-दिहाड़ीदारों को भुक्की, तो निठल्लों को भांग, पर छठा दरिया हर ओर बहने लगा
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब में फसल की बिजाई-कटाई का सीजन हो या विवाह-शादी का शरीर को 'चार्जÓ किए रखने के लिए एक ना एक नशे का सहारा लिया जाता है और चुनावी सीजन में यह वक्त की जरूरत, उम्मीदवारों की मजबूरी और वोटरों के लिए जरूरी चीज बन जाती है। चुनाव प्रचार को अब तक अपने मुताबिक ना पाते हुए अब उम्मीदवारों ने आखिरकार अपना आजमाया हुआ नुस्खा ही बाजार में उतारना शुरु कर दिया है। भुक्की, भांग या दारू के साथ चुनाव मैदान में रात को प्रचार बंद होने के बाद अपनी नैया पार उतारने के प्रयास बड़े स्तर पर शुरु हो गए हैं।
चुनाव आयोग के आदर्श चुनाव आचार संहिता के डंडे के चलते अब तक जो नशे दूर दराज के क्षेत्रों में तस्करों की कस्टडी अथवा मिडल मैन के ठिकानों पर ही पड़े थे उन्हें अब 'गंतव्यÓ स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इसका असर शनिवार शाम से ही दिखना शुरु हो गया है। नाम प्रकाशित ना किए जाने की शर्त पर एक पूर्व लोक संपर्क अधिकारी बताते हैं लगभग हर क्षेत्र में देर सांय होने वाली बैठक में ठंड के बावजूद जमा होने वाली भीड़ संभावित रूप से इसी 'विचारधाराÓ से जुड़ी है।
वहीं सोशल साइंसेज एंड हेल्थ फोरम के डा. पीपी खोसला प्रदेश में चल रहे चुनावी ट्रेंड पर बताते हैं कि मेहनत करने वाला छोटा किसान है या खेत मजदूर या फिर दिहाड़ीदार को अब एक बार फिर चुनाव आयोग के 'आदर्शÓ से बाहर निकाला जा रहा है। प्रलोभन के मामले में युवा वर्ग को 'सूटा अथवा टासूÓ निशुल्क उपलब्ध करवाने तो 'सीनियर सिटीजनÓ को भांग हर तरीके से मुहैया करवाई जा रही है। वे कहते हैं कि रोपड़, होशियारपुर, गुरदासपुर जैसे पहाड़ी जिले इस तरह की 'बूट्टीÓ के लिए कुख्यात हैं तो बठिंडा, अबोहर, फिरोजपुर, मुक्तसर जैसे राजस्थान से लगते रेतीले जिले चूरा पोस्त की सप्लाई लिए बैठे हैं जबकि कच्ची, पक्की, ब्रांडेड शराबछठे दरिया के रूप में हर ओर बहने लगा है।
इसी संबंध में शराब के एक कारोबारी बताते हैं कि ठेकों पर से मांग में कहीं भी अतिरिक्त बढ़ोतरी दर्ज नहीं हो रही है लेकिन शराब दिखाई जरूर देने लगी है। निसंदेह ये कहीं बाहर से ही लाई जा रही है। इसे रोका जाना चाहिए। किसने? कहां? और कैसे बनाई है? इसके बारे में ना तो पीने वाले को पता होता है और ना ही बांटने वाले को ऐसे में चुनावी शराब के मामले में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना हमेशा रहती है।