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Tuesday, 31 January 2012

फिर सजी त्रिकोणीय मुकाबले की बिसात, punjab election,ghanour, constituency,



विधान सभा क्षेत्र- घन्नौर
मतदाता-एक लाख 36 हजार, 606
पुरुष-73 हजार 786
महिला-62 हजार 820

मतदान केंद्र-122, बूथ-172, अति संवेदनशील-15, संवेदनशील-27

भूपेश चट्ठा, पटियाला
पटियाला जिले व लोक सभा क्षेत्र में सबसे कड़ा व त्रिकोणीय किंतु दिलचस्प मुकाबला देने वाला घन्नौर विधान सभा क्षेत्र का चुनाव परिणाम क्या रहेगा यह तो समय की गर्त में ही है लेकिन इस बार फिर बिसात पूरी तरह से त्रिकोणीय मुकाबले के लिए सज चुकी है।
कांग्रेस से टिकट ना मिलने पर निर्दलीय के रूप में अपना दमखम दिखाने वाले मदनलाल जलालपुर विधायक होते ही अकाली हो गए और पिछले लोक सभा चुनावों से पहले कांग्रेसी हो गए। क्षेत्र के हालातों की तरह चुनावी हालात में एक-दो नामों के अलावा कोई विशेष बदलाव नहीं आया है। शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अजैब सिंह मुखमैलपुर के स्थान पर उनकी पत्नि हरप्रीत कौर हैं तो निर्दलीय के रूप में अंतराष्ट्रीय भाऊ भाईचारा के प्रधान व मोदी खानों से लोकप्रियता हासिल करने वाले बलविंदर सिंह सैफदीपुर आ खड़े हुए हैं।
सात सौ वोटों के अंतर से पिछले चुनाव का निर्णय हुआ था और तीनों उम्मीदवारों को 30 से 35 हजार के बीच वोट मिले। मदन लाल जलालपुर विपक्ष में बैठ कर खुद पर से एंटीइंकबैंसी का असर दूर कर चुके हैं। अब ये असर सत्ताधारी दल से होने के चलते पहली बार चुनाव लड़ रही हरप्रीत कौर मुखमैलपुर झेल रही हैं। हालांकि यह भी सही है कि अकाली दल ने यहां से 2007 में विधान सभा चुनाव हारने के बाद 2009 में अकाली दल ने यहां से बढ़त बनाई थी। पर स्थानीय मुद्दों और बढ़ती मंहगाई के बीच होने जा रहे चुनाव में यहां का वोटर अपनी जरूरतें पूरी होते पहले देखना चाहता है।
क्षेत्र की मुख्य सड़कों का ट्रैक रिकार्ड पिछली अकाली-भाजपा सरकार के समय से ही ठीक रहा है। लेकिन सिंचाई के लिए नहरी पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं हो पाई है। यहां जब भी पानी आया बाढ़ के साथ ही आया है। जिस जगह पर सतलुज यमुना लिंक नहर का नींव पत्थर रखा गया आज वहां पीने के पानी के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती है।  

कांग्रेस:- मदन लाल जलालपुर
ताकत-कंबोज बिरादरी का समर्थन व युवा वर्ग का नेटवर्क
कमजोरी-पुराने वफादारों का ना होना
अवसर-सत्ता में आने पर बड़ी जिम्मेदारी
चुनौती-पिछड़े वोट बैंक को संभालना

 शिअद-भाजपा:-हरप्रीत कौर मुखमैलपुर
ताकत-टक्साली अकाली वोट बैंक
कमजोरी-रिप्लेसमेंट की छवी बनना
अवसर-जीतने और सत्ता में आने पर मंत्री पद
चुनौती-खुद को साबित करना


निर्दलीय:-बलविंदर सिंह सैफदीपुर
ताकत-20-22 हजार लोगों को मासिक मुफ्त राशन
कमजोरी-पार्टी का नेटवर्क नहीं
अवसर-राजनीतिक शक्ति पाना
चुनौती-चुनावी लोकतंत्र का पहला अनुभव



