-चांदी के दामों में आ रहे उतार चढ़ाव पर पटियाला स्वर्णकार एसोसिएशन के प्रधान सतपाल वर्मा कहते हैं कि ये किसी भी तरह से स्वर्णकारों के हित में नहीं है। ग्राहक को दाम कोई और बताए जाते हैं तो खरीद किसी और दाम पर होती है। ऐसे में सौदा हमेशा खरा नहीं रहता। उतार-चढ़ाव को वह माफिया के हत्थे चढ़ने और सट्टेबाजी के साथ जोड़ते हैं। वह कहते हैं कि संकट एक दो देशों में होता है पर दाम सारी दुनिया को झेलना पड़ता है।
श्राद्ध के दिनों में खरीदारी करने के सवाल पर सतपाल वर्मा कहते हैं कि सोमवार को चांदी के दाम कम हुए तो तीन लोगों को तो वे जानते हैं, जो 15-15 किलो चांदी खरीदना चाहते थे, लेकिन फिजीकल चांदी बाजार में मौजूद ही नहीं थी।
वहीं ब्रोकर आशीष गोयल कहते हैं कि डेरीवेटिव सेगमेंट में कुछ भी हो सकता है। इसमें रिस्क खासा रहता है। एक-दो लाट में कमाई तो एक-दो लाट में नुकसान जारी है। आजकल आए कुछ साफ्टवेयर भी वस्तु को कभी खरीदने तो कभी बेचने की सलाह देते हैं। जबकि चीज मौजूद नहीं होती। डालर के दामों में रुपये की तुलना में हुई बढ़ोतरी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।
ट्रेडिंग में भाग लेने वाले गुरजीत वालिया कहते हैं कि श्राद्ध के बाद नवरात्र-त्यौहारों व विवाह सीजन से फिजीकल गोल्ड-सिल्वर में खरीदारी तेज हो जाएगी। इससे कुछ स्थायित्व जरूर आएगा, लेकिन बाकी उतार-चढ़ाव जारी रहेंगे। एक दिन पहले सोना 15 सौ रुपये गिरा है तो आज हजार रुपये चढ़ा भी है। संभव है कि अगले साल मार्च तक सोना 32 हजार के पार हो। ऐसे में सोना कभी महंगा नहीं होता जब मिले, ले लेना चाहिए।

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