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Saturday, 4 August 2012

तीन लाख यूनिट बचाने तीन करोड़ का टाइम टेबल बदला, To save 3 lu units, pspcls changes schedule of 3 crores


-हमे खबर थी पर लोगों को संदेश देना जरूरी: चेयरमैन
-सरकारी कार्यालयों में एसी पर प्रतिबंध से बचे दो लाख यूनिट और लाइट के अंतर से एक लाख यूनिट अनुमानित: डायरेक्टर वितरण
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 23 सौ लाख यूनिट का आंकड़ा छूने को है, मांग व आपूर्ति का अंतर पिछले एक महीने 20 दिन से 250 से 395 लाख यूनिट प्रतिदिन के बीच रह रहा है। इसी बीच पंजाब सरकार ने एक आदेश जारी कर सरकारी कार्यालयों का समय बदल दिया और एसी बंद करवा दिए। दिलचस्प है कि सरकार की मशक्कत से बिजली के तो कुल तीन लाख यूनिट बचे पर राज्य की करीब तीन करोड़ की आबादी का टाइम टेबल जरूर बदल गया है।
पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन इंजी. केडी चौधरी से इसी संदर्भ में बात किए जाने पर उन्होंने बताया कि एसी बंद करने से दो लाख यूनिट बिजली बची है। साथ ही वे कहते हैं कि सबसे पहले अपने कार्यालयों में एसी बंद करने वाला पावरकाम ही था। वे यह भी स्वीकार करते हैं कि ये मात्रा खासी कम है। उन्हें इस बात की खबर थी पर लोगों को संदेश देना जरूरी है कि सरकारी अफसर गर्मी में बिना एसी चलाए काम कर रहे हैं और इसे देखकर लोग भी किफायत से एसी का प्रयोग करें।
 चेयरमैन कहते हैं कि राज्य में चल रहे सभी एसी का कुल लोड 15 सौ से दो हजार मेगावाट के बीच है। यह खासा अधिक है लोग किफायत से एसी का प्रयोग करें। कम से कम बेतहाशा बर्बादी ना करें और प्रयोग में 50 फीसद कमी भी ले आएं तो कट रोके जा सकते हैं।
दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों में एसी पर प्रतिबंध से बचे दो लाख यूनिट के अलावा समय में हुए बदलाव से लाइट के प्रयोग के अंतर से संभावित रूप से एक लाख यूनिट बचने का अनुमान है। डायरेक्टर वितरण अरुण वर्मा बताते हैं कि सटीक आंकड़े आने अभी शेष है।
याद रहे कि पावरकाम एक दिन में बिजली की मांग व आपूर्ति के बीच का अंतर रात 12 बजे से अगले दिन रात 12 बजे के बीच 24 घंटों में निकालता है। साधारण परिस्थितियों में बिजली का आंकड़ा किसी भी समय में मेगावाट में तोला जाता है तो पूरे दिन की खपत लाख यूनिट में नापी जाती है।
दूसरी ओर पावरकाम के कुछ अधिकारी कार्यालय समय बदलने के अलावा अभी किसी अन्य प्रकार के उपाय नहीं करने जा रहा है। अपने यहां पर एसी पूरी तरह से प्रतिबंधित होने का दावा करता है तो अन्य कार्यालयों में प्रतिबंध लागू करने की जिम्मेदारी डिप्टी कमिश्नरों पर डालते हैं। इतना ही नहीं पावरकाम के 65 हजार कर्मियों और सरकारी विभागों में काम करते पांच लाख कर्मियों और इन विभागों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी तीन करोड़ की आबादी का टाइम टेबल बदलने पर स्वयं को फिलहाल 'मानीटरÓ के नजरिए से देखते हैं।