लोगों को क्या चाहिए
-घग्गर की बाढ़ को नियंत्रित कर स्थायी समाधान, एसवाईएल का पंगा दूर करना, भाखड़ा मैन लाइन की नरवाना ब्रांच पर लाछड़ू के पास साइफन बनाना, वर्तमान साइफन बड़े कर दोनों नहरों के बीच बसे 22 गांवों को झील बनने से बचाना, अंबाला की ओर जाने वाले क्षतिग्रस्त पुलों का निमार्ण करवाना, कस्बे में मार्डन बस अड्डा बनवाना आम आदमी की जरूरतों में शामिल है।

Friday, 23 December 2011

पानी आया नहीं, जब आया तो बाढ़ आई, punjab election, 2012, ghanour





विधान सभा क्षेत्र- घन्नौर

भूपेश चट्ठा, पटियाला
पटियाला जिले व लोक सभा क्षेत्र में सबसे कड़ा व त्रिकोणीय किंतु दिलचस्प मुकाबला देने वाले घन्नौर विधान सभा क्षेत्र की मुख्य सड़कों का ट्रैक रिकार्ड पिछली अकाली-भाजपा सरकार के समय से ही अच्छा रहा है। लेकिन सिंचाई के लिए नहरी पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं हो पाई है। यहां जब भी पानी आया बाढ़ के साथ ही आया है।
दिलचस्प है कि जिस जगह पर सतलुज यमुना लिंक नहर का नींव पत्थर रखा गया आज वहां पीने के पानी के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती है। ठीक ऐसे ही भाखड़ा मैन लाइन की नरवाना ब्रांच से हरियाणा दिल्ली को पानी यहीं से गुजरता है पर किसानों पर पानी चोरी करने के आरोप आम हैं। सरकारें आती जाती रही पर एक नहर सालों से बंद पड़ी है, जिसे चालू नहीं करवाया जा सका है। जबकि घग्गर की बाढ़ के स्थायी उपाय तो दूर की बात टूटी नहरों से आए पानी की बाढ़ को भी नहीं रोका जा सका है।  


दो वादे पूरे किए दो अगली सरकार में: जलालपुर
निर्दलीय प्रत्याशी लड़कियों के लिए डिग्री कालेज बनवाया और शंभू के पास रेलवे ब्रिज बनवाया दो वायदे पूरे किए और दो रह गए जिन्हें अगली सरकार में पूरा करवा लेंगे। इनमें पानी का मसला हल करवाना है, बनूड़ से आ रही नहर चालू नहीं है, जिसे चालू करवाया जाएगा इसके अलावा साइफन बनवाना क्षेत्र की बड़ी जरूरत है। हालांकि घग्गर की बाढ़ को नियंत्रित करने पर काम चल रहा पर यह अभी घन्नौर क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाया है।


स्कूल अपग्रेड करवाए, सड़कें बनवाई: मुखमैलपुर

शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़ दूसरे नंबर पर रहे पूर्व मंत्री अजैब सिंह मुखमैलपुर को पार्टी ने अपना हल्का इंचार्ज लगा कर अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता दे दी। आज वे कहते हैं कि उन्होंने क्षेत्र में स्कूलों को अपग्रेड करवाया और डिग्री कालेज की आजादी से चली आ रही मांग को पूरा करवाया है। साइफन ना बन पाने के सवाल पर वे कहते हैं कि उनकी सरकार बी ओर से इस दिशा में कोई कमी नहीं है, लेकिन वे नहर नहीं तोड़ सकते इसके लिए हाईकोर्ट की मंजूरी जरूरी है। साथ ही वे कहते हैं कि विकास के नाम पर ही अगला चुनाव लड़ेंगे।

क्या नहीं हुआ
-घग्गर की बाढ़ को नियंत्रित कर स्थायी समाधान
-एसवाईएल का पंगा दूर करना
-भाखड़ा मैन लाइन की नरवाना ब्रांच पर लाछड़ू के पास साइफन बनाना
-वर्तमान साइफन बड़े कर दोनों नहरों के बीच बसे 22 गांवों को झील बनने से बचाना
-अंबाला की ओर जाने वाले क्षतिग्रस्त पुलों का निमार्ण करवाना
-कस्बे में मार्डन बस अड्डा बनवाना